Proverbs · chapter 12 · verse 1
Proverbs 12:1 in Hindi
जो शिक्षा पाने में प्रीति रखता है वह ज्ञान से प्रीति रखता है, परन्तु जो डांट से बैर रखता, वह पशु सरीखा है।
Jo shikshaa paane mem preeti rakhataa hai vah jnyaan se preeti rakhataa hai, parantu jo daant se bair rakhataa, vah pashu sareekhaa hai.
Proverbs 12:1 in English
- King James Version (KJV)
- Whoso loveth instruction loveth knowledge: but he that hateth reproof [is] brutish.
- World English Bible (WEB)
- Whoever loves correction loves knowledge, but he who hates reproof is stupid.
- American Standard Version (ASV)
- Whoso loveth correction loveth knowledge; But he that hateth reproof is brutish.
- Bible in Basic English (BBE)
- A lover of training is a lover of knowledge; but a hater of teaching is like a beast.
- Darby Translation (DBY)
- Whoso loveth discipline loveth knowledge, but he that hateth reproof is brutish.
- Webster's Bible (WBS)
- Whoever loveth instruction loveth knowledge: but he that hateth reproof [is] brutish.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is loving instruction, is loving knowledge, And whoso is hating reproof [is] brutish.
Read in context
- 1जो शिक्षा पाने में प्रीति रखता है वह ज्ञान से प्रीति रखता है, परन्तु जो डांट से बैर रखता, वह पशु सरीखा है।
- 2भले मनुष्य से तो यहोवा प्रसन्न होता है, परन्तु बुरी युक्ति करनेवाले को वह दोषी ठहराता है।
- 3कोई मनुष्य दुष्टता के कारण स्थिर नहीं होता, परन्तु धर्मियों की जड़ उखड़ने की नहीं।
Cross references
- Proverbs 15:10 नीतिवचन 15:10जो मार्ग को छोड़ देता, उसको बड़ी ताड़ना मिलती है, और जो डांट से बैर रखता, वह अवश्य मर जाता है।
- Proverbs 9:7–8 नीतिवचन 9:7–8जो ठट्ठा करनेवाले को शिक्षा देता है, सो अपमानित होता है, और जो दुष्ट जन को डांटता है वह कलंकित होता है।। ठट्ठा करनेवाले को न डांट ऐसा न हो कि वह तुझ से बैर रखे, बुद्धिमान को डांट, वह तो तुझ से प्रेम रखेगा।
- Psalm 119:97–100 भजन संहिता 119:97–100अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है। मैं पुरनियों से भी समझदार हूं, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूं।
- Proverbs 18:1 नीतिवचन 18:1जो औरों से अलग हो जाता है, वह अपनी ही इच्छा पूरी करने के लिये ऐसा करता है,
- Proverbs 5:12–13 नीतिवचन 5:12–13मैं ने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डांटनेवाले का कैसा तिरस्कार किया! मैं ने अपने गुरूओं की बातें न मानी और अपने सिखानेवालों की ओर ध्यान न लगाया।
- Proverbs 8:17 नीतिवचन 8:17जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उन से मैं भी प्रेम रखती हूं, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठकर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं।
- Psalm 32:9 भजन संहिता 32:9तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं अपने के।।
- Psalm 92:6 भजन संहिता 92:6पशु समान मनुष्य इसको नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता:
- Proverbs 2:10–11 नीतिवचन 2:10–11क्योंकि बुद्धि तो तेरे हृदय में प्रवेश करेगी, और ज्ञान तुझे मनभाऊ लगेगा; विवेक तुझे सुरक्षित रखेगा; और समझ तेरी रक्षक होगी;
- 2 Thessalonians 2:10 2 थिस्सलुनीकियों 2:10और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता।
- Isaiah 1:3 यशायाह 1:3बैल तो अपने मालिक को और गदहा अपने स्वामी की चरनी को पहिचानता है, परन्तु इस्राएल मुझें नहीं जानता, मेरी प्रजा विचार नहीं करती।।
- Proverbs 8:32 नीतिवचन 8:32इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो; क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं।