Leviticus · chapter 25 · verse 2
Leviticus 25:2 in Hindi
इस्त्राएलियों से कह, कि जब तुम उस देश में प्रवेश करो जो मैं तुम्हें देता हूं, तब भूमि को यहोवा के लिये विश्राम मिला करे।
Istraaeliyom se kah, ki jab tum us desh mem pravesh karo jo maim tumhem detaa hoom, tab bhoomi ko yahovaa ke liye vishraam milaa kare.
Leviticus 25:2 in English
- King James Version (KJV)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, When ye come into the land which I give you, then shall the land keep a sabbath unto the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “Speak to the children of Israel, and tell them, ‘When you come into the land which I give you, then the land shall keep a Sabbath to the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, When ye come into the land which I give you, then shall the land keep a sabbath unto Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Say to the children of Israel, When you come into the land which I will give you, let the land keep a Sabbath to the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Speak unto the children of Israel and say unto them, When ye come into the land that I will give you, the land shall celebrate a sabbath to Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Speak to the children of Israel, and say to them, When ye come into the land which I give you, then shall the land keep a sabbath to the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Speak unto the sons of Israel, and thou hast said unto them, When ye come in unto the land which I am giving to you, then hath the land kept a sabbath to Jehovah.
Read in context
- 1फिर यहोवा ने सीनै पर्वत के पास मूसा से कहा,
- 2इस्त्राएलियों से कह, कि जब तुम उस देश में प्रवेश करो जो मैं तुम्हें देता हूं, तब भूमि को यहोवा के लिये विश्राम मिला करे।
- 3छ: वर्ष तो अपना अपना खेत बोया करना, और छहों वर्ष अपनी अपनी दाख की बारी छांट छांटकर देश की उपज इकट्ठी किया करना;
- 4परन्तु सातवें वर्ष भूमि को यहोवा के लिये परमविश्रामकाल मिला करे; उस में न तो अपना खेत बोना और न अपनी दाख की बारी छांटना।
Cross references
- 2 Chronicles 36:21 2 इतिहास 36:21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- Exodus 23:10 निर्गमन 23:10छ: वर्ष तो अपनी भूमि में बोना और उसकी उपज इकट्ठी करना;
- Leviticus 26:34–35 लैव्यव्यवस्था 26:34–35तब जितने दिन वह देश सूना पड़ा रहेगा और तुम अपने शत्रुओं के देश में रहोगे उतने दिन वह अपने विश्रामकालों को मानता रहेगा। और जितने दिन वह सूना पड़ा रहेगा उतने दिन उसको विश्राम रहेगा, अर्थात् जो विश्राम उसको तुम्हारे वहां बसे रहने के समय तुम्हारे विश्रामकालों में न मिला होगा वह उसको तब मिलेगा।
- Isaiah 8:8 यशायाह 8:8और वह यहूदा पर भी चढ़ आएगा, और बढ़ते बढ़ते उस पर चढ़ेगा और गले तक पहुंचेगा; और हे इम्मानुएल, तेरा समस्त देश उसके पंखों के फैलने से ढंप जाएगा।।
- Deuteronomy 32:49 व्यवस्थाविवरण 32:49उस अबारीम पहाड़ की नबो नाम चोटी पर, जो मोआब देश में यरीहो के साम्हने है, चढ़कर कनान देश जिसे मैं इस्राएलियों की निज भूमि कर देता हूं उसको देख ले।
- Leviticus 14:34 लैव्यव्यवस्था 14:34जब तुम लोग कनान देश में पहुंचो, जिसे मैं तुम्हारी निज भूमि होने के लिये तुम्हें देता हूं, उस समय यदि मैं कोढ़ की व्याधि तुम्हारे अधिकार के किसी घर में दिखाऊं,
- Psalm 24:1–2 भजन संहिता 24:1–2पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करनेवाले भी। क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ करके रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।।
- Leviticus 23:32 लैव्यव्यवस्था 23:32वह दिन तुम्हारे लिये परमविश्राम का हो, उस में तुम अपने अपने जीव को दु:ख देना; और उस महीने के नवें दिन की सांझ से ले कर दूसरी सांझ तक अपना विश्रामदिन माना करना॥
- Deuteronomy 34:4 व्यवस्थाविवरण 34:4तब याहोवा ने उस से कहा, जिस देश के विषय में मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाकर कहा था, कि मैं इसे तेरे वंश को दूंगा वह यही है। मैं ने इसको तुझे साक्षात दिखला दिया है, परन्तु तू पार होकर वहां जाने न पाएगा।
- Deuteronomy 32:8 व्यवस्थाविवरण 32:8जब परमप्रधान ने एक एक जाति को निज निज भाग बांट दिया, और आदमियों को अलग अलग बसाया, तब उस ने देश देश के लोगों के सिवाने इस्राएलियों की गिनती के अनुसार ठहराए।।
- Psalm 115:16 भजन संहिता 115:16स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उस ने मनुष्यों को दी है।
- Jeremiah 27:5 यिर्मयाह 27:5अपने अपने स्वामी से यों कहो कि पृथ्वी को और पृथ्वी पर के मनुष्यों और पशुओं को अपनी बड़ी शक्ति और बढ़ाई हुई भुजा के द्वारा मैं ने बनाया, और जिस किसी को मैं चाहता हूँ उसी को मैं उन्हें दिया करता हूँ।