Matthew · chapter 14 · verse 34
Matthew 14:34 in Hindi
वे पार उतरकर गन्नेसरत देश में पहुंचे।
Ve paar utarakar gannesarat desh mem pahunche.
Matthew 14:34 in English
- King James Version (KJV)
- And when they were gone over, they came into the land of Gennesaret.
- World English Bible (WEB)
- When they had crossed over, they came to the land of Gennesaret.
- American Standard Version (ASV)
- And when they had crossed over, they came to the land, unto Gennesaret.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they had gone across, they came to land at Gennesaret.
- Darby Translation (DBY)
- And having crossed over they came to the land of Gennesaret.
- Webster's Bible (WBS)
- And when they had gone over, they came into the land of Gennesaret.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having passed over, they came to the land of Gennesaret,
Read in context
- 32जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई।
- 33इस पर जो नाव पर थे, उन्हों ने उसे दण्डवत करके कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्रा है।।
- 34वे पार उतरकर गन्नेसरत देश में पहुंचे।
- 35और वहां के लोगों ने उसे पहचानकर आस पास के सारे देश में कहला भेजा, और सब बीमारों को उसके पास लाए।
- 36और उस से बिनती करने लगे, कि वह उन्हें अपने वस्त्रा के आंचल ही को छूने दे: और जितनों ने उसे छूआ, वे चंगे हो गए।।
Cross references
- Mark 6:53–56 मरकुस 6:53–56और वे पार उतरकर गन्नेसरत में पहुंचे, और नाव घाअ पर लगाई। और जब वे नाव पर से उतरे, तो लोग तुरन्त उस को पहचान कर। आसपास के सारे देश में दोड़े, और बीमारों को खांटों पर डालकर, जहां जहां समाचार पाया कि वह है, वहां वहां लिए फिरे। और जहां कहीं वह गांवों, नगरों, या बस्तियों में जाता था, तो लोग बीमारों को बाजारों में रखकर उस से बिनती करते थे, कि वह उन्हें अपने वस्त्रा के आंचल ही हो छू लेने दे: और जितने उसे छूते थे, सब चंगे हो जाते थे।।
- Luke 5:1 लूका 5:1जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ।
- John 6:24–25 यूहन्ना 6:24–25सो जब भीड़ ने देखा, कि यहां न यीशु है, और न उसके चेले, तो वे भी छोटी छोटी नावों पर चढ़ के यीशु को ढूंढ़ते हुए कफरनहूम को पहुंचे। और झील के पार उस से मिलकर कहा, हे रब्बी, तू यहां कब आया?