Matthew · chapter 27 · verse 33
Matthew 27:33 in Hindi
और उस स्थान पर जो गुलगुता नाम की जगह अर्थात् खोपड़ी का स्थान कहलाता है पहुंचकर।
Aur us sthaan par jo gulagutaa naam kee jagah arthaat khopadee kaa sthaan kahalaataa hai pahunchakar.
Matthew 27:33 in English
- King James Version (KJV)
- And when they were come unto a place called Golgotha, that is to say, a place of a skull,
- World English Bible (WEB)
- When they came to a place called “Golgotha”, that is to say, “The place of a skull,”
- American Standard Version (ASV)
- And when they were come unto a place called Golgotha, that is to say, The place of a skull,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they came to the place named Golgotha, that is to say, Dead Man's Head,
- Darby Translation (DBY)
- And having come to a place called Golgotha, which means Place of a skull,
- Webster's Bible (WBS)
- And when they had come to a place called Golgotha, that is to say, a place of a skull,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having come to a place called Golgotha, that is called Place of a Skull,
Read in context
- 31जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो वह बागा उस पर से उतारकर फिर उसी के कपड़े उसे पहिनाए, और क्रूस पर चढ़ाने के लिये ले चले।।
- 32बाहर जाते हुए उन्हें शमौन नाम एक कुरेनी मनुष्य मिला, उन्होंने उसे बेगार में पकड़ा कि उसका क्रूस उठा ले चले।
- 33और उस स्थान पर जो गुलगुता नाम की जगह अर्थात् खोपड़ी का स्थान कहलाता है पहुंचकर।
- 34उन्हों ने पित्त मिलाया हुआ दाखरस उसे पीने को दिया, परन्तु उस ने चखकर पीना न चाहा।
- 35तब उन्हों ने उसे क्रूस पर चढ़ाया; और चिटि्ठयां डालकर उसके कपड़े बांट लिए।
Cross references
- John 19:17–19 यूहन्ना 19:17–19तब वे यीशु को ले गए। और वह अपना क्रूस उठाए हुए उस स्थान तक बाहर गया, जो खोपड़ी का स्थान कहलाता है और इब्रानी में गुलगुता। वहां उन्हों ने उसे और उसके साथ और दो मनुष्यों को क्रूस पर चढ़ाया, एक को इधर और एक को उधर, और बीच में यीशु को। और पीलातुस ने एक दोष- पत्रा लिखकर क्रूस पर लगा दिया और उस में यह लिखा हुआ था, यीशु नासरी यहूदियों का राजा।
- Mark 15:22–32 मरकुस 15:22–32और वे उसे गुलगुता नाम जगह पर जिस का अर्थ खोपड़ी की जगह है लाए। और उसे मुर्र मिला हुआ दाखरस देने लगे, परन्तु उस ने नहीं लिया। तब उन्हों ने उस को क्रूस पर चढ़ाया, और उसके कपड़ों पर चिटि्ठयां डालकर, कि किस को क्या मिले, उन्हें बांट लिया। और पहर दिन चढ़ा था, जब उन्हों ने उस को क्रूस पर चढ़ाया। और उसका दोषपत्रा लिखकर उसके ऊपर लगा दिया गया कि "यहूदियों का राजा"। और उन्हों ने उसके साथ दो डाकू, एक उस की दहिनी और एक उस की बाईं ओर क्रूस पर चढ़ाए। तब धर्मशास्त्रा का वह वचन कि वह अपराधियों के संग गिना गया पूरा हुआ। और मार्ग में जानेवाले सिर हिला हिलाकर और यह कहकर उस की निन्दा करते थे, कि वाह! मन्दिर के ढानेवाले, और तीन दिन में बनानेवाले! क्रूस पर से उतर कर अपने आप को बचा ले। इसी रीति से महायाजक भी, शास्त्रियों समेत, आपस में ठट्ठे से कहते थे; कि इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता। इस्राएल का राजा मसीह अब क्रूस पर से उतर आए कि हम देखकर विश्वास करें: और जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे, वे भी उस की निन्दा करते थे।।
- Luke 23:44 लूका 23:44और लगभग दो पहर से तीसरे पहर तक सारे देश में अन्धियारा छाया रहा।
- Mark 15:34 मरकुस 15:34तीसरे पहर यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा, इलोई, इलोई, लमा शबक्तनी? जिस का अर्थ है; हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?
- John 19:23–24 यूहन्ना 19:23–24जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े लेकर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुरता भी लिया, परन्तु कुरता बिन सीअन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था: इसलिये उन्हों ने आपस में कहा, हम इस को न फाडें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किस का होगा। यह इसलिये हुआ, कि पवित्रा शास्त्रा की बात पूरी हो कि उन्हों ने मेरे कपड़े आपस में बांट लिये और मेरे वस्त्रा पर चिट्ठी डाली: सो सिपाहियों ने ऐसा ही किया।