Luke · chapter 4 · verse 28
Luke 4:28 in Hindi
ये बातें सुनते ही जितने आराधनालय में थे, सब क्रोध से भर गए।
Ye baatem sunate hee jitane aaraadhanaalay mem the, sab krodh se bhar gae.
Luke 4:28 in English
- King James Version (KJV)
- And all they in the synagogue, when they heard these things, were filled with wrath,
- World English Bible (WEB)
- They were all filled with wrath in the synagogue as they heard these things.
- American Standard Version (ASV)
- And they were all filled with wrath in the synagogue, as they heard these things;
- Bible in Basic English (BBE)
- And all who were in the Synagogue were very angry when these things were said to them.
- Darby Translation (DBY)
- And they were all filled with rage in the synagogue, hearing these things;
- Webster's Bible (WBS)
- And all they in the synagogue, when they heard these things, were filled with wrath,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And all in the synagogue were filled with wrath, hearing these things,
Read in context
- 26पर एलिरयाह उन में से किसी के पास नहीं भेजा गया, केवल सैदा के सारफत में एक विधवा के पास।
- 27और इलीशा भविष्यद्वक्ता के समय इस्राएल में बहुत से कोढ़ी थे, पर नामान सूरयानी को छोड़ उन में से काई शुद्ध नहीं किया गया।
- 28ये बातें सुनते ही जितने आराधनालय में थे, सब क्रोध से भर गए।
- 29और उठकर उसे नगर से बाहर निकाला, और जिस पहाड़ पर उन का नगर बसा हुआ था, उस की चोटी पर ले चले, कि उसे वहां से नीचे गिरा दें।
- 30पर वह उन के बीच में से निकलकर चला गया।।
Cross references
- Acts 7:54 प्रेरितों के काम 7:54ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे।
- Acts 22:21–23 प्रेरितों के काम 22:21–23और उस ने मुझ से कहा, चला जा: क्योंकि मैं तुझे अन्यजातियों के पास दूर दूर भेजूंगा।। वे इस बात तक उस की सुनते रहे; तब ऊंचे शब्द से चिल्लाए, कि ऐसे मनुष्य का अन्त करो; उसका जीवित रहता उचित नहीं। जब वे चिल्लाते और कपड़े फेंकते और आकाश में धूल उड़ाते थे;
- Jeremiah 37:15–16 यिर्मयाह 37:15–16तब हाकिमों ने यिर्मयाह से क्रोधित होकर उसे पिटवाया, और योनातान प्रधान के घर में बन्दी बनाकर डलवा दिया; क्योंकि उन्हों ने उसको साधारण बन्दीगृह बना दिया था। यिर्मयाह उस तलघर में जिस में कई एक कोठरियां थीं, रहने लगा।
- 1 Thessalonians 2:15–16 1 थिस्सलुनीकियों 2:15–16जिन्हों ने प्रभु यीशु को और भविष्यद्वक्ताओं को भी मार डाला और हम को सताया, और परमेश्वर उन से प्रसन्न नहीं; और वे सब मनुष्यों को विरोध करते हैं। और वे अन्यजातियों से उन के उद्धार के लिये बातें करने से हमें रोकते हैं, कि सदा अपने पापों का नपुआ भरते रहें; पर उन पर भयानक प्रकोप आ पहुंचा है।।
- Luke 6:11 लूका 6:11परन्तु वे आपे से बाहर होकर आपस में विवाद करने लगे कि हम यीशु के साथ क्या करें?
- 2 Chronicles 24:20–21 2 इतिहास 24:20–21और परमेश्वर का आत्मा यहोयादा याजक के पुत्रा जकर्याह में समा गया, और वह ऊंचे स्थन पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा, परमेश्वर यों कहता है, कि तुम यहोवा की आज्ञाओं को क्यों टालते हो? ऐसा करके तुम भाग्यवान नहीं हो सकते, देखो, तुम ने तो यहोवा को त्याग दिया है, इस कारण उस ने भी तुम को त्याग दिया। तब लोगों ने उस से द्रोह की गोष्ठी करके, राजा की आज्ञा से यहोवा के भवन के आंगन में उसको पत्थरवाह किया।
- Jeremiah 38:6 यिर्मयाह 38:6तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया।
- Luke 11:53–54 लूका 11:53–54जब वह वहां से निकला, तो शास्त्री और फरीसी बहुत पीछे पड़ गए और छेड़ने लगे, कि वह बहुत सी बातों की चर्चा करे। और उस की घात में लगे रहे, कि उसके मुंह की कोई बात पकड़ें।।
- Acts 5:33 प्रेरितों के काम 5:33यह सुनकर वे जल गए, और उन्हें मार डालना चाहा।
- 2 Chronicles 16:10 2 इतिहास 16:10तब आसा दश पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वहउसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा।