Mark · chapter 2 · verse 26
Mark 2:26 in Hindi
उस ने क्योंकर अबियातार महायाजक के समय, परमेश्वर के भवन में जाकर, भेंट की रोटियां खाईं, जिसका खाना याजकों को छोड़ और किसी को भी उचित नहीं, और अपने साथियों को भी दीं?
Us ne kyonkar abiyaataar mahaayaajak ke samay, parameshvar ke bhavan mem jaakar, bhent kee rotiyaam khaaeem, jisakaa khaanaa yaajakom ko chhod aur kisee ko bhee uchit naheem, aur apane saathiyom ko bhee deem?
Mark 2:26 in English
- King James Version (KJV)
- How he went into the house of God in the days of Abiathar the high priest, and did eat the shewbread, which is not lawful to eat but for the priests, and gave also to them which were with him?
- World English Bible (WEB)
- How he entered into God’s house at the time of Abiathar the high priest, and ate the show bread, which is not lawful to eat except for the priests, and gave also to those who were with him?”
- American Standard Version (ASV)
- How he entered into the house of God when Abiathar was high priest, and ate the showbread, which it is not lawful to eat save for the priests, and gave also to them that were with him?
- Bible in Basic English (BBE)
- How he went into the house of God when Abiathar was high priest, and took for food the holy bread, which only the priests may take, and gave it to those who were with him?
- Darby Translation (DBY)
- how he entered into the house of God, in [the section of] Abiathar [the] high priest, and ate the shew-bread, which it is not lawful unless for the priests to eat, and gave even to those that were with him?
- Webster's Bible (WBS)
- How he went into the house of God, in the days of Abiathar the high priest, and ate the show-bread, which it is not lawful to eat, but for the priests, and gave also to them who were with him?
- Young's Literal Translation (YLT)
- how he went into the house of God, (at 'Abiathar the chief priest,') and the loaves of the presentation did eat, which it is not lawful to eat, except to the priests, and he gave also to those who were with him?'
Read in context
- 24तब फरीसियों ने उस से कहा, देख; ये सब्त के दिन वह काम क्यों करते हैं जो उचित नहीं?
- 25उस ने उन से कहा, क्या तुम ने कभी नहीं पढ़ा, कि जब दाऊद को आवश्यकता हुई और जब वह और उसके साथी भूखे हुए, तब उस ने क्या किया था?
- 26उस ने क्योंकर अबियातार महायाजक के समय, परमेश्वर के भवन में जाकर, भेंट की रोटियां खाईं, जिसका खाना याजकों को छोड़ और किसी को भी उचित नहीं, और अपने साथियों को भी दीं?
- 27और उस ने उन से कहा; सब्त का दिन मनुष्य के लिये बनाया गया है, न कि मनुष्य सब्त के दिन के लिये।
- 28इसलिये मनुष्य का पुत्रा सब्त के दिन का भी स्वामी है।।
Cross references
- 2 Samuel 8:17 2 शमूएल 8:17प्रधान याजक अहीतूब का पुत्रा सादोक और एब्यातर का पुत्रा अहीमेलेक थे; मंत्री सरायाह था;
- 1 Samuel 21:1 1 शमूएल 21:1और दाऊद नोब को अहीमेलेक याजक के पास आया; और अहीमेलेक दाऊद से भेंट करने को थरथराता हुआ निकला, और उस से पूछा, क्या कारण है कि तू अकेला है, और तेरे साथ कोई नहीं?
- Leviticus 24:5–9 लैव्यव्यवस्था 24:5–9और तू मैदा लेकर बारह रोटियां पकवाना, प्रत्येक रोटी में एपा का दो दसवां अंश मैदा हो। तब उनकी दो पांति करके, एक एक पांति में छ: छ: रोटियां, स्वच्छ मेज पर यहोवा के साम्हने धरना। और एक एक पांति पर चोखा लोबान रखना, कि वह रोटी पर स्मरण दिलानेवाला वस्तु और यहोवा के लिये हव्य हो। प्रति विश्रामदिन को वह उसे नित्य यहोवा के सम्मुख क्रम से रखा करे, यह सदा की वाचा की रीति इस्त्राएलियों की ओर से हुआ करे। और वह हारून और उसके पुत्रों की होंगी, और वे उसको किसी पवित्रा स्थान में खाएं, क्योंकि वह यहोवा के हव्यों में से सदा की विधि के अनुसार हारून के लिये परमपवित्रा वस्तु ठहरी है।।
- 1 Chronicles 24:6 1 इतिहास 24:6और नतनेल के पुत्र शमायाह ने जो लेवीय था, उनके नाम राजा और हाकिमों और सादोक याजक, और एब्यातार के पुत्र अहीमेलेक और याजकों और लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों के साम्हने लिखे; अर्थात पितरों का एक घराना तो एलीआजर के वंश में से और एक ईतामार के वंश में से लिया गया।
- 1 Samuel 22:20–22 1 शमूएल 22:20–22परन्तु अहीतूब के पुत्रा अहीमेलेक का एब्यातार नाम एक पुत्रा बच निकला, और दाऊद के पास भाग गया। तब एब्यातार ने दाऊद को बताया, कि शाऊल ने यहोवा के याजकों को बध किया है। और दाऊद ने एब्यातार से कहा, जिस दिन एदोमी दोएग वहां था, उसी दिन मैं ने जान लिया, कि वह निश्चय शाऊल को बताएगा। तेरे पिता के समस्त घराने के मारे जाने का कारण मैं ही हुआ।
- 1 Kings 2:26–27 1 राजा 2:26–27और एब्यातार याजक से राजा ने कहा, अनातोत में अपनी भूमि को जा; क्योंकि तू भी प्राणदणड के योग्य है। आज के दिन तो मैं तुझे न मार डालूंगा, क्योंकि तू मेरे पिता दाऊद के साम्हने प्रभु यहोवा का सन्दूक उठाया करता था; और उन सब दु:खों में जो मेरे पिता पर पड़े थे तू भी दु:खी था। और सुलैमान ने एब्यातार को यहोवा के याजक होने के पद से उतार दिया, इसलिये कि जो वचन यहोवा ने एली के वंश के विषय में शीलो में कहा था, वह पूरा हो जाए।
- 1 Kings 1:7 1 राजा 1:7और उस ने सरूयाह के पुत्रा योआब से और एब्यातार याजक से बातचीत की, और उन्हों ने उसके पीछे होकर उसकी सहायता की।
- 1 Kings 2:22 1 राजा 2:22राजा सुलैमान ने अपनी माता को उत्तर दिया, तू अदोनिरयाह के लिये शूनेमिन अबीशग ही को क्यो मांगती है? उसके लिये राज्य भी मांग, क्योंकि वह तो मेरा बड़ा भाई है, और उसी के लिये क्या! एब्यातार याजक और सरूयाह के पुत्रा योआब के लिये भी मांग।
- 1 Samuel 23:9 1 शमूएल 23:9तब दाऊद ने जान लिया कि शाऊल मेरी हानि कि युक्ति कर रहा है; इसलिये उस ने एब्यातार याजक से कहा, एपोद को निकट ले आ।
- Exodus 29:32–33 निर्गमन 29:32–33तब हारून अपने पुत्रों समेत उस मेढे का मांस और टोकरी की रोटी, दोनों को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर खाए। और जिन पदार्थों से उनका संस्कार और उन्हें पवित्रा करने के लिये प्रायश्चित्त किया जाएगा उनको तो वे खाएं, परन्तु पराए कुल का कोई उन्हें न खाने पाए, क्योंकि वे पवित्रा होंगे।
- 2 Samuel 15:24 2 शमूएल 15:24तब क्या देखने में आया, कि सादोक भी और उसके संग सब लेवीय परमेश्वर की वाचा का सन्दूक उठाए हुए हैं; और उन्हों ने परमेश्वर के सन्दूक को धर दिया, तब एब्यातार चढ़ा, और जब तक सब लोग नगर से न निकले तब तक वहीं रहा।
- 2 Samuel 20:25 2 शमूएल 20:25और शया मंत्री था; और सादोक और एब्यातार याजक थे;