Proverbs · chapter 15 · verse 16
Proverbs 15:16 in Hindi
घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से, यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,
Ghabaraahat ke saath bahut rakhe hue dhan se, yahovaa ke bhay ke saath thodaa hee dhan uttam hai,
Proverbs 15:16 in English
- King James Version (KJV)
- Better [is] little with the fear of the LORD than great treasure and trouble therewith.
- World English Bible (WEB)
- Better is little, with the fear of the LORD, than great treasure with trouble.
- American Standard Version (ASV)
- Better is little, with the fear of Jehovah, Than great treasure and trouble therewith.
- Bible in Basic English (BBE)
- Better is a little with the fear of the Lord, than great wealth together with trouble.
- Darby Translation (DBY)
- Better is little with the fear of Jehovah than great store and disquietude therewith.
- Webster's Bible (WBS)
- Better [is] little with the fear of the LORD, than great treasure and trouble with it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better [is] a little with the fear of Jehovah, Than much treasure, and tumult with it.
Read in context
- 14समझनेवाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं।
- 15दुखिया के सब दिन दु:ख भरे रहते हैं, परन्तु जिसका मन प्रसन्न रहता है, वह मानो नित्य भोज में जाता है।
- 16घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से, यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,
- 17प्रेम वाले घर में सागपात का भोजन, बैर वाले घर में पाले हुए बैल का मांस खाने से उत्तम है।
- 18क्रोधी पुरूष झगड़ा मचाता है, परन्तु जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है, वह मुक मों को दबा देता है।
Cross references
- Proverbs 16:8 नीतिवचन 16:8अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
- Psalm 37:16 भजन संहिता 37:16धर्मी को थोड़ा से माल दुष्टों के बहुत से धन से उत्तम है।
- Ecclesiastes 5:10–12 सभोपदेशक 5:10–12जो रूपये से प्रीति रखता है वह रूपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से: यह भी व्यर्थ है। जब सम्पत्ति बढ़ती है, तो उसके खानेवाले भी बढ़ते हैं, तब उसके स्वामी को इसे छोड़ और क्या लाभ होता है कि उस सम्पत्ति को अपनी आंखों से देखे? परिश्रम करनेवाला चाहे थोड़ा खाए, या बहुत, तौभी उसकी नींद सुखदाई होती है; परन्तु धनी के धन के बढ़ने के कारण उसको नींद नहीं आती।
- 1 Timothy 6:6 1 तीमुथियुस 6:6पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
- Proverbs 28:6 नीतिवचन 28:6टेढ़ी चाल चलनेवाले धनी मनुष्य से खराई से चलनेवाला निर्धन पुरूष ही उत्तम है।
- Proverbs 10:22 नीतिवचन 10:22धन यहोवा की आशीष ही से मिलता है, और वह उसके साथ दु:ख नहीं मिलाता।
- Ecclesiastes 2:18–23 सभोपदेशक 2:18–23मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा। यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है। तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैं ने धरती पर किया था निराश हुआ, क्योंकि ऐसा मनुष्य भी है, जिसका कार्य परिश्रम और बुद्धि और ज्ञान से होता है और सफल भी होता है, तौभी उसको ऐसे मनुष्य के लिये छोड़ जाना पड़ता है, जिस ने उस में कुछ भी परिश्रम न किया हो। यह भी व्यर्थ और बहुत ही बुरा है। मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है? उसके सब दिन तो दु:खों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है।
- Ecclesiastes 2:10–11 सभोपदेशक 2:10–11और जितनी वस्तुओं के देखने की मैं ने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रूका; मैं ने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला। तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।।