Leviticus · chapter 26 · verse 20
Leviticus 26:20 in Hindi
और तुम्हारा बल अकारथ गंवाया जाएगा, क्योंकि तुम्हारी भूमि अपनी उपज न उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने फल न देंगे।
Aur tumhaaraa bal akaarath ganvaayaa jaaegaa, kyonki tumhaaree bhoomi apanee upaj na upajaaegee, aur maidaan ke vruksh apane phal na denge.
Leviticus 26:20 in English
- King James Version (KJV)
- And your strength shall be spent in vain: for your land shall not yield her increase, neither shall the trees of the land yield their fruits.
- World English Bible (WEB)
- Your strength will be spent in vain; for your land won’t yield its increase, neither will the trees of the land yield their fruit.
- American Standard Version (ASV)
- and your strength shall be spent in vain; for your land shall not yield its increase, neither shall the trees of the land yield their fruit.
- Bible in Basic English (BBE)
- And your strength will be used up without profit; for your land will not give her increase and the trees of the field will not give their fruit.
- Darby Translation (DBY)
- and your strength shall be spent in vain, and your land shall not yield its produce; and the trees of the land shall not yield their fruit.
- Webster's Bible (WBS)
- And your strength shall be spent in vain: for your land shall not yield her increase, neither shall the trees of the land yield their fruits.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and consumed hath been your strength in vain, and your land doth not give her produce, and the tree of the land doth not give its fruit.
Read in context
- 18और यदि तुम इन बातों के उपरान्त भी मेरी न सुनो, तो मैं तुम्हारे पापों के कारण तुम्हें सातगुणी ताड़ना और दूंगा,
- 19और मैं तुम्हारे बल का घमण्ड तोड़ डालूंगा, और तुम्हारे लिये आकाश को मानो लोहे का और भूमि को मानो पीतल की बना दूंगा;
- 20और तुम्हारा बल अकारथ गंवाया जाएगा, क्योंकि तुम्हारी भूमि अपनी उपज न उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने फल न देंगे।
- 21और यदि तुम मेरे विरूद्ध चलते ही रहो, और मेरा कहना न मानों, तो मैं तुम्हारे पापों के अनुसार तुम्हारे ऊपर और सातगुणा संकट डालूंगा।
- 22और मैं तुम्हारे बीच बन पशु भेजूंगा, जो तुम को निर्वंश करेंगे, और तुम्हारे घरेलू पशुओं को नाशकर डालेंगे, और तुम्हारी गिनती घटाएंगे, जिस से तुम्हारी सड़के सूनी पड़ जाएंगी।
Cross references
- Psalm 127:1 भजन संहिता 127:1यदि घर को यहोवा न बानाए, तो उसके बनानेवालों को परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।
- Deuteronomy 11:17 व्यवस्थाविवरण 11:17और यहोवा का कोप तुम पर भड़के, और वह आकाश की वर्षा बन्द कर दे, और भूमि अपनी उपज न दे, और तुम उस उत्तम देश में से जो यहोवा तुम्हें देता है शीघ्र नष्ट हो जाओ।
- Isaiah 49:4 यशायाह 49:4तब मैं ने कहा, मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है।।
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?
- Leviticus 26:4 लैव्यव्यवस्था 26:4तो मैं तुम्हारे लिये समय समय पर मेंह बरसाऊंगा, तथा भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने अपने फल दिया करेंगे;
- 1 Corinthians 3:6 1 कुरिन्थियों 3:6मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया।
- Deuteronomy 28:42 व्यवस्थाविवरण 28:42तेरे सब वृक्ष और तेरी भूमि की उपज टिडि्डयां खा जाएंगी।
- Haggai 1:9–11 हाग्गै 1:9–11तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थेड़ी ही है; और जब तुम उसे घर ले आए, तब मैं ने उसको उड़ा दिया। सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, ऐसा क्यों हुआ? क्या इसलिये नहीं, कि मेरा भवन उजाड़ पड़ा है और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है? इस कारण आकाश से ओस गिरना और पृथ्वी से अन्न उपजना दोनों बन्द हैं। और मेरी आज्ञा से पृथ्वी और पहाड़ों पर, और अन्न और नये दाखमधु पर और ताजे तेल पर, और जो कुछ भूमि से उपजता है उस पर, और मनुष्यों और घरैलू पशुओं पर, और उनके परिश्रम की सारी कमाई पर भी अकाल पड़ा है।।
- Deuteronomy 28:18 व्यवस्थाविवरण 28:18शापित हो तेरी सन्तान, और भूमि की उपज, और गायों और भेड़- बकरियों के बच्चे।
- Isaiah 17:11 यशायाह 17:11चाहे रोपने के दिन तू अपने चारों और बाड़ा बान्धे, और बिहान ही को उन में फूल खिलने लगें, तौभी सन्ताप और असाध्य दु:ख के दिन उसका फल नाश हो जायेगा।।
- Job 31:40 अय्यूब 31:40तो गेहूं के बदले झड़बेड़ी, और जव के बदले जंगली घास उगें! अरयूब के वचन पूरे हुए हैं।
- Haggai 2:16 हाग्गै 2:16उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दास ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे।