Proverbs · chapter 21 · verse 29
Proverbs 21:29 in Hindi
दुष्ट मनुष्य कठोर मुख का होता है, और जो सीधा है, वह अपनी चाल सीधी करता है।
Dusht manushy kathor mukh kaa hotaa hai, aur jo seedhaa hai, vah apanee chaal seedhee karataa hai.
Proverbs 21:29 in English
- King James Version (KJV)
- A wicked man hardeneth his face: but [as for] the upright, he directeth his way.
- World English Bible (WEB)
- A wicked man hardens his face; but as for the upright, he establishes his ways.
- American Standard Version (ASV)
- A wicked man hardeneth his face; But as for the upright, he establisheth his ways.
- Bible in Basic English (BBE)
- The evil-doer makes his face hard, but as for the upright, he gives thought to his way.
- Darby Translation (DBY)
- A wicked man hardeneth his face; but as for the upright, he establisheth his way.
- Webster's Bible (WBS)
- A wicked man hardeneth his face: but [as for] the upright, he directeth his way.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A wicked man hath hardened by his face, And the upright — he prepareth his way.
Read in context
- 27दुष्टों का बलिदान घृणित लगता है; विशेष करके जब वह महापाप के निमित्त चढ़ाता है।
- 28झूठा साक्षी नाश होता है, जिस ने जो सुना है, वही कहता हुआ स्थिर रहेगा।
- 29दुष्ट मनुष्य कठोर मुख का होता है, और जो सीधा है, वह अपनी चाल सीधी करता है।
- 30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- 31युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है।।
Cross references
- 1 Thessalonians 3:11 1 थिस्सलुनीकियों 3:11अब हमारा परमेश्वर और पिता आप ही और हमारा प्रभु यीशु, तुम्हारे यहां आने के लिये हमारी अगुवाई करे।
- Haggai 1:7 हाग्गै 1:7सेनाओ का यहोवा तुम से यों कहता हे, अपने अपने चालचलन पर सोचो।
- Proverbs 11:5 नीतिवचन 11:5खरे मनुष्य का मार्ग धर्म के कारण सीधा होता है, परन्तु दुष्ट अपनी दुष्टता के कारण गिर जाता है।
- Haggai 2:18–19 हाग्गै 2:18–19अब सोच- विचार करो, कि आज से पहिले अर्थात् जिस दिन यहोवा के मन्दिर की नेव डाली गई, उस दिन से लेकर नौवें महीने के इसी चौबीसवें दिन तक क्या दशा थी? इसका सोच- विचार करो। क्या अब तक बीच खत्ते में है? अब तक दाखलता और अंजीर और अनार और जलपाई के वृक्ष नहीं फले, परन्तु आज के दिन से मैं तुम को आशीष देता रहूंगा।।
- Proverbs 28:14 नीतिवचन 28:14जो मनुष्य निरन्तर प्रभु का भय मानता रहता है वह धन्य है; परन्तु जो अपना मन कठोर कर लेता है वह विपत्ति में पड़ता है।
- Proverbs 29:1 नीतिवचन 29:1जो बार बार डांटे जाने पर भी हठ करता है, वह अचानक नाश हो जाएगा और उसका कोई भी उपाय काम न आएगा।
- Psalm 119:5 भजन संहिता 119:5भला होता कि तेरी विधियों के मानने के लिये मेरी चालचलन दृढ़ हो जाए!
- Ezekiel 18:28 यहेजकेल 18:28वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा, इस कारण न मरेगा, जीवित ही रहेगा।
- Psalm 119:59 भजन संहिता 119:59मैं ने अपनी चालचलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया।
- Jeremiah 5:3 यिर्मयाह 5:3हे यहोवा, क्या तेरी दृष्टि सच्चाई पर नहीं है? तू ने उनको दु:ख दिया, परन्तु वे शोकित नहीं हुए; तू ने उनको नाश किया, परन्तु उन्हों ने ताड़ना से भी नहीं माना। उन्हों ने अपना मन चट्टान से भी अधिक कठोर किया है; उन्हों ने पश्चात्ताप करने से इनकार किया है।
- Jeremiah 8:12 यिर्मयाह 8:12कया वे घृणित काम करके लज्जित हुए? नहीं, वे कुछ भी लज्जित नहीं हुए, वे लज्जित होना जानते ही नहीं। इस कारण जब और लेग नीचे गिरें, तब वे भी गिरेंगे; जब उनके दण्ड का समय आएगा, तब वे भी ठोकर खाकर गिरेंगे, यहोवा का यही वचन है।
- Jeremiah 44:16–17 यिर्मयाह 44:16–17जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की। जो जो मन्नतें हम मान चुके हैं उन्हें हम निश्चय पूरी करेंगी, हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाएंगे और तपावन देंगे, जैसे कि हमारे पुरखा लोग और हम भी अपने राजाओं और और हाकिमों समेत यहूदा के नगरों में और यरूशलेम की सड़कों में करते थे; क्योंकि उस समय हम पेट भरके खाते और भले चंगे रहते और किसी विपत्ति में नहीं पड़ते थे।