Luke · chapter 11 · verse 54
Luke 11:54 in Hindi
और उस की घात में लगे रहे, कि उसके मुंह की कोई बात पकड़ें।।
Aur us kee ghaat mem lage rahe, ki usake munh kee koee baat pakaden..
Luke 11:54 in English
- King James Version (KJV)
- Laying wait for him, and seeking to catch something out of his mouth, that they might accuse him.
- World English Bible (WEB)
- lying in wait for him, and seeking to catch him in something he might say, that they might accuse him.
- American Standard Version (ASV)
- laying wait for him, to catch something out of his mouth.
- Bible in Basic English (BBE)
- And watching him, for a chance to get something from his words which might be used against him.
- Darby Translation (DBY)
- watching him, [and seeking] to catch something out of his mouth, [that they might accuse him].
- Webster's Bible (WBS)
- Laying wait for him, and seeking to catch something from his mouth, that they might accuse him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- laying wait for him, and seeking to catch something out of his mouth, that they might accuse him.
Read in context
- 52हाय तुम व्यवस्थापकों पर! कि तुम ने ज्ञान की कुंजी ले तो ली, परन्तु तुम ने आपही प्रवेश नहीं किया, और प्रवेश करनेवालों को भी रोक दिया।
- 53जब वह वहां से निकला, तो शास्त्री और फरीसी बहुत पीछे पड़ गए और छेड़ने लगे, कि वह बहुत सी बातों की चर्चा करे।
- 54और उस की घात में लगे रहे, कि उसके मुंह की कोई बात पकड़ें।।
Cross references
- Mark 12:13 मरकुस 12:13तब उन्हों ने उसे बातों में फंसाने के लिये कई एक फरीसियों और हेरोदियों को उसके पास भेजा।
- Matthew 22:35 मत्ती 22:35और उन में से एक व्यवस्थापक ने परखने के लिये, उस से पूछा।
- Matthew 22:15 मत्ती 22:15तब फरीसियों ने जाकर आपस में विचार किया, कि उस को किस प्रकार बातों में फंसाएं।
- Luke 20:20 लूका 20:20और वे उस की ताक में लगे और भेदिये भेजे, कि धर्म का भेष धरकर उस की कोई न कोई बात पकड़ें, कि उसे हाकिम के हाथ और अधिकार में सौंप दें।
- Psalm 56:5–6 भजन संहिता 56:5–6वे दिन भर मेरे वचनों को, उलटा अर्थ लगा लगाकर मरोड़ते रहते हैंद्ध उनकी सारी कल्पनाएं मेरी ही बुराई करने की होती है। वे सब मिलकर इकट्ठे होते हैं और छिपकर बैठते हैं; वे मेरे कदमों को देखते भालते हैं मानों वे मेरे प्राणों की घात में ताक लगाए बैठें हों।
- Psalm 37:32–33 भजन संहिता 37:32–33दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है। यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।।
- Matthew 22:18 मत्ती 22:18यीशु ने उन की दुष्टता जानकर कहा, हे कपटियों; मुझे क्यों परखते हो?
- Mark 3:2 मरकुस 3:2और वे उस पर दोष लगाने के लिये उस की घात में लगे हुए थे, कि देखें, वह सब्त के दिन में उसे चंगा करता है कि नहीं।
Original words (Greek)
- wait · G1748ἐνεδρεύω enedreúō
- him · G846αὐτός autós
- and · G2532καί kaí
- seeking · G2212ζητέω zētéō
- catch · G2340θηρεύω thēreúō
- something · G5100τὶς tìs
- out · G1537ἐκ ek
- of · G4750στόμα stóma
- his · G846αὐτός autós
- mouth · G4750στόμα stóma
- that · G2443ἵνα hína
- accuse · G2723κατηγορέω katēgoréō
- him · G846αὐτός autós