Luke · chapter 22 · verse 67
Luke 22:67 in Hindi
यदि तू मसीह है, तो हम से कह दे! उस ने उन से कहा, यदि मैं तुम से कहूं तो प्रतीति न करोगे।
Yadi too maseeh hai, to ham se kah de! Us ne un se kahaa, yadi maim tum se kahoom to prateeti na karoge.
Luke 22:67 in English
- King James Version (KJV)
- Art thou the Christ? tell us. And he said unto them, If I tell you, ye will not believe:
- World English Bible (WEB)
- “If you are the Christ, tell us.” But he said to them, “If I tell you, you won’t believe,
- American Standard Version (ASV)
- If thou art the Christ, tell us. But he said unto them, If I tell you, ye will not believe:
- Bible in Basic English (BBE)
- If you are the Christ, say so. But he said, If I say so you will not have belief;
- Darby Translation (DBY)
- If thou art the Christ, tell us. And he said to them, If I tell you, ye will not at all believe;
- Webster's Bible (WBS)
- Saying, Art thou the Christ? tell us. And he said to them, If I tell you, ye will not believe.
- Young's Literal Translation (YLT)
- saying, 'If thou be the Christ, tell us.' And he said to them, 'If I may tell you, ye will not believe;
Read in context
- 65और उन्हों ने बहुत सी और भी निन्दा की बातें उसके विरोध में कहीं।।
- 66जब दिन हुआ तो लोगों के पुरनिए और महायाजक और शास्त्री इकट्ठे हुए, और उसे अपनी महासथा में लाकर पूछा,
- 67यदि तू मसीह है, तो हम से कह दे! उस ने उन से कहा, यदि मैं तुम से कहूं तो प्रतीति न करोगे।
- 68और यदि पूंछूं, तो उत्तर न दोगे।
- 69परनतु अब से मनुष्य का पुत्रा सर्वशक्तिमान परमेश्वर की दहिनी और बैठा रहेगा।
Cross references
- John 10:24–26 यूहन्ना 10:24–26तब यहूदियों ने उसे आ घेरा और पूछा, तू हमारे मन को कब तक दुविधा में रखेगा? यदि तू मसीह है, तो हम से साफ कह दे। यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मैं ने तुम से कह दिया, और तुम प्रतीति करते ही नहीं, जो काम मैं अपने पिता के नाम से करता हूं वे ही मेरे गवाह हैं। परन्तु तुम इसलिये प्रतीति नहीं करते, कि मेरी भेड़ों में से नहीं हो।
- Mark 14:61–66 मरकुस 14:61–66परन्तु वह मौन साधे रहा, और कुछ उत्तर न दिया: महायाजक ने उस से फिर पूछा, क्या तू उस परम धन्य का पुत्रा मसीह है? यीशु ने कहा; हां मैं हूं: और तुम मनुष्य के पुत्रा को सर्वशक्तिमान की दहिनी और बैठे, और आकाश के बादलों के साथ आते देखोगे। तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा; अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन है? तुम ने यह निन्दा सुनी: तुम्हारी क्या राय है उन सब ने कहा, वह वध के योग्य है। तब कोई तो उस पर थूकने, और कोई उसका मुंह ढांपने और उसे घूसे मारने, और उस से कहने लगे, कि भविष्यद्वाणी कर: और प्यादों ने उसे लेकर थप्पड़ मारे।। जब पतरस नीचे आंगन में था, तो महायाजक की लौंडियों में से एक वहां आई।
- John 9:27–28 यूहन्ना 9:27–28उस ने उन से कहा; मैं तो तुम से कह चुका, और तुम ने ने सुना; अब दूसरी बार क्यों सुनना चाहते हो? क्या तुम भी उसके चेले होना चाहते हो? तब वे उसे बुरा- भला कहकर बोले, तू ही उसका चेला है; हम तो मूसा के चेले हैं।
- Luke 16:31 लूका 16:31उस ने उस से कहा, कि जब वे मूसा और भविष्यद्वक्ताओं की नहीं सुनते, तो यदि मरे हुओं में से कोई भी जी उठे तौभी उस की नहीं मानेंगे॥
- John 5:39–47 यूहन्ना 5:39–47तुम पवित्रा शास्त्रा में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते। मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता। परन्तु मैं तुम्हें जानता हूं, कि तुम में परमेश्वर का प्रेम नहीं। मैं अपने पिता के नाम से आया हूं, और तुम मुझे ग्रहण नहीं करते; यदि कोई और अपने ही नाम से आए, तो उसे ग्रहण कर लोगे। तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किसी प्रकार विश्वास कर सकते हो? यह न समझो, कि मैं पिता के साम्हने तुम पर दोष लगाऊंगा: तुम पर दोष लगानेवाला तो है, अर्थात् मूसा जिस पर तुम ने भरोसा रखा है। क्योंकि यदि तुम मूसा की प्रतीति करते, तो मेरी भी प्रतीति करते, इसलिये कि उस ने मेरे विषय में लिखा है। परन्तु यदि तुम उस की लिखी हुई बातों की प्रतीति नहीं करते, तो मेरी बातों की क्योंकर प्रतीति करोगे।।
- Matthew 26:63–68 मत्ती 26:63–68मैं तुझे जीवते परमेश्वर की शपथ देता हूं, कि यदि तू परमेश्वर का पुत्रा मसीह है, तो हम से कह दे। यीशु ने उस से कहा; तू ने आप ही कह दिया: बरन मैं तुम से यह भी कहता हूं, कि अब से तुम मनुष्य के पुत्रा को सर्वशक्तिमान की दहिनी ओर बैठे, और आकाश के बादलों पर आते देखोगे। तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा, इस ने परमेश्वर की निन्दा की है, अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन? देखो, तुम ने अभी यह निन्दा सुनी है! तुम क्या समझते हो? उन्हों ने उत्तर दिया, यह वध होने के योग्य है। तब उन्हों ने उस से मुंह पर थूका, और उसे घूंसे मारे, औरों ने थप्पड़ मार के कहा। हे मसीह, हम से भविष्यद्ववाणी करके कह: कि किस ने तुझे मारा?
- Matthew 11:3–5 मत्ती 11:3–5कि क्या आनेवाला तू ही है: या हम दूसरे की बाट जोहें? यीशु ने उत्तर दिया, कि जो कुछ तुम सुनते हो और देखते हो, वह सब जाकर यूहन्ना से कह दो। कि अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहिरे सुनते हैं, मुर्दे जिलाए जाते हैं; और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।
- John 8:43–45 यूहन्ना 8:43–45तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते। तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, बरन झूठ का पिता है। परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते।
- John 12:37–43 यूहन्ना 12:37–43और उस ने उन के साम्हने इतने चिन्ह दिखाए, तौभी उन्हों ने उस पर विश्वास न किया। ताकि यशायाह भविष्यद्वक्ता का वचन पूरा हो जो उस ने कहा कि हे प्रभु हमारे समाचार की किस ने प्रतीति की है? और प्रभु का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? इस कारण वे विश्वास न कर सके, क्योंकि यशायाह ने फिर भी कहा। कि उस ने उन की आंखें अन्धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं। यशायाह ने ये बातें इसलिये कहीं, कि उस ने उस की महिमा देखी; और उस ने उसके विषय में बातें की। तौभी सरदारों में से भी बहुतों ने उस पर विश्वास किया, परन्तु फरीसियों के कारण प्रगट में नहीं मानते थे, ऐसा न हो कि आराधनालय में से निकाले जाएं। क्योंकि मनुष्यों की प्रशंसा उन को परमेश्वर की प्रशंसा से अधिक प्रिय लगती थी।।