Deuteronomy · chapter 27 · verse 15
Deuteronomy 27:15 in Hindi
कि शापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्त्ति कारीगर से खुदवाकर वा ढलवाकर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इस से यहोवा को घृणा लगती है। तब सब लोग कहें, आमीन।।
Ki shaapit ho vah manushy jo koee moortti kaareegar se khudavaakar vaa dhalavaakar niraale sthaan mem sthaapan kare, kyonki is se yahovaa ko ghrunaa lagatee hai. Tab sab log kahem, aameen..
Deuteronomy 27:15 in English
- King James Version (KJV)
- Cursed [be] the man that maketh [any] graven or molten image, an abomination unto the LORD, the work of the hands of the craftsman, and putteth [it] in [a] secret [place]. And all the people shall answer and say, Amen.
- World English Bible (WEB)
- ‘Cursed is the man who makes an engraved or molten image, an abomination to the LORD, the work of the hands of the craftsman, and sets it up in secret.’ All the people shall answer and say, ‘Amen.’
- American Standard Version (ASV)
- Cursed be the man that maketh a graven or molten image, an abomination unto Jehovah, the work of the hands of the craftsman, and setteth it up in secret. And all the people shall answer and say, Amen.
- Bible in Basic English (BBE)
- Cursed is the man who makes any image of wood or stone or metal, disgusting to the Lord, the work of man's hands, and puts it up in secret. And let all the people say, So be it.
- Darby Translation (DBY)
- Cursed be the man that maketh a graven or molten image, an abomination to Jehovah, a work of the craftsman's hand, and putteth it up secretly! And all the people shall answer and say, Amen.
- Webster's Bible (WBS)
- Cursed [be] the man that maketh [any] graven or molten image, an abomination to the LORD, the work of the hands of the artificer, and putteth [it] in [a] secret [place] : and all the people shall answer, and say Amen.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Cursed [is] the man who maketh a graven and molten image, the abomination of Jehovah, work of the hands of an artificer, and hath put [it] in a secret place, — and all the people have answered and said, Amen.
Read in context
- 13और रूबेन, गाद, आशेर, जबूलून, दान, और नप्ताली, ये एबाल पहाड़ पर खड़े होके शाप सुनाएं।
- 14तब लेवीय लोग सब इस्राएली पुरूषों से पुकारके कहें,
- 15कि शापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्त्ति कारीगर से खुदवाकर वा ढलवाकर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इस से यहोवा को घृणा लगती है। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- 16शापित हो वह जो अपने पिता वा माता को तुच्छ जाने। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- 17शापित हो वह जो किसी दूसरे के सिवाने को हटाए। तब सब लोग कहें, आमीन।।
Cross references
- Exodus 34:17 निर्गमन 34:17तुम देवताओं की मूत्तियां ढालकर न बना लेना।
- Exodus 20:4 निर्गमन 20:4तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है।
- Leviticus 26:1 लैव्यव्यवस्था 26:1तुम अपने लिये मूरतें न बनाना, और न कोई खुदी हुई मूर्ति वा लाट अपने लिये खड़ी करना, और न अपने देश में दण्डवत् करने के लिये नक्काशीदार पत्थर स्थापन करना; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- Deuteronomy 5:8 व्यवस्थाविवरण 5:8तु अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी की प्रतिमा बनाना जो आकाश में, वा पृथ्वी के जल में है;
- Leviticus 19:4 लैव्यव्यवस्था 19:4तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएं ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- Exodus 20:23 निर्गमन 20:23तुम मेरे साथ किसी को सम्मिलित न करना, अर्थात् अपने लिये चान्दी वा सोने से देवताओं को न गढ़ लेना।
- Deuteronomy 4:16–23 व्यवस्थाविवरण 4:16–23कहीं ऐसा न हो कि तुम बिगड़कर चाहे पुरूष चाहे स्त्री के, चाहे पृथ्वी पर चलनेवाले किसी पशु, चाहे आकाश में उड़नेवाले किसी पक्षी के, चाहे भूमि पर रेंगनेवाले किसी जन्तु, चाहे पृथ्वी के जल में रहनेवाली किसी मछली के रूप की कोई मूर्त्ति खोदकर बना लो, वा जब तुम आकाश की ओर आंखे उठाकर, सूर्य, चंद्रमा, और तारों को, अर्थात् आकाश का सारा तारागण देखो, तब बहककर उन्हें दण्डवत् करके उनकी सेवा करने लगो जिनको तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने धरती पर के सब देशवालों के लिये रखा है। और तुम को यहोवा लोहे के भट्ठे के सरीखे मि देश से निकाल ले आया है, इसलिये कि तुम उसकी प्रजारूपी निज भाग ठहरो, जैसा आज प्रगट है। फिर तुम्हारे कारण यहोवा ने मुझ से क्रोध करके यह शपथ खाई, कि तू यरदन पार जाने न पाएगा, और जो उत्तम देश इस्राएलियों का परमेश्वर यहोवा उन्हें उनका निज भाग करके देता है उस में तू प्रवेश करने न पाएगा। किन्तु मुझे इसी देश में मरना है, मैं तो यरदन पार नहीं जा सकता; परन्तु तुम पार जाकर उस उत्तम देश के अधिकारी हो जाओगे। इसलिये अपने विषय में तुम सावधान रहो, कहीं ऐसा न हो कि तुम उस वाचा को भूलकर, जो तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम से बान्धी है, किसी और वस्तु की मूर्त्ति खोदकर बनाओ, जिसे तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को मना किया है।
- 1 Corinthians 14:16 1 कुरिन्थियों 14:16नहीं तो यदि तू आत्मा ही से धन्यवाद करेगा, तो फिर अज्ञानी तेरे धन्यवाद पर आमीन क्योंकि कहेगा? इसलिये कि वह तो नहीं जानता, कि तू क्या कहता है?
- Hosea 13:2–3 होशे 13:2–3और अब वे लोग पाप पर पाप बढ़ाते जाते हैं, और अपनी बुद्धि से चान्दी ढालकर ऐसी मूरतें बनाई हैं जो कारीगरों ही से बनीं। उन्हीं के विषय लोग कहते हैं, जो नरमेघ करें, वे बछड़ों को चूमें! इस कारण वे भोर के मेघ, तड़के सूख जानेवाली ओस, खलिहान पर से आंधी के मारे उड़नेवाली भूसी, या चिमनी से निकलते हुए धूएं के समान होंगे।।
- 2 Kings 17:19 2 राजा 17:19यहूदा ने भी अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाएं न मानीं, वरन जो विधियां इस्राएल ने चलाई थीं, उन पर चलने लगे।
- Deuteronomy 28:16–19 व्यवस्थाविवरण 28:16–19अर्थात् शापित हो तू नगर में, शापित हो तू खेत में। शापित हो तेरी टोकरी और तेरी कठौती। शापित हो तेरी सन्तान, और भूमि की उपज, और गायों और भेड़- बकरियों के बच्चे। शापित हो तू भीतर आते समय, और शापित हो तू बाहर जाते समय।
- Deuteronomy 29:17 व्यवस्थाविवरण 29:17तब तुम ने उनकी कैसी कैसी घिनौनी वस्तुएं, और काठ, पत्थर, चांदी, सोने की कैसी मूरतें देखीं।
Original words (Hebrew)
- Cursed · H779אָרַר ʼârar
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- maketh · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- graven · H6459פֶּסֶל peçel
- image · H4541מַסֵּכָה maççêkâh
- abomination · H8441תּוֹעֵבַה tôwʻêbah
- work · H4639מַעֲשֶׂה maʻăseh
- hands · H3027יָד yâd
- craftsman · H2796חָרָשׁ chârâsh
- putteth · H7760שׂוּם sûwm
- secret · H5643סֵתֶר çêther
- people · H5971עַם ʻam
- answer · H6030עָנָה ʻânâh
- say · H559אָמַר ʼâmar
- Amen · H543אָמֵן ʼâmên