Matthew · chapter 21 · verse 20
Matthew 21:20 in Hindi
यह देखकर चेलों ने अचम्भा किया, और कहा, यह अंजीर का पेड़ क्योंकर तुरन्त सूख गया?
Yah dekhakar chelom ne achambhaa kiyaa, aur kahaa, yah anjeer kaa ped kyonkar turant sookh gayaa?
Matthew 21:20 in English
- King James Version (KJV)
- And when the disciples saw [it], they marvelled, saying, How soon is the fig tree withered away!
- World English Bible (WEB)
- When the disciples saw it, they marveled, saying, “How did the fig tree immediately wither away?”
- American Standard Version (ASV)
- And when the disciples saw it, they marvelled, saying, How did the fig tree immediately wither away?
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the disciples saw it they were surprised, saying, How did the fig-tree become dry in so short a time?
- Darby Translation (DBY)
- And when the disciples saw [it], they wondered, saying, How immediately is the fig-tree dried up!
- Webster's Bible (WBS)
- And when the disciples saw [it] , they marveled, saying, How soon is the fig-tree withered!
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the disciples having seen, did wonder, saying, 'How did the fig-tree forthwith wither?'
Read in context
- 18भोर को जब वह नगर को लौट रहा था, तो उसे भूख लगी।
- 19और अंजीर के पेड़ सड़क के किनारे देखकर वह उसके पास गया, और पत्तों को छोड़ उस में और कुछ न पाकर उस से कहा, अब से तुझ में फिर कभी फल न लगे; और अंजीर का पेड़ तुरन्त सुख गया।
- 20यह देखकर चेलों ने अचम्भा किया, और कहा, यह अंजीर का पेड़ क्योंकर तुरन्त सूख गया?
- 21यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं; यदि तुम विश्वास रखो, और सन्देह न करो; तो न केवल यह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ से किया गया है; परन्तु यदि इस पहाड़ से भी कहोगे, कि उखड़ जो; और समुद्र में जा पड़, तो यह हो जाएगा।
- 22और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से मांगोगे वह सब तुम को मिलेगा।।
Cross references
- Isaiah 40:6–8 यशायाह 40:6–8बोलनेवाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।।
- Mark 11:20–21 मरकुस 11:20–21फिर भोर को जब वे उधर से जाते थे तो उन्हों ने उस अंजीर के पेड़ को जड़ तक सूखा हुआ देखा। पतरस को वह बात स्मरण आई, और उस ने उस से कहा, हे रब्बी, देख, यह अंजीर का पेड़ जिसे तू ने स्राप दिया था सूख गया है।
- James 1:10–11 याकूब 1:10–11और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाई जाता रहेगा। क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा।