Mark · chapter 15 · verse 22
Mark 15:22 in Hindi
और वे उसे गुलगुता नाम जगह पर जिस का अर्थ खोपड़ी की जगह है लाए।
Aur ve use gulagutaa naam jagah par jis kaa arth khopadee kee jagah hai laae.
Mark 15:22 in English
- King James Version (KJV)
- And they bring him unto the place Golgotha, which is, being interpreted, The place of a skull.
- World English Bible (WEB)
- They brought him to the place called Golgotha, which is, being interpreted, “The place of a skull.”
- American Standard Version (ASV)
- And they bring him unto the place Golgotha, which is, being interpreted, The place of a skull.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they took him to the place named Golgotha, which is, Dead Man's Head.
- Darby Translation (DBY)
- And they bring him to the place [called] Golgotha, which, being interpreted, is Place of a skull.
- Webster's Bible (WBS)
- And they bring him to the place Golgotha, which is, being interpreted, The place of a skull.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they bring him to the place Golgotha, which is, being interpreted, 'Place of a skull;'
Read in context
- 20और जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो उस पर बैंजनी वस्त्रा उतारकर उसी के कपड़े पहिनाए; और तब उसे क्रूस पर चढ़ाने के लिये बाहर ले गए।
- 21और सिकन्दर और रूफुस का पिता, शमौन नाम एक कुरेनी मनुष्य, जो गांव से आ रहा था उधर से निकला; उन्हों ने उसे बेगार में पकड़ा, कि उसका क्रूस उठा ले चले।
- 22और वे उसे गुलगुता नाम जगह पर जिस का अर्थ खोपड़ी की जगह है लाए।
- 23और उसे मुर्र मिला हुआ दाखरस देने लगे, परन्तु उस ने नहीं लिया।
- 24तब उन्हों ने उस को क्रूस पर चढ़ाया, और उसके कपड़ों पर चिटि्ठयां डालकर, कि किस को क्या मिले, उन्हें बांट लिया।
Cross references
- Matthew 27:33–44 मत्ती 27:33–44और उस स्थान पर जो गुलगुता नाम की जगह अर्थात् खोपड़ी का स्थान कहलाता है पहुंचकर। उन्हों ने पित्त मिलाया हुआ दाखरस उसे पीने को दिया, परन्तु उस ने चखकर पीना न चाहा। तब उन्हों ने उसे क्रूस पर चढ़ाया; और चिटि्ठयां डालकर उसके कपड़े बांट लिए। और वहां बैठकर उसका पहरा देने लगे। और उसका दोषपत्रा, उसके सिर के ऊपर लगाया, कि "यह यहूदियों का राजा यीशु है"। तब उसके साथ दो डाकू एक दहिने और एक बाएं क्रूसों पर चढ़ाए गए। और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे। और यह कहते थे, कि हे मन्दिर के ढानेवाले और तीन दिन में बनानेवाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो क्रूस पर से उतर आ। इसी रीति से महायाजक भी शास्त्रियों और पुरनियों समेत ठट्ठा कर करके कहते थे, इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता। यह तो "इस्राएल का राजा है"। अब क्रूस पर से उतर आए, तो हम उस पर विश्वास करें। उस ने परमेश्वर का भरोसा रखा है, यदि वह इस को चाहता है, तो अब इसे छुड़ा ले, क्योंकि इस ने कहा था, कि "मैं परमेश्वर का पुत्रा हूं"। इसी प्रकार डाकू भी जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे उस की निन्दा करते थे।।
- John 19:17–27 यूहन्ना 19:17–27तब वे यीशु को ले गए। और वह अपना क्रूस उठाए हुए उस स्थान तक बाहर गया, जो खोपड़ी का स्थान कहलाता है और इब्रानी में गुलगुता। वहां उन्हों ने उसे और उसके साथ और दो मनुष्यों को क्रूस पर चढ़ाया, एक को इधर और एक को उधर, और बीच में यीशु को। और पीलातुस ने एक दोष- पत्रा लिखकर क्रूस पर लगा दिया और उस में यह लिखा हुआ था, यीशु नासरी यहूदियों का राजा। यह दोष- पत्रा बहुत यहूदियों ने पढ़ा क्योंकि वह स्थान जहां यीशु क्रूस पर चढ़ाया गया था नगर के पास था और पत्रा इब्रानी और लतीनी और यूनानी में लिखा हुआ था। तब यहूदियों के महायाजकों ने पीलातुस से कहा, यहूदियों का राजा मत लिख परन्तु यह कि "उस ने कहा, मैं यहूदियों का राजा हूं"। पीलातुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने जो लिख दिया, वह लिख दिया।। जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े लेकर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुरता भी लिया, परन्तु कुरता बिन सीअन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था: इसलिये उन्हों ने आपस में कहा, हम इस को न फाडें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किस का होगा। यह इसलिये हुआ, कि पवित्रा शास्त्रा की बात पूरी हो कि उन्हों ने मेरे कपड़े आपस में बांट लिये और मेरे वस्त्रा पर चिट्ठी डाली: सो सिपाहियों ने ऐसा ही किया। परन्तु यीशु के क्रूस के पास उस की माता और उस की माता की बहिन मरियम, क्लोपास की पत्नी और मरियम मगदलीनी खड़ी थी। यीशु ने अपनी माता से कहा; हे नारी, देख, यह तेरा पुत्रा है। तब उस चेले से कहा, यह तेरी माता है, और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया।।
- Luke 23:27–38 लूका 23:27–38और लोगों की बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली: और बहुत सी स्त्रियां भी, जो उसके लिये छाती- पीटती और विलाप करती थीं। यीशु ने उन की ओर फिरकर कहा; हे यरूशलेम की पुत्रियो, मेरे लिये मत रोओ; परन्तु अपने और अपने बालकों के लिये रोओ। क्योंकि देखो, वे दिन आते हैं, जिन में कहेंगे, धन्य हैं वे जो बांझ हैं, और वे गर्भ जो न जने और वे स्तन जिन्हों ने दूध न पिलाया। उस समय वे पहाड़ों से कहने लगेंगे, कि हम पर गिरो, और टीलों से कि हमें ढाँप लो। क्योंकि जब वे हरे पेड़ के साथ ऐसा करते हैं, तो सूखे के साथ क्या कुछ न किया जाएगा? वे और दो मनुष्यों को भ्ज्ञी जो कुकर्मी थे उसके साथ घात करने को ले चले।। जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्हों ने वहां उसे और उन कुकर्मियों को भी एक को दहिनी और और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया। तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये जानते नहीं कि क्या कर रहें हैं? और उन्हों ने चिटि्ठयां डालकर उसके कपड़े बांट लिए। लोग खड़े खड़े देख रहे थे, और सरदार भी ठट्ठा कर करके कहते थे, कि इस ने औरों को बचाया, यदि यह परमेश्वर का मसीह है, और उसका चुना हुआ है, तो अपने आप को बचा ले। सिपाही भी पास आकर और सिरका देकर उसका ठट्ठा करके कहते थे। यदि तू यहूदियों का राजा है, तो अपने आप को बचा। और उसके ऊपर एक पत्रा भी लगा था, कि यह यहूदियों का राजा है।