Proverbs · chapter 8 · verse 6
Proverbs 8:6 in Hindi
सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी;
Suno, kyonki maim uttam baatem kahoongee, aur jab munh kholoongee, tab us se seedhee baatem nikalengee;
Proverbs 8:6 in English
- King James Version (KJV)
- Hear; for I will speak of excellent things; and the opening of my lips [shall be] right things.
- World English Bible (WEB)
- Hear, for I will speak excellent things. The opening of my lips is for right things.
- American Standard Version (ASV)
- Hear, for I will speak excellent things; And the opening of my lips shall be right things.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear, for my words are true, and my lips are open to give out what is upright.
- Darby Translation (DBY)
- Hear, for I will speak excellent things, and the opening of my lips shall be right things.
- Webster's Bible (WBS)
- Hear; for I will speak of excellent things; and the opening of my lips [shall be] right things.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hearken, for noble things I speak, And the opening of my lips [is] uprightness.
Read in context
- 4हे मनुष्यों, मैं तुम को पुकारती हूं, और मेरी बात सब आदमियों के लिये है।
- 5हे भोलो, चतुराई सीखो; और हे मूर्खों, अपने मन में समझ लों
- 6सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी;
- 7क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है।।
- 8मेरे मुंह की सब बातें धर्म की होती हैं, उन में से कोई टेढ़ी वा उलट फेर की बात नहीं निकलती है।
Cross references
- Matthew 7:28–29 मत्ती 7:28–29जब यीशु ये बातें कह चुका, तो ऐसा हुआ कि भीड़ उसके उपदेश से चकित हुई। क्योंकि वह उन के शास्त्रियों के समान नहीं परन्तु अधिकारी की नाई उन्हें उपदेश देता था।।
- Colossians 1:26 कुलुस्सियों 1:26अर्थात् उस भेद को समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्रा लोगों पर प्रगट हुआ है।
- Matthew 13:35 मत्ती 13:35कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो कि मैं दृष्टान्त कहने को अपना मुंह खोलूंगा: मैं उन बातों को जो जगत की उत्पत्ति से गुप्त रही हैं प्रगट करूंगा।।
- Proverbs 4:2 नीतिवचन 4:2क्योंकि मैं ने तुम को उत्तम शिक्षा दी है; मेरी शिक्षा को न छोड़ो।
- Proverbs 23:16 नीतिवचन 23:16और जब तू सीधी बातें बोले, तब मेरा मन प्रसन्न होगा।
- 1 Corinthians 2:6–7 1 कुरिन्थियों 2:6–7फिर भी सिद्ध लोगों में हम ज्ञान सुनाते हैं: परन्तु इस संसार का और इस संसार के नाश होनेवाले हाकिमों का ज्ञान नहीं। परन्तु हम परमेश्वर का वह गुप्त ज्ञान, भेद की रीति पर बताते हैं, जिसे परमेश्वर ने सनातन से हमारी महिमा के लिये ठहराया।
- Proverbs 4:20–22 नीतिवचन 4:20–22हे मेरे पुत्रा मेरे वचन ध्यान धरके सुन, और अपना कान मेरी बातों पर लगा। इनको अपनी आंखों की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर। क्योंकि जिनकों वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।
- Job 33:1–3 अय्यूब 33:1–3तौभी हे अरयूब! मेरी बातें सुन ले, और मेरे सब वचनों पर कान लगा। मैं ने तो अपना मुंह खोला है, और मेरी जीभ मुंह में चुलबुला रही है। मेरी बातें मेरे मन की सिधाई प्रगट करेंगी; जो ज्ञान मैं रखता हूं उसे खराई के साथ कहूंगा।
- Matthew 5:2–12 मत्ती 5:2–12और वह अपना मुंह खोलकर उन्हें यह उपदेश देने लगा, धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे। धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे। धन्य हैं वे, जो दयावन्त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी। धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे। धन्य हैं वे, जो मेल करवानेवाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा कहलाएंगे। धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। आनन्दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्हों ने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।। तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा?
- Proverbs 22:20–21 नीतिवचन 22:20–21मैं बहुत दिनों से तेरे हित के उपदेश और ज्ञान की बातें लिखता आया हूं, कि मैं तुझे सत्य वचनों का निश्चय करा दूं, जिस से जो तुझे काम में लगाएं, उनको सच्चा उत्तर दे सके।।
- Psalm 19:7–11 भजन संहिता 19:7–11यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; यहोवा का भय पवित्रा है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकनेवाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
- Psalm 49:3 भजन संहिता 49:3मेरे मुंह से बुद्धि की बातें निकलेंगी; और मेरे हृदय की बातें समझ की होंगी।