Proverbs · chapter 16 · verse 10
Proverbs 16:10 in Hindi
राजा के मुंह से दैवीवाणी निकलती है, न्याय करने में उस से चूक नहीं होती।
Raajaa ke munh se daiveevaanee nikalatee hai, nyaay karane mem us se chook naheem hotee.
Proverbs 16:10 in English
- King James Version (KJV)
- A divine sentence [is] in the lips of the king: his mouth transgresseth not in judgment.
- World English Bible (WEB)
- Inspired judgments are on the lips of the king. He shall not betray his mouth.
- American Standard Version (ASV)
- A divine sentence is in the lips of the king; His mouth shall not transgress in judgment.
- Bible in Basic English (BBE)
- Decision is in the lips of the king: his mouth will not go wrong in judging.
- Darby Translation (DBY)
- An oracle is on the lips of the king: his mouth will not err in judgment.
- Webster's Bible (WBS)
- A divine sentence [is] in the lips of the king: his mouth transgresseth not in judgment.
- Young's Literal Translation (YLT)
- An oath [is] on the lips of a king, In judgment his mouth trespasseth not.
Read in context
- 8अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।
- 9मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
- 10राजा के मुंह से दैवीवाणी निकलती है, न्याय करने में उस से चूक नहीं होती।
- 11सच्चा तराजू और पलड़े यहोवा की ओर से होते हैं, थैली में जितने बटखरे हैं, सब उसी के बनवाए हुए हैं।
- 12दुष्टता करना राजाओं के लिये घृणित काम है, क्योंकि उनकी गद्दी धर्म ही से स्थिर रहती है।
Cross references
- Isaiah 32:1–2 यशायाह 32:1–2देखो, एक राजा धर्म से राज्य करेगा, और राजकुमा न्याय से हुकूमत करेंगे। हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
- Genesis 44:15 उत्पत्ति 44:15यूसुफ ने उन से कहा, तुम लोगों ने यह कैसा काम किया है? क्या तुम न जानते थे, कि मुझ सा मनुष्य शकुन विचार सकता है?
- Genesis 44:5 उत्पत्ति 44:5क्या यह वह वस्तु नहीं जिस में मेरा स्वामी पीता है, और जिस से वह शकुन भी विचारा करता है? तुम ने यह जो किया है सो बुरा किया।
- 1 Kings 3:28 1 राजा 3:28जो न्याय राजा ने चुकाया था, उसका समाचार समस्त इस्राएल को मिला, और उन्हों ने राजा का भय माना, क्योंकि उन्हों ने यह देखा, कि उसके मन में न्याय करने के लिये परमेश्वर की बुध्दि है।
- Psalm 45:6–7 भजन संहिता 45:6–7हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बना रहेगा; तेरा राजदण्ड न्याय का है। तू ने धर्म से प्रीति और दुष्टता से बैर रखा है। इस कारण परमेश्वर ने हां तेरे परमेश्वर ने तुझ को तेरे साथियों से अधिक हर्ष के तेल से अभिषेक किया है।
- 2 Samuel 23:3–4 2 शमूएल 23:3–4इस्राएल के परमेश्वर ने कहा है, इस्राएल की चट्टान ने मुझ से बातें की है, कि मनुष्यों में प्रभुता करनेवाला एक धम होगा, जो परमेश्वर का भय मानता हुआ प्रभुता करेगा, वह मानो भोर का प्रकाश होगा जब सूर्य निकलता है, ऐसा भोर जिस में बादल न हों, जैसा वर्षा के बाद निर्मल प्रकाश के कारण भूमि से हरी हरी घास उगती है।
- Psalm 72:1–4 भजन संहिता 72:1–4हे परमेश्वर, राजा को अपना नियम बता, राजपुत्रा को अपना धर्म सिखला! वह तेरी प्रजा का न्याय धर्म से, और तेरे दी लोगों का न्याय ठीक ठीक चुकाएगा। पहाडों और पहाड़ियों से प्रजा के लिये, धर्म के द्वारा शान्ति मिला करेगी वह प्रजा के दीन लोगों का न्याय करेगा, और दरिद्र लोगों को बचाएगा; और अन्धेर करनेवालों को चूर करेगा।।
- Jeremiah 23:5–6 यिर्मयाह 23:5–6यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धम अंकुर उगाऊंगा, और वह राजा बनकर बुध्दि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धर्म से प्रभुता करेगा। उसके दिनों में यहूदी लोग बचे रहेंगे, और इस्राएली लोग निडर बसे रहेंगे: और यहोवा उसका नाम यहोवा "हमारी धार्मिकता" रखेगा।
- Hosea 10:4 होशे 10:4वे बातें बनाते और झूठी शपथ खाकर वाचा बान्धते हैं; इस कारण खेत की रेघारियों में धतूरे की नाईं दण्ड फूले फलेगा।
- Amos 5:7 आमोस 5:7हे न्याय के बिगाड़नेवालों और धर्म को मिट्टी में मिलानेवालों!
- Deuteronomy 17:18–20 व्यवस्थाविवरण 17:18–20और जब वह राजगद्दी पर विराजमान हो, तब इसी व्यवस्था की पुस्तक, जो लेवीय याजकों के पास रहेगी, उसकी एक नकल अपने लिये कर ले। और वह उसे अपने पास रखे, और अपने जीवन भर उसको पढ़ा करे, जिस से वह अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना, और इस व्यवस्था और इन विधियों की सारी बातों के मानने में चौकसी करना सीखे; जिस से वह अपने मन में घमण्ड करके अपने भाइयों को तुच्छ न जाने, और इन आज्ञाओं से न तो दहिने मुड़े और न बाएं; जिस से कि वह और उसके वंश के लोग इस्राएलियों के मध्य बहुत दिनों तक राज्य करते रहें।।
- Proverbs 16:12–13 नीतिवचन 16:12–13दुष्टता करना राजाओं के लिये घृणित काम है, क्योंकि उनकी गद्दी धर्म ही से स्थिर रहती है। धर्म की बात बोलनेवालों से राजा प्रसन्न होता है, और जो सीधी बातें बोलता है, उस से वह प्रेम रखता है।