Mark · chapter 11 · verse 20
Mark 11:20 in Hindi
फिर भोर को जब वे उधर से जाते थे तो उन्हों ने उस अंजीर के पेड़ को जड़ तक सूखा हुआ देखा।
Phir bhor ko jab ve udhar se jaate the to unhom ne us anjeer ke ped ko jad tak sookhaa huaa dekhaa.
Mark 11:20 in English
- King James Version (KJV)
- And in the morning, as they passed by, they saw the fig tree dried up from the roots.
- World English Bible (WEB)
- As they passed by in the morning, they saw the fig tree withered away from the roots.
- American Standard Version (ASV)
- And as they passed by in the morning, they saw the fig tree withered away from the roots.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they were going by in the morning, they saw the fig-tree dead from the roots.
- Darby Translation (DBY)
- And passing by early in the morning they saw the fig-tree dried up from the roots.
- Webster's Bible (WBS)
- And in the morning, as they passed by, they saw the fig-tree dried up from the roots.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And in the morning, passing by, they saw the fig-tree having been dried up from the roots,
Read in context
- 18यह सुनकर महायाजक और शास्त्री उसके नाश करने का अवसर ढूंढ़ने लगे; क्योंकि उस से डरते थे, इसलिये कि सब लोग उसके उपदेश से चकित होते थे।।
- 19और प्रति दिन सांझ होते ही वह नगर से बाहर जाया करता था।
- 20फिर भोर को जब वे उधर से जाते थे तो उन्हों ने उस अंजीर के पेड़ को जड़ तक सूखा हुआ देखा।
- 21पतरस को वह बात स्मरण आई, और उस ने उस से कहा, हे रब्बी, देख, यह अंजीर का पेड़ जिसे तू ने स्राप दिया था सूख गया है।
- 22यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि परमेश्वर पर विश्वास रखो।
Cross references
- Matthew 15:13 मत्ती 15:13उस ने उत्तर दिया, हर पौधा जो मेरे स्वर्गीय पिता ने नहीं लगाया, उखाड़ा जाएगा।
- Matthew 13:6 मत्ती 13:6पर सूरज निकलने पर वे जल गए, और जड़ न पकड़ने से सूख गए।
- Matthew 21:19–22 मत्ती 21:19–22और अंजीर के पेड़ सड़क के किनारे देखकर वह उसके पास गया, और पत्तों को छोड़ उस में और कुछ न पाकर उस से कहा, अब से तुझ में फिर कभी फल न लगे; और अंजीर का पेड़ तुरन्त सुख गया। यह देखकर चेलों ने अचम्भा किया, और कहा, यह अंजीर का पेड़ क्योंकर तुरन्त सूख गया? यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं; यदि तुम विश्वास रखो, और सन्देह न करो; तो न केवल यह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ से किया गया है; परन्तु यदि इस पहाड़ से भी कहोगे, कि उखड़ जो; और समुद्र में जा पड़, तो यह हो जाएगा। और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से मांगोगे वह सब तुम को मिलेगा।।
- John 15:6 यूहन्ना 15:6यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
- Mark 11:14 मरकुस 11:14इस पर उस ने उस से कहा अब से कोई तेरा फल कभी न खाए। और उसके चेले सुन रहे थे।
- Isaiah 40:24 यशायाह 40:24वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाई उड़ा ले जाती है।।
- Hebrews 6:8 इब्रानियों 6:8पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Jude 1:12 यहूदा 1:12यह तुम्हारी प्रेम सभाओं में तुम्हारे साथ खाते- पीते, समुद्र में छिपी हुई चट्टान सरीखे हैं, और बेधड़क अपना ही पेट भरनेवाले रखवाले हैं; वे निर्जल बादल हैं; जिन्हें हवा उड़ा ले जाती है; पतझड़ के निष्फल पेड़ हैं, जो दो बार मर चुके हैं; और जड़ से उखड़ गए हैं।
- Isaiah 5:4 यशायाह 5:4मेरी दाख की बारी के लिये और क्या करना रह गया जो मैं ने उसके लिये न किया हो? फिर क्या कारण है कि जब मैं ने दाख की आशा की तब उस में निकम्मी दाखें लगीं?
- Job 20:5–7 अय्यूब 20:5–7कि दुष्टों का ताली बजाना जल्दी बन्द हो जाता और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है? चाहे ऐसे मनुष्य का माहात्म्य आकाश तक पहुंच जाए, और उसका सिर बादलों तक पहुंचे, तौभी वह अपनी विष्ठा की नाई सदा के लिये नाश हो जाएगा; और जो उसको देखते थे वे पूछेंगे कि वह कहां रहा?
- Job 18:16–17 अय्यूब 18:16–17उसकी जड़ तो सूख जाएगी, और डालियां कट जाएंगी। पृथ्वी पर से उसका स्मरण मिट जाएगा, और बाज़ार में उसका नाम कभी न सुन पड़ेगा।