Proverbs · chapter 11 · verse 2
Proverbs 11:2 in Hindi
जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है, परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
Jab abhimaan hotaa, tab apamaan bhee hotaa hai, parantu namr logom mem buddhi hotee hai.
Proverbs 11:2 in English
- King James Version (KJV)
- [When] pride cometh, then cometh shame: but with the lowly [is] wisdom.
- World English Bible (WEB)
- When pride comes, then comes shame, but with humility comes wisdom.
- American Standard Version (ASV)
- When pride cometh, then cometh shame; But with the lowly is wisdom.
- Bible in Basic English (BBE)
- When pride comes, there comes shame, but wisdom is with the quiet in spirit.
- Darby Translation (DBY)
- [When] pride cometh, then cometh shame; but with the lowly is wisdom.
- Webster's Bible (WBS)
- [When] pride cometh, then cometh shame: but with the lowly [is] wisdom.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Pride hath come, and shame cometh, And with the lowly [is] wisdom.
Read in context
- 1छल के तराजू से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह पूरे बटखरे से प्रसन्न होता है।
- 2जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है, परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
- 3सीधे लोग अपनी खराई से अगुवाई पाते हैं, परन्तु विश्वासघाती अपने कपट से विनाश होते हैं।
- 4कोप के दिन धन से तो कुछ लाभ नहीं होता, परन्तु धर्म मृत्यु से भी बचाता है।
Cross references
- Proverbs 29:23 नीतिवचन 29:23मनुष्य गर्व के कारण नीचा खाता है, परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है।
- Proverbs 16:18–19 नीतिवचन 16:18–19विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है। घमण्डियों के संग लूट बांट लने से, दीन लोगों के संग नम्र भाव से रहना उत्तम है।
- Proverbs 15:33 नीतिवचन 15:33यहोवा के भय मानने से शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहिले नम्रता होती है।।
- Luke 18:14 लूका 18:14मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जाकर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- Proverbs 18:12 नीतिवचन 18:12नाश होने से पहिले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहिले नम्रता होती है।
- Proverbs 3:34–35 नीतिवचन 3:34–35ठट्ठा करनेवालों से वह निश्चय ठट्ठा करता है और दीनों पर अनुग्रह करता है। बुद्धिमान महिमा को पाएंगे, और मूर्खों की बढ़ती अपमान ही की होगी।।
- 1 Corinthians 8:1–2 1 कुरिन्थियों 8:1–2अब मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के विषय में हम जानते हैं, कि हम सब को ज्ञान है: ज्ञान घमण्ड उत्पन्न करता है, परन्तु प्रेम से उन्नति होती है। यदि कोई समझे, कि मैं कुछ जानता हूं, तो जैसा जानना चाहिए वैसा अब तक नहीं जानता।
- Luke 14:8–11 लूका 14:8–11जब कोई तुझे ब्याह में बुलाए, तो मुख्य जगह में न बैठना, कहीं ऐसा न हो, कि उस ने तुझ से भी किसी बड़े को नेवता दिया हो। और जिस ने तुझे और उसे दोनों को नेवता दिया है: आकर तुझ से कहे, कि इस को जगह दे, और तब तुझे लज्जित होकर सब से नीची जगह में बैठना पड़े। पर जब तू बुलाया जाए, तो सब से नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिस ने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे कि हे मित्रा, आगे बढ़कर बैठ; तब तेरे साथ बैठनेवालों के साम्हने तेरी बड़ाई होगी। और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- Daniel 4:30–32 दानिय्येल 4:30–32क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है? यह वचन राजा के मुंह से निकलने भी न पाया था कि आकाशवाणी हुई, हे राजा नबूकदनेस्सर तेरे विषय में यह आज्ञा निकलती है कि राज्य तेरे हाथ से निकल गया, और तू मनुष्यों के बीच में से निकाला जाएगा, और मैदान के पशुओं के संग रहेगा; और बैलों की नाईं घास चरेगा९ और सात काल तुझ पर बीतेंगे, जब तक कि तू न जान ले कि परमप्रधान, मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहे वह उसे दे देता है।