Mark · chapter 10 · verse 27
Mark 10:27 in Hindi
यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।
Yeeshu ne un kee or dekhakar kahaa, manushyom se to yah naheem ho sakataa, parantu parameshvar se ho sakataa hai; kyonki parameshvar se sab kuchh ho sakataa hai.
Mark 10:27 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus looking upon them saith, With men [it is] impossible, but not with God: for with God all things are possible.
- World English Bible (WEB)
- Jesus, looking at them, said, “With men it is impossible, but not with God, for all things are possible with God.”
- American Standard Version (ASV)
- Jesus looking upon them saith, With men it is impossible, but not with God: for all things are possible with God.
- Bible in Basic English (BBE)
- Jesus, looking on them, said, With men it is impossible, but not with God: for all things are possible with God.
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus looking on them says, With men it is impossible, but not with God; for all things are possible with God.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus looking upon them, saith, With men [it is] impossible, but not with God: for with God all things are possible.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus, having looked upon them, saith, 'With men it is impossible, but not with God; for all things are possible with God.'
Read in context
- 25चेले उस की बातों से अचम्भित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालको, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!
- 26वे बहुत ही चकित होकर आपस में कहने लगे तो फिर किस का उद्धार हो सकता है।
- 27यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।
- 28पतरस उस से कहने लगा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़कर तेरे पीछे हो लिये हैं।
- 29यीशु ने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिस ने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के- बालों या खेतों को छोड़ दिया हो।
Cross references
- Jeremiah 32:27 यिर्मयाह 32:27क्या मेरे लिये कोई भी काम कठिन है?
- Matthew 19:26 मत्ती 19:26यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।
- Job 42:2 अय्यूब 42:2मैं जानता हूँ कि तू सब कुछ कर सकता है, और तेरी युक्तियों में से कोई रूक नहीं सकती।
- Jeremiah 32:17 यिर्मयाह 32:17हे प्रभु यहोवा, तू ने बड़े सामर्थ और बढ़ाई हुई भुजा से आकाश और पृथ्वी को बनाया है! तेरे लिये कोई काम कठिन नहीं है।
- Genesis 18:13–14 उत्पत्ति 18:13–14तब यहोवा ने इब्राहीम से कहा, सारा यह कहकर कयों हंसी, कि क्या मेरे, जो ऐसी बुढ़िया हो गई हूं, सचमुच एक पुत्रा उत्पन्न होगा? क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? नियत समय में, अर्थात् वसन्त ऋतु में, मैं तेरे पास फिर आऊंगा, और सारा के पुत्रा उत्पन्न होगा।
- Luke 1:37 लूका 1:37क्योंकि जो वचन परमेश्वर की ओर से होता है वह प्रभावरहित नहीं होता।
- Luke 18:27 लूका 18:27उस ने कहा; जो मनुष्य से नहीं हो सकता, वह परमेश्वर से हो सकता है।
- Numbers 11:21–23 गिनती 11:21–23फिर मूसा ने कहा, जिन लोगों के बीच मैं हूं उन में से छ: लाख तो प्यादे ही हैं; और तू ने कहा है, कि मैं उन्हें इतना मांस दूंगा, कि वे महीने भर उसे खाते ही रहेंगे। क्या वे सब भेड़- बकरी गाय- बैल उनके लिये मारे जाए, कि उनको मांस मिले? वा क्या समुद्र की सब मछलियां उनके लिये इकट्ठी की जाएं, कि उनको मांस मिले? यहोवा ने मूसा से कहा, क्या यहोवा का हाथ छोटा हो गया है? अब तू देखेगा, कि मेरा वचन जो मैं ने तुझ से कहा है वह पूरा होता है कि नहीं।
- Hebrews 11:19 इब्रानियों 11:19क्योंकि उस ने विचार किया, कि परमेश्वर सामर्थी है, कि मरे हुओं में से जिलाए, सो उन्हीं में से दृष्टान्त की रीति पर वह उसे फिर मिला।
- Philippians 3:21 फिलिप्पियों 3:21वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन- हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।।
- 2 Kings 7:2 2 राजा 7:2तब उस सरदार ने जिसके हाथ पर राजा तकिया करता थ, परमेश्वर के भक्त को उत्तर देकर कहा, सुन, चाहे यहोवा आकाश के झरोखे खोले, तौभी क्या ऐसी बात हो सकेगी? उस ने कहा, सुन, तू यह अपनी आंखों से तो देखेगा, परन्तु उस अन्न में से कुछ खाने न पाएगा।
- Zechariah 8:6 जकर्याह 8:6सेनाओं का याहोवा यों कहता है, चाहे उन दिनों में यह बात इन बचे हुओं की दृष्टि में अनोखी ठहरे, परन्तु क्या मेरी दृष्टि में भी यह अनोखी ठहरेगी, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है?