Malachi · chapter 1 · verse 2
Malachi 1:2 in Hindi
यहोवा यह कहता है, मैं ने तुम से प्रेम किया है, परन्तु तुम पूछते हो, तू ने किस बात में हम से प्रेम किया है? यहोवा की यह वाणी है, क्या एसाव याकूब का भाई न था?
Yahovaa yah kahataa hai, maim ne tum se prem kiyaa hai, parantu tum poochhate ho, too ne kis baat mem ham se prem kiyaa hai? Yahovaa kee yah vaanee hai, kyaa esaav yaakoob kaa bhaaee na thaa?
Malachi 1:2 in English
- King James Version (KJV)
- I have loved you, saith the LORD. Yet ye say, Wherein hast thou loved us? [Was] not Esau Jacob’s brother? saith the LORD: yet I loved Jacob,
- World English Bible (WEB)
- “I have loved you,” says the LORD. Yet you say, “How have you loved us?” “Wasn’t Esau Jacob’s brother?” says the LORD, “Yet I loved Jacob;
- American Standard Version (ASV)
- I have loved you, saith Jehovah. Yet ye say, Wherein hast thou loved us? Was not Esau Jacob’s brother? saith Jehovah: yet I loved Jacob;
- Bible in Basic English (BBE)
- You have been loved by me, says the Lord. But you say, Where was your love for us? Was not Esau Jacob's brother? says the Lord: but Jacob was loved by me,
- Darby Translation (DBY)
- I have loved you, saith Jehovah; but ye say, Wherein hast thou loved us? Was not Esau Jacob's brother? saith Jehovah, and I loved Jacob,
- Webster's Bible (WBS)
- I have loved you, saith the LORD. Yet ye say, In what hast thou loved us? [Was] not Esau Jacob's brother? saith the LORD: yet I loved Jacob,
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have loved you, said Jehovah, And ye have said, 'In what hast Thou loved us?'
Read in context
- 1मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन।।
- 2यहोवा यह कहता है, मैं ने तुम से प्रेम किया है, परन्तु तुम पूछते हो, तू ने किस बात में हम से प्रेम किया है? यहोवा की यह वाणी है, क्या एसाव याकूब का भाई न था?
- 3तौभी मैं ने याकूब से प्रेम किया परन्तु एसाव को अप्रिय जानकर उसके पहाड़ों को उजाड़ डाला, और उसकी बपौती को जंगल के गीदड़ों का कर दिया है।
- 4एदोम कहता है, हमारा देश उजड़ गया है, परन्तु हम खण्डहरों को फिरकर बसाएंगे; सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यदि वे बनाए भी, परन्तु मैं ढा दूंगा; उनका नाम दुष्ट जाति पड़ेगा, और वे ऐसे लोग कहलाएंगे जि पर यहोवा सदैव क्रोधित रहे।
Cross references
- Jeremiah 31:3 यिर्मयाह 31:3यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है।
- Isaiah 41:8–9 यशायाह 41:8–9हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुने हुए याकूब, हे मेरे प्रेमी इब्राहीम के वंश; तू जिसे मैं ने पृथ्वी के दूर दूर देशों से लिया और पृथ्वी की छोर से बुलाकर यह कहा, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे चुला है और तजा नहीं;
- Deuteronomy 10:15 व्यवस्थाविवरण 10:15तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।
- Romans 9:10–13 रोमियों 9:10–13और केवल यही नहीं, परन्तु जब रिबका भी एक से अर्थात् हमारे पिता इसहाक से गर्भवती थी। और अभी तक न तो बालक जन्मे थे, और न उन्हों ने कुछ भला या बुरा किया था कि उस ने कहा, कि जेठा छुटके का दास होगा। इसलिये कि परमेश्वर की मनसा जो उसके चुन लेने के अनुसार है, कर्मों के कारण नहीं, परन्तु बुलानेवाले पर बनी रहे। जैसा लिखा है, कि मैं ने याकूब से प्रेम किया, परन्तु एसौ को अप्रिय जाना।।
- Malachi 3:13–14 मलाकी 3:13–14यहोवा यह कहता है, तुम ने मेरे विरूद्ध ढिठाई की बातें कही हैं। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने तेरे विरूद्ध में क्या कहा है? तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
- Deuteronomy 4:37 व्यवस्थाविवरण 4:37और उस ने जो तेरे पितरों से प्रेम रखा, इस कारण उनके पीछे उनके वंश को चुन लिया, और प्रत्यक्ष होकर तुझे अपने बड़े सामर्थ्य के द्वारा मि से इसलिये निकाल लाया,
- Isaiah 43:4 यशायाह 43:4मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।
- Malachi 3:7–8 मलाकी 3:7–8अपने पुरखाओं के दिनों से तुम लोग मेरी विधियों से हटते आए हो, ओर उनका पालन नहीं करते। तुम मेरी ओर फिरो, तब मैं भी तुम्हारी ओर फिरूंगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है; परन्तु तुम पूछते हो, हम किस बात में फिरें? क्या मनुष्य परमेश्वर को धोखा दे सकता है? देखो, तुम मुझ को धोखा देते हो, और तौभी पूछते हो कि हम ने किस बात में तुझे लूटा है? दशमांश और उठाने की भेंटों में।
- Deuteronomy 32:8–14 व्यवस्थाविवरण 32:8–14जब परमप्रधान ने एक एक जाति को निज निज भाग बांट दिया, और आदमियों को अलग अलग बसाया, तब उस ने देश देश के लोगों के सिवाने इस्राएलियों की गिनती के अनुसार ठहराए।। क्योंकि यहोवा का अंश उसकी प्रजा है; याकूब उसका नपा हुआ निज भाग है।। उस ने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजनेवालों से भरी हुई मरूभूमि में पाया; उस ने उसके चंहु ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आंख की पुतली की नाई उसकी सुधि रखी।। जैसे उकाब अपने घोंसले को हिला हिलाकर अपने बच्चों के ऊपर ऊपर मण्डलाता है, वैसे ही उस ने अपने पंख फैलाकर उसको अपने परों पर उठा लिया।। यहोवा अकेला ही उसकी अगुवाई करता रहा, और उसके संग कोई पराया देवता न था।। उस ने उसको पृथ्वी के ऊंचे ऊंचे स्थानों पर सवार कराया, और उसको खेतों की उपज खिलाई; उस ने उसे चट्टान में से मधु और चकमक की चट्ठान में से तेल चुसाया।। गायों का दही, और भेड़- बकरियों का दूध, मेम्नों की चर्बी, बकरे और बाशान की जाति के मेढ़े, और गेहूं का उत्तम से उत्तम आटा भी; और तू दाखरस का मधु पिया करता था।।
- Deuteronomy 7:6–8 व्यवस्थाविवरण 7:6–8क्योंकि तू अपने परमेश्वर यहोवा की पवित्रा प्रजा है; यहोवा ने पृथ्वी भर के सब देशों के लोगों में से तुझ को चुन लिया है कि तू उसकी प्रजा और निज धन ठहरे। यहोवा ने जो तुम से स्नेह करके तुम को चुन लिया, इसका कारण यह नहीं था कि तुम गिनती में और सब देशों के लोगों से अधिक थे, किन्तु तुम तो सब देशों के लोगों से गिनती में थोड़े थे; यहोवा ने जो तुम को बलवन्त हाथ के द्वारा दासत्व के घर में से, और मि के राजा फिरौन के हाथ से छुड़ाकर निकाल लाया, इसका यही करण है कि वह तुम से प्रेम रखता है, और उस शपथ को भी पूरी करना चाहता है जो उस ने तुम्हारे पूर्वजों से खाई थी।
- Malachi 1:6–7 मलाकी 1:6–7पुत्रा पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो। तौभी तुम पूछते हो कि हम किस बात में तुझे अशुद्ध ठहराते हैं? इस बात में भी, कि तुम कहते हो, यहोवा की मेज तुच्छ है।
- Romans 11:28–29 रोमियों 11:28–29वे सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से बापदादों के प्यारे हैं। क्योंकि परमेश्वर अपने बरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता।