Matthew · chapter 8 · verse 25
Matthew 8:25 in Hindi
तब उन्हों ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं।
Tab unhom ne paas aakar use jagaayaa, aur kahaa, he prabhu, hamem bachaa, ham naash hue jaate hain.
Matthew 8:25 in English
- King James Version (KJV)
- And his disciples came to [him], and awoke him, saying, Lord, save us: we perish.
- World English Bible (WEB)
- The disciples came to him and woke him up, saying, “Save us, Lord! We are dying!”
- American Standard Version (ASV)
- And they came to him, and awoke him, saying, Save, Lord; we perish.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they came to him, and, awaking him, said, Help, Lord; destruction is near.
- Darby Translation (DBY)
- And the disciples came and awoke him, saying, Lord save: we perish.
- Webster's Bible (WBS)
- And his disciples came to [him] , and awoke him, saying, Lord, save us: we perish.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and his disciples having come to him, awoke him, saying, 'Sir, save us; we are perishing.'
Read in context
- 23जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिए।
- 24और देखो, झील में एक एसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
- 25तब उन्हों ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं।
- 26उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया।
- 27और लोग अचम्भा करके कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।
Cross references
- Jonah 1:6 योना 1:6तब मांझी उसके निकट आकर कहने लगा, तू भारी नींद में पड़ा हुआ क्या करता है? उठ, अपने देवता की दोहाई दे! सम्भव है कि परमेश्वर हमारी चिन्ता करे, और हमारा नाश न हो।।
- Mark 4:38–39 मरकुस 4:38–39और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्हों ने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं? तब उस ने उठकर आन्धी को डांटा, और पानी से कहा; "शान्त रह, थम जा": और आन्धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
- Psalm 44:22–23 भजन संहिता 44:22–23परन्तु हम दिन भर तेरे निमित्त मार डाले जाते हैं, और उन भेड़ों के समान समझे जाते हैं जो वध होने पर हैं।। हे प्रभु, जाग! तू क्यों सोता है? उठ! हम को सदा के लिये त्याग न दे!
- 2 Chronicles 14:11 2 इतिहास 14:11तब आसा ने अपने परमेश्वर यहोवा की यों दोहाई दी, कि हे यहोवा! जैसे तू सामथ की सहायता कर सकता है, वैसे ही शक्तिहीन की भी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा! हमारी सहायता कर, क्योंकि हमारा भरोसा तुझी पर है और तेरे नाम का भरोसा करके हम इस भीड़ के विरूद्ध आए हैं। हे यहोवा, तू हमारा परमेश्वर है; मनुष्य तुझ पर प्रबल न होने पाएगा।
- 2 Chronicles 20:12 2 इतिहास 20:12हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं।
- Luke 8:24 लूका 8:24तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा; हे स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं: तब उस ने उठकर आन्धी को और पानी की लहरों को डांटा और वे थम गए, और चैन हो गया।
- Isaiah 51:9–10 यशायाह 51:9–10हे यहोवा की भुजा, जाग! जाग और बल धारण कर; जैसे प्राचीनकाल में और बीते हुए पीढ़ियों में, वैसे ही अब भी जाग। क्या तू वही नहीं है जिस ने रहब को टुकड़े टुकड़े किया और मगरमच्छ को छेदा? क्या तू वही नहीं जिस ने समुद्र को अर्थात् गहिरे सागर के जल को सुखा डाला और उसकी गहराई में अपने छुड़ाए हओं के पार जाने के लिये मार्ग निकाला था?
- Psalm 10:1 भजन संहिता 10:1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?