Matthew · chapter 26 · verse 42
Matthew 26:42 in Hindi
फिर उस ने दूसरी बार जाकर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो।
Phir us ne doosaree baar jaakar yah praarthanaa kee; ki he mere pitaa, yadi yah mere peee binaa naheem hat sakataa to teree ichchhaa pooree ho.
Matthew 26:42 in English
- King James Version (KJV)
- He went away again the second time, and prayed, saying, O my Father, if this cup may not pass away from me, except I drink it, thy will be done.
- World English Bible (WEB)
- Again, a second time he went away and prayed, saying, “My Father, if this cup can’t pass away from me unless I drink it, your desire be done.”
- American Standard Version (ASV)
- Again a second time he went away, and prayed, saying, My Father, if this cannot pass away, except I drink it, thy will be done.
- Bible in Basic English (BBE)
- Again, a second time he went away, and said in prayer, O my Father, if this may not go from me without my taking it, let your pleasure be done.
- Darby Translation (DBY)
- Again going away a second time he prayed saying, My Father, if this cannot pass [from me] unless I drink it, thy will be done.
- Webster's Bible (WBS)
- He went away again the second time, and prayed, saying, O my Father, if this cup may not pass away from me, except I drink it, thy will be done.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Again, a second time, having gone away, he prayed, saying, 'My Father, if this cup cannot pass away from me except I drink it, Thy will be done;'
Read in context
- 40फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके?
- 41जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है।
- 42फिर उस ने दूसरी बार जाकर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो।
- 43तब उस ने आकर उन्हें फिर सोते पाया, क्योंकि उन की आंखें नींद से भरी थीं।
- 44और उन्हें छोड़कर फिर चला गया, और वही बात फिर कहकर, तीसरी बार प्रार्थना की।
Cross references
- Matthew 26:39 मत्ती 26:39फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- Mark 14:39–40 मरकुस 14:39–40और वह फिर चला गया, और वही बात कहकर प्रार्थना की। और फिर आकर उन्हें सोते पाया, क्योंकि उन की आंखे नींद से भरी थीं; और नहीं जानते थे कि उसे क्या उत्तर दें।
- Hebrews 5:7–8 इब्रानियों 5:7–8उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई। और पुत्रा होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
- Hebrews 4:15 इब्रानियों 4:15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; बरन वह सब बातों में हमारी नाई परखा तो गया, तौभी निष्पाप निकला।
- Psalm 88:1–2 भजन संहिता 88:1–2हे मेरे उठ्ठारकर्त्ता परमेश्वर यहोवा, मैं दिन को और रात को तेरे आगे चिल्लाता आया हूं। मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचे, मेरे चिल्लाने की ओर कान लगा!
- Psalm 69:17–18 भजन संहिता 69:17–18अपने दास से अपना मुंह न मोड़; क्योंकि मैं संकट में हूं, फुर्ती से मेरी सुन ले। मेरे निकट आकर मुझे छुड़ा ले, मेरे शत्रुओं से मुझ को छुटकारा दे।।
- Psalm 22:1–2 भजन संहिता 22:1–2हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
- Psalm 69:1–3 भजन संहिता 69:1–3हे परमेश्वर, मेरा उद्धार कर, मैं जल में डूबा जाता हूं। मैं बड़े दलदल में धसा जाता हूं, और मेरे पैर कहीं नहीं रूकते; मैं गहिरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूं। मैं पुकारते पुकारते थक गया, मेरा गला सूख गया है; अपने परमेश्वर की बाट जोहते जोहते, मेरी आंखे रह गई हैं।।