Proverbs · chapter 22 · verse 20
Proverbs 22:20 in Hindi
मैं बहुत दिनों से तेरे हित के उपदेश और ज्ञान की बातें लिखता आया हूं,
Maim bahut dinom se tere hit ke upadesh aur jnyaan kee baatem likhataa aayaa hoom,
Proverbs 22:20 in English
- King James Version (KJV)
- Have not I written to thee excellent things in counsels and knowledge,
- World English Bible (WEB)
- Haven’t I written to you thirty excellent things of counsel and knowledge,
- American Standard Version (ASV)
- Have not I written unto thee excellent things Of counsels and knowledge,
- Bible in Basic English (BBE)
- Have I not put in writing for you thirty sayings, with wise suggestions and knowledge,
- Darby Translation (DBY)
- Have not I written to thee excellent things, in counsels and knowledge,
- Webster's Bible (WBS)
- Have not I written to thee excellent things in counsels and knowledge,
- Young's Literal Translation (YLT)
- Have I not written to thee three times With counsels and knowledge?
Read in context
- 18यदि तू उसको अपने मन में रखे, और वे सब तेरे मुंह से निकला भी करें, तो यह मनभावनी बात होगी।
- 19मैं आज इसलिये ये बातें तुझ को जता देता हूं, कि तेरा भरोसा यहोवा पर हो।
- 20मैं बहुत दिनों से तेरे हित के उपदेश और ज्ञान की बातें लिखता आया हूं,
- 21कि मैं तुझे सत्य वचनों का निश्चय करा दूं, जिस से जो तुझे काम में लगाएं, उनको सच्चा उत्तर दे सके।।
- 22कंगाल पर इस कारण अन्धेर न करता कि वह कंगाल है, और न दीन जन को कचहरी में पीसना;
Cross references
- 2 Peter 1:19–21 2 पतरस 1:19–21और हमारे पास जो भविष्यद्वक्ताओं का वचन है, वह इस घटना से दृढ़ ठहरा है और तुम यह अच्छा करते हो, कि जो यह समझकर उस पर ध्यान करते हो, कि वह एक दीया है, जो अन्धियारे स्थान में उस समय तक प्रकाश देता रहता है जब तक कि पौ न फटे, और भोर का तारा तुम्हारे हृदयों में न चमक उठे। पर पहिले यह जान लो कि पवित्रा शास्त्रा की कोई भी भविष्यद्वाणी किसी के अपने ही विचारधारा के आधार पर पूर्ण नहीं होती। क्योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई पर भक्त जन पवित्रा आत्मा के द्वारा उभारे जाकर परमेश्वर की ओर से बोलते थे।।
- Proverbs 8:6 नीतिवचन 8:6सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी;
- Psalm 12:6 भजन संहिता 12:6परमेश्वर का वचन पवित्रा है, उस चान्दि के समान जो भट्टी में मिट्टी पर ताई गई, और सात बार निर्मल की गई हो।।
- 2 Timothy 3:15–17 2 तीमुथियुस 3:15–17और बालकपन से पवित्रा शास्त्रा तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। हर एक पवित्राशास्त्रा परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्पर हो जाए।।
- Hosea 8:12 होशे 8:12मैं तो उनके लिये अपनी व्यवस्था की लाखों बातें लिखता आया हूं, परन्तु वे उन्हें पराया समझते हैं।