Numbers · chapter 35 · verse 6
Numbers 35:6 in Hindi
और जो नगर तुम लेवियों को दोगे उन में से छ: शरणनगर हों, जिन्हें तुम को खूनी के भागने के लिये ठहराना होगा, और उन से अधिक बयालीस नगर और भी देना।
Aur jo nagar tum leviyom ko doge un mem se chha: sharananagar hom, jinhem tum ko khoonee ke bhaagane ke liye thaharaanaa hogaa, aur un se adhik bayaalees nagar aur bhee denaa.
Numbers 35:6 in English
- King James Version (KJV)
- And among the cities which ye shall give unto the Levites [there shall be] six cities for refuge, which ye shall appoint for the manslayer, that he may flee thither: and to them ye shall add forty and two cities.
- World English Bible (WEB)
- “The cities which you shall give to the Levites, they shall be the six cities of refuge, which you shall give for the man slayer to flee to. Besides them you shall give forty-two cities.
- American Standard Version (ASV)
- And the cities which ye shall give unto the Levites, they shall be the six cities of refuge, which ye shall give for the manslayer to flee unto: and besides them ye shall give forty and two cities.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the towns which you give the Levites are to be the six safe places to which the taker of life may go in flight; and in addition you are to give them forty-two towns.
- Darby Translation (DBY)
- And [among] the cities that ye shall give unto the Levites [shall be] the six cities of refuge, which ye shall appoint for the manslayer, that he may flee thither, — and besides them ye shall give forty-two cities:
- Webster's Bible (WBS)
- And among the cities which ye shall give to the Levites [there shall be] six cities for refuge, which ye shall appoint for the man-slayer, that he may flee thither: and to them ye shall add forty and two cities.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And the cities which ye give to the Levites [are] the six cities of refuge, which ye give for the fleeing thither of the man-slayer, and besides them ye give forty and two cities;
Read in context
- 4और नगरों की चराइयां, जिन्हें तुम लेवियों को दोगे, वह एक एक नगर की शहरपनाह से बाहर चारों ओर एक एक हजार हाथ तक की हों।
- 5और नगर के बाहर पूर्व, दक्खिन, पच्छिम, और उत्तर अलंग, दो दो हजार हाथ इस रीति से नापना कि नगर बीचोंबीच हो; लेवियों के एक एक नगर की चराई इतनी ही भूमि की हो।
- 6और जो नगर तुम लेवियों को दोगे उन में से छ: शरणनगर हों, जिन्हें तुम को खूनी के भागने के लिये ठहराना होगा, और उन से अधिक बयालीस नगर और भी देना।
- 7जितने नगर तुम लेवियों को दोगे वे सब अड़तालीस हों, और उनके साथ चराइयां देना।
- 8और जो नगर तुम इस्त्राएलियों की निज भूमि में से दो, वे जिनके बहुत नगर हों उन से थोड़े लेकर देना; सब अपने अपने नगरों में से लेवियों को अपने ही अपने भाग के अनुसार दें।।
Cross references
- Joshua 21:13 यहोशू 21:13तब उन्हों ने हारून याजक के वंश को चराइयों समेत खूनी के शरण नगर हेब्रोन, और अपनी अपनी चराइयों समेत लिब्ना,
- Joshua 21:3 यहोशू 21:3तब इस्राएलियों ने यहोवा के कहने के अनुसार अपने अपने भाग में से लेवियों को चराईयों समेत ये नगर दिए।।
- Psalm 142:4–5 भजन संहिता 142:4–5मैं ने दहिनी ओर देखा, परन्तु कोई मुझे नहीं देखता है। मेरे लिये शरण कहीं नहीं रही, न मुझ को कोई पूछता है।। हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; मैं ने कहा, तू मेरा शरणस्थान है, मेरे जीते ही तू मेरा भाग है।
- Joshua 21:27 यहोशू 21:27फिर लेवियों के कुलों में के गेर्शोनियों को मनश्शे के आधे गोत्रा के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर बाशान का गोलान और बेशतरा; ये दो नगर दिए गए।
- Psalm 62:7–8 भजन संहिता 62:7–8मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है। हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोलकर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
- Joshua 21:32 यहोशू 21:32और नप्ताली के गोत्रा के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर गलील का केदेश, फिर हम्मोतदोर, और कर्तान; ये तीन नगर दिए गए।
- Joshua 21:36 यहोशू 21:36और रूबेन के गोत्रा के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत बेसेर, यहसा,
- Joshua 21:38 यहोशू 21:38और गाद के गोत्रा के भाग में से अपनी अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर गिलाद में का रामोत, फिर महनैम,
- Joshua 21:21 यहोशू 21:21अर्थात् उनको चराइयों समेत एप्रैम के पहाड़ी देश में खूनी शरण लेने का शकेम नगर दिया गया, फिर अपनी अपनी चराइयों समेत गेजेर,
- Psalm 9:9 भजन संहिता 9:9यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा।
- Joshua 20:2–9 यहोशू 20:2–9इस्राएलियों से यह कह, कि मैं ने मूसा के द्वारा तुम से शरण नगरों की जो चर्चा की थी उसके अनुसार उन को ठहरा लो, जिस से जो कोई भूल से बिना जाने किसी को मार डाले, वह उन में से किसी में भाग जाए; इसलिये वे नगर खून के पलटा लेने वाले से बचने के लिये तुम्हारे शरणस्थान ठहरें। वह उन नगरों में से किसी को भाग जाए, और उस नगर के फाटक में से खड़ा हो कर उसके पुरनियों को अपना मुकद्दमा कह सुनाए; और वे उसको अपने नगर में अपने पास टिका लें, और उसे कोई स्थान दें, जिस में वह उनके साथ रहे। और यदि खून का पलटा लेनेवाला उसका पीछा करे, तो वे यह जानकर कि उसने अपने पड़ोसी को बिना जाने, और पहिले उस से बिना बैर रखे मारा, उस खूनी को उसके हाथ में न दें। और जब तक वह मण्डली के साम्हने न्याय के लिये खड़ा न हो, और जब तक उन दिनों का महायाजक न मर जाए, तब तक वह उसी नगर में रहे; उसके बाद वह खूनी अपने नगर को लौटकर जिस से वह भाग आया हो अपने घर में फिर रहने पाए। और उन्होंने नप्ताली के पहाड़ी देश में गलील के केदेश को, और एप्रैम के पहाड़ी देश में शकेम को, और यहूदा के पहाड़ी देश में किर्य्यतर्बा को, (जो हेब्रोन भी कहलाता है) पवित्र ठहराया। और यरीहो के पास के यरदन के पूर्व की ओर उन्होंने रूबेन के गोत्र के भाग में बसेरे को, जो जंगल में चौरस भूमि पर बसा हुआ है, और गाद के गोत्र के भाग में गिलाद के रमोत को, और मनश्शे के गोत्र के भाग में बाशान के गालान को ठहराया। सारे इस्राएलियों के लिये, और उन के बीच रहने वाले परदेशियों के लिये भी, जो नगर इस मनसा से ठहराए गए कि जो कोई किसी प्राणी को भूल से मार डाले वह उन में से किसी में भाग जाए, और जब तक न्याय के लिये मण्डली के साम्हने खड़ा न हो, तब तक खून का पलटा लेनेवाला उसे मार डालने न पाए, वे यह ही हैं॥
- Hebrews 6:18 इब्रानियों 6:18ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
Original words (Hebrew)
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- give · H5414נָתַן nâthan
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- six · H8337שֵׁשׁ shêsh
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- refuge · H4733מִקְלָט miqlâṭ
- appoint · H5414נָתַן nâthan
- manslayer · H7523רָצַח râtsach
- flee · H5127נוּס nûwç
- add · H5414נָתַן nâthan
- forty · H705אַרְבָּעִים ʼarbâʻîym
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- cities · H5892עִיר ʻîyr