Mark · chapter 8 · verse 2
Mark 8:2 in Hindi
मुझे इस भीड़ पर तरस आता है, क्योंकि यह तीन दिन से बराबर मेरे साथ हैं, और उन के पास कुछ भी खाने को नहीं।
Mujhe is bheed par taras aataa hai, kyonki yah teen din se baraabar mere saath haim, aur un ke paas kuchh bhee khaane ko naheen.
Mark 8:2 in English
- King James Version (KJV)
- I have compassion on the multitude, because they have now been with me three days, and have nothing to eat:
- World English Bible (WEB)
- “I have compassion on the multitude, because they have stayed with me now three days and have nothing to eat.
- American Standard Version (ASV)
- I have compassion on the multitude, because they continue with me now three days, and have nothing to eat:
- Bible in Basic English (BBE)
- I have pity for these people because they have been with me now three days, and have no food;
- Darby Translation (DBY)
- I have compassion on the crowd, because they have stayed with me already three days and they have not anything they can eat,
- Webster's Bible (WBS)
- I have compassion on the multitude, because they have now been with me three days, and have nothing to eat:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'I have compassion upon the multitude, because now three days they do continue with me, and they have not what they may eat;
Read in context
- 1उन दिनों में, जब फिर बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, और उन के पास कुछ खाने को न था, तो उस ने अपने चेलों को पास बुलाकर उन से कहा।
- 2मुझे इस भीड़ पर तरस आता है, क्योंकि यह तीन दिन से बराबर मेरे साथ हैं, और उन के पास कुछ भी खाने को नहीं।
- 3यदि मैं उन्हें भूखा घर भेज दूं, तो मार्ग में थक कर रह जाएंगे; क्योकि इन में से कोई कोई दूर से आए हैं।
- 4उसके चेलों ने उस को उत्तर दिया, कि यहां जंगल में इतनी रोटी कोई कहां से लाए कि ये तृप्त हों?
Cross references
- Matthew 9:36 मत्ती 9:36जब उस ने भीड़ को देखा तो उस को लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों की नाई जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे।
- Micah 7:19 मीका 7:19वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा।
- Psalm 145:15 भजन संहिता 145:15सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको आहार समय पर देता है।
- Psalm 103:13 भजन संहिता 103:13जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
- Mark 6:34 मरकुस 6:34उस ने निकलकर बड़ी भीड़ देखी, और उन पर तरस खाया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे, जिन का कोई रखवाला न हो; और वह उन्हें बहुत सी बातें सिखाने लगा।
- Matthew 20:34 मत्ती 20:34यीशु ने तरस खाकर उन की आंखे छूई, और वे तुरन्त देखने लगे; और उसके पीछे हो लिए।।
- Luke 7:13 लूका 7:13उसे देख कर प्रभु को तरस आया, और उस ने कहा; मत रो।
- Mark 5:19 मरकुस 5:19परन्तु उस ने उसे आज्ञा न दी, और उस से कहा, अपने घर जाकर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया करके प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं।
- Hebrews 5:2 इब्रानियों 5:2और वह अज्ञानों, और भूले भटकों के साथ नर्मी से व्यवहार कर सकता है इसलिये कि वह आप भी निर्बलता से घिरा है।
- Matthew 14:14 मत्ती 14:14उस ने निकलकर बड़ी भीड़ देखी; और उन पर तरस खाया; और उस ने उन के बीमारों को चंगा किया।
- Hebrews 4:15 इब्रानियों 4:15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; बरन वह सब बातों में हमारी नाई परखा तो गया, तौभी निष्पाप निकला।
- Matthew 4:2–4 मत्ती 4:2–4वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्त में उसे भूख लगी। तब परखनेवाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियां बन जाएं। उस ने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।