Matthew · chapter 13 · verse 20
Matthew 13:20 in Hindi
और जो पत्थरीली भूमि पर बोया गया, यह वह है, जो वचन सुनकर तुरन्त आनन्द के साथ मान लेता है।
Aur jo patthareelee bhoomi par boyaa gayaa, yah vah hai, jo vachan sunakar turant aanand ke saath maan letaa hai.
Matthew 13:20 in English
- King James Version (KJV)
- But he that received the seed into stony places, the same is he that heareth the word, and anon with joy receiveth it;
- World English Bible (WEB)
- What was sown on the rocky places, this is he who hears the word and immediately with joy receives it;
- American Standard Version (ASV)
- And he that was sown upon the rocky places, this is he that heareth the word, and straightway with joy receiveth it;
- Bible in Basic English (BBE)
- And that which went on the stones, this is he who, hearing the word, straight away takes it with joy;
- Darby Translation (DBY)
- But he that is sown on the rocky places — this is he who hears the word and immediately receives it with joy,
- Webster's Bible (WBS)
- But he that received the seed into stony places, the same is he that heareth the word, and immediately with joy receiveth it;
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And that sown on the rocky places, this is he who is hearing the word, and immediately with joy is receiving it,
Read in context
- 18सो तुम बानेवाले का दृष्टान्त सुनो।
- 19जो कोई राज्य का वचन सुनकर नहीं समझता, उसके मन में जो कुछ बोया गया था, उसे वह दुष्ट आकर छीन ले जाता है; यह वही है, जो मार्ग के किनारे बोया गया था।
- 20और जो पत्थरीली भूमि पर बोया गया, यह वह है, जो वचन सुनकर तुरन्त आनन्द के साथ मान लेता है।
- 21पर अपने में जड़ न रखने के कारण वह थोड़े ही दिन का है, और जब वचन के कारण क्लेश या उपद्रव होता है, तो तुरन्त ठोकर खाता है।
- 22जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
Cross references
- Ezekiel 33:31–32 यहेजकेल 33:31–32वे प्रजा की नाईं तेरे पास आते और मेरी प्रजा बन कर तेरे साम्हने बैठ कर तेरे वचन सुनते हैं, परन्तु वे उन पर चलते नहीं; मुंह से तो वे बहुत प्रेम दिखाते हैं, परन्तु उनका मन लालच ही में लगा रहता है। और तू उनकी दृष्टि में प्रेम के मधुर गीत गाने वाले और अच्छे बजाने वाले का सा ठहरा है, क्योंकि वे तेरे वचन सुनते तो है, परन्तु उन पर चलते नहीं।
- Psalm 106:12–13 भजन संहिता 106:12–13तब उनहों ने उसके वचनों का विश्वास किया; और उसकी स्तुति गाने लगे।। परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
- John 5:35 यूहन्ना 5:35वह जो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्छा लगा।
- Isaiah 58:2 यशायाह 58:2वे प्रति दिन मेरे पास आते और मेरी गति बूझने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोगे हैं जिन्हों ने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझ से धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं।
- Psalm 78:34–37 भजन संहिता 78:34–37जब जब वह उन्हे घात करने लगता, तब तब वे उसको पूछते थे; और फिरकर ईश्वर को यत्न से खोजते थे। और उनको स्मरण होता था कि परमेश्वर हमारी चट्टान है, और परमप्रधान ईश्वर हमारा छुड़ानेवाला है। तौभी उन्हों ने उस से चापलूसी की; वे उस से झूठ बोले। क्योंकि उनका ह्यदय उसकी ओर दृढ़ न था; न वे उसकी वाचा के विषय सच्चे थे।
- 2 Chronicles 24:2 2 इतिहास 24:2और जब तक यहोयादा याजक जीवित रहा, तब तक योआश वह काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
- 2 Chronicles 24:6 2 इतिहास 24:6तब राजा ने यहोयादा महायाजक को बुलवा कर पूछा, क्या कारण है कि तू ने लेवियों को दृढ़ आज्ञा नहीं दी कि वे यहूदा और यरूशलेम से उस चन्दे के रूपए ले आएं जिसका नियम यहोवा के दास मूसा और इस्राएल की मण्डली ने साक्षीपत्रा के तम्बू के निमित्त चलाया था।
- Galatians 4:14–15 गलातियों 4:14–15और तुम ने मेरी शारीरिक दशा को जो तुम्हारी परीक्षा का कारण थी, तुच्छ न जाना; न उस ने घृणा की; और परमेश्वर के दूत बरन मसीह के समान मुझे ग्रहण किया। तो वह तुम्हारा आनन्द मनाना कहां गया? मैं तुम्हारा गवाह हूं, कि यदि हो सकता, तो तुम अपनी आंखें भी निकालकर मुझे दे देते।
- Matthew 13:5–6 मत्ती 13:5–6कुछ पत्थरीली भूमि पर गिरे, जहां उन्हें बहुत मिट्टी न मिली और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण वे जल्द उग आए। पर सूरज निकलने पर वे जल गए, और जड़ न पकड़ने से सूख गए।
- Mark 6:20 मरकुस 6:20क्योंकि हेरोदेस यूहन्ना को धर्मी और पवित्रा पुरूष जानकर उस से डरता था, और उसे बचाए रखता था, और उस की सुनकर बहुत घबराता था, पर आनन्द से सुनता था।
- 1 Samuel 11:13–15 1 शमूएल 11:13–15शाऊल ने कहा, आज के दिन कोई मार डाला न जाएगा; क्योंकि आज यहोवा ने इस्राएलियों को छुटकारा दिया है।। तब शमूएल ने इस्राएलियों से कहा, आओ, हम गिलगाल को चलें, और वहां राज्य को नये सिरे से स्थापित करें। तब सब लोग गिलगाल को चले, और वहां उन्हों ने गिलगाल में यहोवा के साम्हने शाऊल को राजा बनाया; और वहीं उन्हों ने यहोवा को मेलबलि चढ़ाए; और वहीं शाऊल और सब इस्राएली लोगों ने अत्यन्त आनन्द मनाया।।
- 2 Chronicles 24:14 2 इतिहास 24:14जब उन्हों ने वह काम निपटा दिया, तब वे शेष रूपए राजा और यहोयादा के पास ले गए, और उन से यहोवा के भवन के लिये पात्रा बनाए गए, अर्थात् सेवा टहल करने और होमबलि चढ़ाने के पात्रा और धूपदान आदि सोने चान्दी के पात्रा। और जब तक यहोयादा जीवित रहा, तब तक यहोवा के भवन में होमबलि नित्य चढ़ाए जाते थे।