Luke · chapter 10 · verse 7
Luke 10:7 in Hindi
उसी घर में रहो, और जो कुछ उन से मिले, वही खाओ पीओ, क्योंकि मजदूर को अपनी मजदूरी मिलनी चाहिए: घर घर न फिरना।
Usee ghar mem raho, aur jo kuchh un se mile, vahee khaao peeo, kyonki majadoor ko apanee majadooree milanee chaahie: ghar ghar na phiranaa.
Luke 10:7 in English
- King James Version (KJV)
- And in the same house remain, eating and drinking such things as they give: for the labourer is worthy of his hire. Go not from house to house.
- World English Bible (WEB)
- Remain in that same house, eating and drinking the things they give, for the laborer is worthy of his wages. Don’t go from house to house.
- American Standard Version (ASV)
- And in that same house remain, eating and drinking such things as they give: for the laborer is worthy of his hire. Go not from house to house.
- Bible in Basic English (BBE)
- And keep in that same house, taking what food and drink they give you: for the worker has a right to his reward. Do not go from house to house.
- Darby Translation (DBY)
- And in the same house abide, eating and drinking such things as they have; for the workman is worthy of his hire. Remove not from house to house.
- Webster's Bible (WBS)
- And in the same house remain, eating and drinking such things as they give: for the laborer is worthy of his hire. Go not from house to house.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And in that house remain, eating and drinking the things they have, for worthy [is] the workman of his hire; go not from house to house,
Read in context
- 5जिस किसी घर में जाओ, पहिले कहो, कि इस घर पर कल्याण हो।
- 6यदि वहां कोई कल्याण के योग्य होगा; तो तुम्हारा कल्याण उस पर ठहरेगा, नहीं तो तुम्हारे पास लौट आएगा।
- 7उसी घर में रहो, और जो कुछ उन से मिले, वही खाओ पीओ, क्योंकि मजदूर को अपनी मजदूरी मिलनी चाहिए: घर घर न फिरना।
- 8और जिस नगर में जाओ, और वहां के लोग तुम्हें उतारें, तो तो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ।
- 9वहां के बीमारों को चंगा करो: और उन से कहो, कि परमेश्वर का राज्य तुम्हारे निकट आ पहुंचा है।
Cross references
- 1 Timothy 5:17–18 1 तीमुथियुस 5:17–18जो प्राचीन अच्छा प्रबन्ध करते हैं, विशेष करके वे जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं, दो गुने आदर के योग्य समझे जाएं। क्योंकि पवित्रा शास्त्रा कहता है, कि दांवनेवाले बैल का मुंह न बान्धना, क्योंकि मजदूर अपनी मजदूरी का हक्कदार है।
- Matthew 10:10–11 मत्ती 10:10–11मार्ग के लिये न झोली रखो, न दो कुरते, न जूते और न लाठी लो, क्योंकि मजदूर को उसका भोजन मिलना चाहिए। जिस किसी नगर या गांव में जाओ तो पता लगाओ कि वहां कौन योग्य है? और जब तक वहां से न निकलो, उसी के यहां रहो।
- 1 Corinthians 9:4–15 1 कुरिन्थियों 9:4–15क्या हमें खाने- पीने का अधिकार नहीं? क्या हमें यह अधिकार नहीं, कि किसी मसीही बहिन को ब्याह कर के लिए फिरें, जैसा और प्रेरित और प्रभु के भाई और कैफा करते हैं? या केवल मुझे और बरनबास को अधिकार नहीं कि कमाई करना छोड़ें। कौन कभी अपनी गिरह से खाकर सिपाही का काम करता है: कौन दाख की बारी लगाकर उसका फल नहीं खाता? कौन भेड़ों की रखवाली करके उन का दूध नहीं पीता? क्या मैं ये बातें मनुष्य ही की रीति पर बोलता हूं? क्या व्यवस्था भी यही नहीं कहती? क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा है कि दांए में चलते हुए बैल का मुंह न बान्धना: क्या परमेश्वर बैलों ही की चिन्ता करता है? या विशेष करके हमारे लिये कहता है। हां, हमारे लिये ही लिखा गया, क्योंकि उचित है, कि जातनेवाला आशा से जोते, और दावनेवाला भागी होने की आशा से दावनी करे। सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें। जब औरों का तुम पर यह अधिकार है, तो क्या हमारा इस से अधिक न होगा? परन्तु हम यह अधिकार काम में नहीं लाए; परन्तु सब कुछ सहते हैं, कि हमारे द्वारा मसीह के सुसमाचार की कुछ रोक न हो। क्या तुम नहीं जानते कि जो पवित्रा वस्तुओं की सेवा करते हैं, वे मन्दिर में से खाते हैं; और जो वेदी की सेवा करते हैं; वे वेदी के साथ भागी होते हैं? इसी रीति से प्रभु ने भी ठहराया, कि जो लोग सुसमाचार सुनाते हैं, उन की जीविका सुसमाचार से हो। परन्तु मैं इन में से कोई भी बात काम में न लाया, और मैं ने तो ये बातें इसलिये नहीं लिखीं, कि मेरे लिये ऐसा किया जाए, क्योंकि इस से तो मेरा मरना ही भला है; कि कोई मेरा घमण्ड व्यर्थ ठहराए।
- 2 Timothy 2:6 2 तीमुथियुस 2:6जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
- Galatians 6:6 गलातियों 6:6जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्तुओं में सिखानेवाले को भागी करे।
- Deuteronomy 12:18–19 व्यवस्थाविवरण 12:18–19उन्हें अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने उसी स्थान पर जिसको वह चुने अपने बेटे बेटियों और दास दासियों के, और जो लेवीय तेरे फाटकों के भीतर रहेंगे उनके साथ खाना, और तू अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने अपने सब कामों पर जिन में हाथ लगाया हो आनन्द करना। और सावधान रह कि जब तक तू भूमि पर जीवित रहे तब तक लेवियों को न छोड़ना।।
- 3 John 1:5–8 3 यूहन्ना 1:5–8हे प्रिय, जो कुछ तू उन भाइयों के साथ करता है, जो परदेशी भी हैं, उसे विश्वासी की नाई करता है। उन्हों ने मण्डली के साम्हने तेरे प्रेम की गवाही दी थी: यदि तू उन्हें उस प्रकार विदा करेगा जिस प्रकार परमेश्वर के लोगों के लिये उचित है तो अच्छा करेगा। क्योंकि वे उस नाम के लिये निकले हैं, और अन्यजातियों से कुछ नहीं लेते। इसलिये ऐसों का स्वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।।
- Mark 6:10 मरकुस 6:10और उस ने उन से कहा; जहां कहीं तुम किसी घर में उतरो तो जब तक वहां से विदा न हो, तब तक उसी में ठहरे रहो।
- Acts 16:15 प्रेरितों के काम 16:15और जब उस ने अपने घराने समेत बपतिस्मा लिया, तो उस ने बिनती की, कि यदि तुम मुझे प्रभु की विश्वासिनी समझते हो, तो चलकर मेरे घर में रहो; और वह हमें मनाकर ले गई।।
- Acts 16:34 प्रेरितों के काम 16:34और उस ने उन्हें अपने घर में ले जाकर, उन के आगे भोजन रखा और सारे घराने समेत परमेश्वर पर विश्वास करके आनन्द किया।।
- Luke 9:4 लूका 9:4और जिस किसी घर में तुम उतरो, वहीं रहो; और वहीं से विदा हो।
- Philippians 4:17–18 फिलिप्पियों 4:17–18यह नहीं कि मैं दान चाहता हूं परन्तु मैं ऐसा फल चाहता हूं, जो तुम्हारे लाभ के लिये बढ़ता जाए। मेरे पास सब कुछ है, बरन बहुतायत से भी है: जो वस्तुएं तुम ने इपफ्रुदीतुस के हाथ से भेजी थीं उन्हें पाकर मैं तृप्त हो गया हूं, वह तो सुगन्ध और ग्रहण करने के योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है।