Leviticus · chapter 25 · verse 4
Leviticus 25:4 in Hindi
परन्तु सातवें वर्ष भूमि को यहोवा के लिये परमविश्रामकाल मिला करे; उस में न तो अपना खेत बोना और न अपनी दाख की बारी छांटना।
Parantu saatavem varsh bhoomi ko yahovaa ke liye paramavishraamakaal milaa kare; us mem na to apanaa khet bonaa aur na apanee daakh kee baaree chhaantanaa.
Leviticus 25:4 in English
- King James Version (KJV)
- But in the seventh year shall be a sabbath of rest unto the land, a sabbath for the LORD: thou shalt neither sow thy field, nor prune thy vineyard.
- World English Bible (WEB)
- but in the seventh year there shall be a Sabbath of solemn rest for the land, a Sabbath to the LORD. You shall not sow your field or prune your vineyard.
- American Standard Version (ASV)
- but in the seventh year shall be a sabbath of solemn rest for the land, a sabbath unto Jehovah: thou shalt neither sow thy field, nor prune thy vineyard.
- Bible in Basic English (BBE)
- But let the seventh year be a Sabbath of rest for the land, a Sabbath to the Lord; do not put seed into your land or have your vines cut.
- Darby Translation (DBY)
- but in the seventh year shall be a sabbath of rest for the land, a sabbath to Jehovah. Thy field shalt thou not sow, and thy vineyard shalt thou not prune.
- Webster's Bible (WBS)
- But in the seventh year shall be a sabbath of rest to the land, a sabbath for the LORD: thou shalt neither sow thy field, nor prune thy vineyard.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and in the seventh year a sabbath of rest is to the land, a sabbath to Jehovah; thy field thou dost not sow, and thy vineyard thou dost not prune;
Read in context
- 2इस्त्राएलियों से कह, कि जब तुम उस देश में प्रवेश करो जो मैं तुम्हें देता हूं, तब भूमि को यहोवा के लिये विश्राम मिला करे।
- 3छ: वर्ष तो अपना अपना खेत बोया करना, और छहों वर्ष अपनी अपनी दाख की बारी छांट छांटकर देश की उपज इकट्ठी किया करना;
- 4परन्तु सातवें वर्ष भूमि को यहोवा के लिये परमविश्रामकाल मिला करे; उस में न तो अपना खेत बोना और न अपनी दाख की बारी छांटना।
- 5जो कुछ काटे हुए खेत में अपने आप से उगे उसे न काटना, और अपनी बिन छांटी हुई दाखलता की दाखों को न तोड़ना; क्योंकि वह भूमि के लिये परमविश्राम का वर्ष होगा।
- 6और भूमि के विश्रामकाल ही की उपज से तुम को, और तुम्हारे दास- दासी को, और तुम्हारे साथ रहनेवाले मजदूरों और परदेशियों को भी भोजन मिलेगा;
Cross references
- Leviticus 25:20–23 लैव्यव्यवस्था 25:20–23और यदि तुम कहो, कि सातवें वर्ष में हम क्या खाएंगे, न तो हम बोएंगे न अपने खेत की उपज इकट्ठी करेंगे? तो जानो कि मैं तुम को छठवें वर्ष में ऐसी आशीष दूंगा, कि भूमि की उपज तीन वर्ष तक काम आएगी। तुम आठवें वर्ष में बोओगे, और पुरानी उपज में से खाते रहोगे, और नवें वर्ष की उपज में से खाते रहोगे। भूमि सदा के लिये तो बेची न जाए, क्योंकि भूमि मेरी है; और उस में तुम परदेशी और बाहरी होगे।
- 2 Chronicles 36:21 2 इतिहास 36:21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- Exodus 23:10–11 निर्गमन 23:10–11छ: वर्ष तो अपनी भूमि में बोना और उसकी उपज इकट्ठी करना; परन्तु सातवें वर्ष में उसको पड़ती रहने देना और वैसा ही छोड़ देना, तो तेरे भाई बन्धुओं में के दरिद्र लोग उस से खाने पाएं, और जो कुछ उन से भी बचे वह बनैले पशुओं के खाने के काम में आए। और अपनी दाख और जलपाई की बारियों को भी ऐसे ही करना।
- Leviticus 26:34–35 लैव्यव्यवस्था 26:34–35तब जितने दिन वह देश सूना पड़ा रहेगा और तुम अपने शत्रुओं के देश में रहोगे उतने दिन वह अपने विश्रामकालों को मानता रहेगा। और जितने दिन वह सूना पड़ा रहेगा उतने दिन उसको विश्राम रहेगा, अर्थात् जो विश्राम उसको तुम्हारे वहां बसे रहने के समय तुम्हारे विश्रामकालों में न मिला होगा वह उसको तब मिलेगा।
- Leviticus 26:43 लैव्यव्यवस्था 26:43और वह देश उन से रहित होकर सूना पड़ा रहेगा, और उनके बिना सूना रहकर भी अपने विश्रामकालों को मानता रहेगा; और वे लोग अपने अधर्म के दण्ड को अंगीकार करेगें, इसी कारण से कि उन्हों ने मेरी आज्ञाओं का उलंघन किया था, और उनकी आत्माओं को मेरी विधियों से घृणा थी।