Matthew · chapter 8 · verse 26
Matthew 8:26 in Hindi
उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया।
Us ne un se kahaa; he alpavishvaasiyom, kyom darate ho? Tab us ne uthakar aandhee aur paanee ko daantaa, aur sab shaant ho gayaa.
Matthew 8:26 in English
- King James Version (KJV)
- And he saith unto them, Why are ye fearful, O ye of little faith? Then he arose, and rebuked the winds and the sea; and there was a great calm.
- World English Bible (WEB)
- He said to them, “Why are you fearful, O you of little faith?” Then he got up, rebuked the wind and the sea, and there was a great calm.
- American Standard Version (ASV)
- And he saith unto them, Why are ye fearful, O ye of little faith? Then he arose, and rebuked the winds and the sea; and there was a great calm.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them, Why are you full of fear, O you of little faith? Then he got up and gave orders to the winds and the sea; and there was a great calm.
- Darby Translation (DBY)
- And he says to them, Why are ye fearful, O ye of little faith? Then, having arisen, he rebuked the winds and the sea, and there was a great calm.
- Webster's Bible (WBS)
- And he saith to them, Why are ye fearful, O ye of little faith? Then he arose, and rebuked the winds and the sea; and there was a great calm.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith to them, 'Why are ye fearful, O ye of little faith?' Then having risen, he rebuked the winds and the sea, and there was a great calm;
Read in context
- 24और देखो, झील में एक एसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
- 25तब उन्हों ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं।
- 26उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया।
- 27और लोग अचम्भा करके कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।
- 28जब वह उस पार गदरेनियों के देश में पहुंचा, तो दो मनुष्य जिन में दुष्टात्माएं थीं कब्रों से निकलते हुए उसे मिले, जो इतने प्रचण्ड थे, कि कोई उस मार्ग से जा नहीं सकता था।
Cross references
- Isaiah 41:10–14 यशायाह 41:10–14मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।। देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे और वे नाश होकर मिट जाएंगे। जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पएगा; जो तुझ से युद्ध करते हैं वे नाश होकर मिट जाएंगे। क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।। हे कीड़े सरीखे याकूब, हे इस्राएल के मनुष्यों, मत डरो! यहोवा की यह वाणी है, मैं तेरी सहयता करूंगा; इस्राएल का पवित्रा तेरा छुड़ानेवाला है।
- Psalm 65:7 भजन संहिता 65:7तू जो समुद्र का महाशब्द, उसकी तरंगो का महाशब्द, और देश देश के लोगों का कोलाहल शन्त करता है;
- Psalm 107:28–30 भजन संहिता 107:28–30तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उनको सकेती से निकालता है। वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं। तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं, और वह उनको मन चाहे बन्दर स्थान में पहुंचा देता है।
- Psalm 89:9 भजन संहिता 89:9समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है; जब उसके तरंग उठते हैं, तब तू उनको शान्त कर देता है।
- Matthew 6:30 मत्ती 6:30इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्रा पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
- Luke 8:24–25 लूका 8:24–25तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा; हे स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं: तब उस ने उठकर आन्धी को और पानी की लहरों को डांटा और वे थम गए, और चैन हो गया। और उस ने उन से कहा; तुम्हारा विश्वास कहां था? पर वे डर गए, और अचम्भित होकर आपस में कहने लगे, यह कौन है जो आन्धी और पानी को भी आज्ञा देता है, और वे उस की मानते हैं॥
- Mark 4:39–41 मरकुस 4:39–41तब उस ने उठकर आन्धी को डांटा, और पानी से कहा; "शान्त रह, थम जा": और आन्धी थम गई और बड़ा चैन हो गया। और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं? और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?
- Romans 4:20 रोमियों 4:20और न अविश्वासी होकर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह किया, पर विश्वास में दृढ़ होकर परमेश्वर की महिमा की।
- Matthew 8:27 मत्ती 8:27और लोग अचम्भा करके कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।
- Isaiah 50:2–4 यशायाह 50:2–4इसका क्या कारण है कि जब मैं आया तब कोई न मिला? और जब मैं ने पुकारा, तब कोई न बोला? क्या मेरा हाथ ऐसा छोटा हो गया है कि छुड़ा नहीं सकता? क्या मुझ में उद्धार करने की शक्ति नहीं? देखो, मै एक धमकी से समुद्र को सुखा देता हूं, मैं महानदों को रेगिस्थान बना देता हूं, उनकी मछलियां जल बिना मर जाती और बसाती हैं। मैं आकाश को मानो शोक का काला कपड़ा पहिनाता, और टाट को उनका ओढ़ना बना देता हूं।। प्रभु यहोवा ने मुझे सीखनेवालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं।
- Matthew 16:8 मत्ती 16:8यह जानकर, यीशु ने उन से कहा, हे अल्पविश्वासियों, तुम आपस में क्यों विचार करते हो कि हमारे पास रोटी नहीं?
- Mark 6:48–51 मरकुस 6:48–51और जब उस ने देखा, कि वे खेते खेते घबरा गए हैं, क्योंकि हवा उन के विरूद्ध थी, तो रात के चौथे पहर के निकट वह झील पर चलते हुए उन के पास आया; और उन से आगे निकल जाना चाहता था। परन्तु उन्हों ने उसे झील पर चलते देखकर समझा, कि भूत है, और चिल्ला उठे, क्योंकि सब उसे देखकर घबरा गए थे। पर उस ने तुरन्त उन से बातें कीं और कहा; ढाढ़स बान्धों: मैं हूं; डरो मत। तब वह उन के पास नाव पर आया, और हवा थम गई: वे बहुत ही आश्चर्य करने लगे।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- saith · G3004λέγω légō
- them · G846αὐτός autós
- Then · G5119τότε tóte
- arose · G1453ἐγείρω egeírō
- rebuked · G2008ἐπιτιμάω epitimáō
- winds · G417ἄνεμος ánemos
- and · G2532καί kaí
- sea · G2281θάλασσα thálassa
- and · G2532καί kaí
- was · G1096γίνομαι gínomai
- great · G3173μέγας mégas
- calm · G1055γαλήνη galḗnē