Matthew · chapter 14 · verse 35
Matthew 14:35 in Hindi
और वहां के लोगों ने उसे पहचानकर आस पास के सारे देश में कहला भेजा, और सब बीमारों को उसके पास लाए।
Aur vahaam ke logom ne use pahachaanakar aas paas ke saare desh mem kahalaa bhejaa, aur sab beemaarom ko usake paas laae.
Matthew 14:35 in English
- King James Version (KJV)
- And when the men of that place had knowledge of him, they sent out into all that country round about, and brought unto him all that were diseased;
- World English Bible (WEB)
- When the people of that place recognized him, they sent into all that surrounding region and brought to him all who were sick;
- American Standard Version (ASV)
- And when the men of that place knew him, they sent into all that region round about, and brought unto him all that were sick;
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the men of that place had news of him, they sent into all the country round about, and took to him all who were ill,
- Darby Translation (DBY)
- And when the men of that place recognised him, they sent to that whole country around, and they brought to him all that were ill,
- Webster's Bible (WBS)
- And when the men of that place had knowledge of him, they sent out into all the surrounding country, and brought to him all that were diseased;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having recognized him, the men of that place sent forth to all that region round about, and they brought to him all who were ill,
Read in context
- 33इस पर जो नाव पर थे, उन्हों ने उसे दण्डवत करके कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्रा है।।
- 34वे पार उतरकर गन्नेसरत देश में पहुंचे।
- 35और वहां के लोगों ने उसे पहचानकर आस पास के सारे देश में कहला भेजा, और सब बीमारों को उसके पास लाए।
- 36और उस से बिनती करने लगे, कि वह उन्हें अपने वस्त्रा के आंचल ही को छूने दे: और जितनों ने उसे छूआ, वे चंगे हो गए।।
Cross references
- Matthew 4:24–25 मत्ती 4:24–25और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गीवालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उस ने उन्हें चंगा किया। और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।।
- Mark 2:1–12 मरकुस 2:1–12कई दिन के बाद वह फिर कफरनहूम में आया और सुना गया, कि वह घर में है। फिर इतने लोग इकट्ठे हुए, कि द्वार के पास भी जगह नहीं मिली; और वह उन्हें वचन सुना रहा था। और लोग एक झोले के मारे हुए को चार मनुष्यों से उठवाकर उसके पास ले आए। परन्तु जब वे भीड़ के कारण उसके निकट न पंहुच सके, तो उन्हों ने उस छत को जिस के नीचे वह था, खोल दिया और जब उसे उधेड़ चुके, तो उस खाट को जिस पर झोले का मारा हुआ पड़ा था, लटका दिया। यीशु न, उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, तेरे पाप क्षमा हुए। तब कई एक शास्त्री जो वहां बैठे थे, अपने अपने मन में विचार करने लगे। कि यह मनुष्य क्यों ऐसा कहता है? यह तो परमेश्वर की निन्दा करता है, परमेश्वर को छोड़ और कोन पाप क्षमा कर सकता है? यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो? सहज क्या है? क्या झोले के मारे से यह कहता कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना, कि उठ अपनी खाट उठा कर चल फिर? परन्तु जिस से तुम जान लो कि मनुष्य के पुत्रा को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उस ने उस झोले के मारे हुए से कहा)। मैं तुझ से कहता हूं; उठ, अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा। और वह उठा, और तुरन्त खाट उठाकर और सब के साम्हने से निकलकर चला गया, इस पर सब चकित हुए, और परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, कि हम ने ऐसा कभी नहीं देखा।।
- Mark 3:8–10 मरकुस 3:8–10और यहूदिया, और यरूशलेम और इदूमिया से, और यरदन के पार, और सूर और सैदा के आसपास से एक बड़ी भीड़ यह सुनकर, कि वह कैसे अचम्भे के काम करता है, उसके पास आई। और उस ने अपने चेलों से कहा, भीड़ के कारण एक छोटी नाव मेरे लिये तैयार रहे ताकि वे मुझे दबा न सकें। क्योंकि उस ने बहुतों को चंगा किया था; इसलिये जितने लोगे रोग से ग्रसित थे, उसे छूने के लिये उस पर गिरे पड़ते थे।
- Mark 6:55 मरकुस 6:55आसपास के सारे देश में दोड़े, और बीमारों को खांटों पर डालकर, जहां जहां समाचार पाया कि वह है, वहां वहां लिए फिरे।
- Mark 1:28–34 मरकुस 1:28–34सो उसका नाम तुरन्त गलील के आस पास के सारे देश में हर जगह फैल गया।। और वह तुरन्त आराधनालय में से निकलकर, याकूब और यूहन्ना के साथ शमौन और अन्द्रियास के घर आया। और शमौन की सास ज्वर से पीड़ित थी, और उन्हों ने तुरन्त उसके विषय में उस से कहा। तब उस ने पास जाकर उसका हाथ पकड़ के उसे उठाया; और उसका ज्वर उस पर से उतर गया, और वह उन की सेवा- टहल करने लगी।। सन्ध्या के समय जब सूर्य डूब गया तो लोग सब बीमारों को और उन्हें जिन में दुष्टात्मा भीं उसके पास लाए। और सारा नगर द्वार पर इकट्ठा हुआ। और उस ने बहुतों को जो नाना प्रकार की बीमारियों से दुखी थे, चंगा किया; और बहुत से दुष्टात्माओं को निकाला; और दुष्टात्माओं को बोलने न दिया, क्योंकि वे उसे पहचानती थीं।।
Original words (Greek)
- when · G2532καί kaí
- men · G435ἀνήρ anḗr
- that · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- place · G5117τόπος tópos
- of · G1921ἐπιγινώσκω epiginṓskō
- him · G846αὐτός autós
- out · G649ἀποστέλλω apostéllō
- into · G1519εἰς eis
- all · G3650ὅλος hólos
- that · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- about · G4066περίχωρος períchōros
- and · G2532καί kaí
- brought · G4374προσφέρω prosphérō
- him · G846αὐτός autós
- all · G3956πᾶς pâs
- were · G2192ἔχω échō
- diseased · G2560κακῶς kakōs