Luke · chapter 11 · verse 52
Luke 11:52 in Hindi
हाय तुम व्यवस्थापकों पर! कि तुम ने ज्ञान की कुंजी ले तो ली, परन्तु तुम ने आपही प्रवेश नहीं किया, और प्रवेश करनेवालों को भी रोक दिया।
Haay tum vyavasthaapakom par! Ki tum ne jnyaan kee kunjee le to lee, parantu tum ne aapahee pravesh naheem kiyaa, aur pravesh karanevaalom ko bhee rok diyaa.
Luke 11:52 in English
- King James Version (KJV)
- Woe unto you, lawyers! for ye have taken away the key of knowledge: ye entered not in yourselves, and them that were entering in ye hindered.
- World English Bible (WEB)
- Woe to you lawyers! For you took away the key of knowledge. You didn’t enter in yourselves, and those who were entering in, you hindered.”
- American Standard Version (ASV)
- Woe unto you lawyers! for ye took away the key of knowledge: ye entered not in yourselves, and them that were entering in ye hindered.
- Bible in Basic English (BBE)
- A curse is on you, teachers of the law! for you have taken away the key of knowledge: you did not go in yourselves, and you got in the way of those who were going in.
- Darby Translation (DBY)
- Woe unto you, the doctors of the law, for ye have taken away the key of knowledge; yourselves have not entered in, and those who were entering in ye have hindered.
- Webster's Bible (WBS)
- Woe to you, lawyers! for ye have taken away the key of knowledge: ye have not entered in yourselves, and them that were entering in ye hindered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Woe to you, the lawyers, because ye took away the key of the knowledge; yourselves ye did not enter; and those coming in, ye did hinder.'
Read in context
- 50ताकि जितने भविष्यद्वक्ताओं का लोहू जगत की उत्पत्ति से बहाया गया है, सब का लेखा, इस युग के लोगों से लिया जाए।
- 51हाबील की हत्या से लेकर जकरयाह की हत्या तक जो वेदी और मन्दिर के बीच में घात किया गया: मैं तुम से सच कहता हूं; उसका लेखा इसी समय के लोगों से लिया जाएगा।
- 52हाय तुम व्यवस्थापकों पर! कि तुम ने ज्ञान की कुंजी ले तो ली, परन्तु तुम ने आपही प्रवेश नहीं किया, और प्रवेश करनेवालों को भी रोक दिया।
- 53जब वह वहां से निकला, तो शास्त्री और फरीसी बहुत पीछे पड़ गए और छेड़ने लगे, कि वह बहुत सी बातों की चर्चा करे।
- 54और उस की घात में लगे रहे, कि उसके मुंह की कोई बात पकड़ें।।
Cross references
- Matthew 23:13 मत्ती 23:13हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उस में प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।।
- Malachi 2:7 मलाकी 2:7क्योंकि याजक को चाहिये कि वह अपने आंठों से ज्ञान की रक्षा करे, और लोग उसके मुंह से व्यवस्था पूछें, क्योंकि वह सेनाओं के यहोवा का दूत है।
- Acts 4:17–18 प्रेरितों के काम 4:17–18परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें। तब उन्हें बुलाया और चितौनी देकर यह कहा, कि यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखलाना।
- Luke 11:45–46 लूका 11:45–46तब एक व्यवस्थापक ने उस को उत्तर दिया, कि हे गुरू, इन बातों के कहने से तू हमारी निन्दा करता है। उस ने कहा; हे व्यवस्थापकों, तुम पर भी हाय! तुम ऐसे बोझ जिन को उठाना कठिन है, मनुष्यों पर लादते हो परन्तु तुम आप उन बोझों को अपनी एक उंगली से भी नहीं छूते।
- John 9:24–34 यूहन्ना 9:24–34तब उन्हों ने उस मनुष्य को जो अन्धा था दूसरी बार बुलाकर उस से कहा, परमेश्वर की स्तुति कर; हम तो जानते हैं कि वह मनुष्य पापी है। उस ने उत्तर दिया: मैं नहीं जानता कि वह पापी है या नहीं: मैं एक बात जानता हूं कि मैं अन्धा था और अब देखता हूं। उन्हों ने उस से फिर कहा, कि उस ने तेरे साथ क्या किया? और किस तेरह तेरी आंखें खोली? उस ने उन से कहा; मैं तो तुम से कह चुका, और तुम ने ने सुना; अब दूसरी बार क्यों सुनना चाहते हो? क्या तुम भी उसके चेले होना चाहते हो? तब वे उसे बुरा- भला कहकर बोले, तू ही उसका चेला है; हम तो मूसा के चेले हैं। हम जानते हैं कि परमेश्वर ने मूसा से बातें कीं; परन्तु इस मनुष्य को नहीं जानते की कहां का है। उस ने उन को उत्तर दिया; यह तो अचम्भे की बात है कि तुम नहीं जानते की कहां का है तौभी उस ने मेरी आंखें खोल दीं। हम जानते हैं कि परमेश्वर पापियों की नहीं सुनता परन्तु यदि कोई परमेश्वर का भक्त हो, और उस की इच्छा पर चलता है, तो वह उस की सुनता है। जगत के आरम्भ से यह कभी सुनने में नहीं आया, कि किसी ने भी जन्म के अन्धे की आंखे खोली हों। यदि यह व्यक्ति परमेश्वर की ओर से न होता, तो कुछ भी नहीं कर सकता। उन्हों ने उस को उत्तर दिया, कि तू तो बिलकुल पापों में जन्मा है, तू हमें क्या सिखाता है? और उन्हों ने उसे बाहर निकाल दिया।।
- John 7:47–52 यूहन्ना 7:47–52फरीसियों ने उन को उत्तर दिया, क्या तुम भी भरमाए गए हो? क्या सरदारों या फरीसियों में से किसी ने भी उस पर विश्वास किया है? परन्तु ये लोग जो व्यवस्था नहीं जानते, स्त्रापित हैं। नीकुदेमुस ने, (जो पहिले उसके पास आया था और उन में से एक था), उन से कहा। क्या हमारी व्यवस्था किसी व्यक्ति को जब तक पहिले उस की सुनकर जान न ले, कि वह क्या करता है; दोषी ठहराती है? उन्हों ने उसे उत्तर दिया; क्या तू भी गलील का है ढूंढ़ और देख, कि गलील से कोई भविष्यद्वक्ता प्रगट नहीं होने का।
- Luke 19:39–40 लूका 19:39–40तब भीड़ में से कितने फरीसी उस से कहने लगे, हे गुरू अपने चेलों को डांट। उस ने उत्तर दिया, कि तुम में से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।।
- Acts 5:40 प्रेरितों के काम 5:40तब उन्हों ने उस की बात मान ली; और प्रेरितों को बुलाकर पिटवाया; और यह आज्ञा देकर छोड़ दिया, कि यीशु के नाम से फिर बातें न करना।