Mark · chapter 14 · verse 45
Mark 14:45 in Hindi
और वह आया, और तुरन्त उसके पास जाकर कहा; हे रब्बी और उस को बहुत चूमा।
Aur vah aayaa, aur turant usake paas jaakar kahaa; he rabbee aur us ko bahut choomaa.
Mark 14:45 in English
- King James Version (KJV)
- And as soon as he was come, he goeth straightway to him, and saith, Master, master; and kissed him.
- World English Bible (WEB)
- When he had come, immediately he came to him and said, “Rabbi! Rabbi!” and kissed him.
- American Standard Version (ASV)
- And when he was come, straightway he came to him, and saith, Rabbi; and kissed him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when he had come, he went straight to him and said, Master; and gave him a kiss.
- Darby Translation (DBY)
- And being come, straightway coming up to him, he says, Rabbi, Rabbi; and he covered him with kisses.
- Webster's Bible (WBS)
- And as soon as he was come, he goeth immediately to him, and saith, Master, master; and kissed him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having come, immediately, having gone near him, he saith, 'Rabbi, Rabbi,' and kissed him.
Read in context
- 43वह यह कह ही रहा था, कि यहूदा जो बारहों में से था, अपने साथ महायाजकों और शास्त्रियों और पुरनियों की ओर से एक बड़ी भीड़ तलवारें और लाठियां लिए हुए तुरन्त आ पहुंची।
- 44और उसके पकड़नेवाले ने उन्हें यह पता दिया था, कि जिस को मैं चूमूं वही है, उसे पकड़कर यतन से ले जाना।
- 45और वह आया, और तुरन्त उसके पास जाकर कहा; हे रब्बी और उस को बहुत चूमा।
- 46तब उन्हों ने उस पर हाथ डालकर उसे पकड़ लिया।
- 47उन में से जो पास खड़े थे, एक ने तलवार खींच कर महायाजक के दास पर चलाई, और उसका कान उड़ा दिया।
Cross references
- Luke 6:46 लूका 6:46जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो?
- John 13:13–14 यूहन्ना 13:13–14तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वहीं हूं। यदि मैं ने प्रभु और गुरू होकर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए।
- Matthew 23:7–10 मत्ती 23:7–10और बाजारों में नमस्कार और मनुष्य में रब्बी कहलाना उन्हें भाता है। परन्तु, तुम रब्बी न कहलाना; कयोंकि तुम्हारा एक ही गुरू है: और तुम सब भाई हो। और पृथ्वी पर किसी को अपना पिता न कहना, कयोंकि तुम्हारा एक ही पिता है, जो स्वर्ग में है। और स्वामी भी न कहलाना, क्योंकि तुम्हारा एक ही स्वामी है, अर्थात् मसीह।
- John 20:16 यूहन्ना 20:16यीशु ने उस से कहा, मरियम! उस ने पीछे फिरकर उस से इब्रानी में कहा, रब्बूनी अर्थात् हे गुरू।
- Isaiah 1:3 यशायाह 1:3बैल तो अपने मालिक को और गदहा अपने स्वामी की चरनी को पहिचानता है, परन्तु इस्राएल मुझें नहीं जानता, मेरी प्रजा विचार नहीं करती।।
- Malachi 1:6 मलाकी 1:6पुत्रा पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो।
- Mark 12:14 मरकुस 12:14और उन्हों ने आकर उस से कहा; हे गुरू, हम जानते हैं, कि तू सच्चा है, और किसी की परवा नहीं करता; क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देख कर बातें नहीं करता, परन्तु परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है।