Proverbs · chapter 24 · verse 2
Proverbs 24:2 in Hindi
क्योंकि वे उपद्रव सोचते रहते हैं, और उनके मुंह से दुष्टता की बात निकलती है।
Kyonki ve upadrav sochate rahate haim, aur unake munh se dushtataa kee baat nikalatee hai.
Proverbs 24:2 in English
- King James Version (KJV)
- For their heart studieth destruction, and their lips talk of mischief.
- World English Bible (WEB)
- for their hearts plot violence and their lips talk about mischief.
- American Standard Version (ASV)
- For their heart studieth oppression, And their lips talk of mischief.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the purposes of their hearts are destruction, and their lips are talking of trouble.
- Darby Translation (DBY)
- for their heart studieth destruction, and their lips talk of mischief.
- Webster's Bible (WBS)
- For their heart studieth destruction, and their lips talk of mischief.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For destruction doth their heart meditate, And perverseness do their lips speak.
Read in context
- 1बुरे लोगों के विषय में डाह न करना, और न उसकी संगति की चाह रखना;
- 2क्योंकि वे उपद्रव सोचते रहते हैं, और उनके मुंह से दुष्टता की बात निकलती है।
- 3घर बुद्धि से बनता है, और समझ के द्वारा स्थिर होता है।
- 4ज्ञान के द्वारा कोठरियां सब प्रकार की बहुमूल्य और मनभाऊ वस्तुओं से भर जाती हैं।
Cross references
- Psalm 7:14 भजन संहिता 7:14देख दुष्ट को अनर्थ काम की पीड़ाएं हो रही हैं, उसको उत्पात का गर्भ है, और उस से झूठ उत्पन्न हुआ। उस ने गड़हा खोदकर उसे गहिरा किया,
- Psalm 10:7 भजन संहिता 10:7उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं।
- Psalm 28:3 भजन संहिता 28:3उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
- Isaiah 59:4 यशायाह 59:4कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं।
- 1 Samuel 23:9 1 शमूएल 23:9तब दाऊद ने जान लिया कि शाऊल मेरी हानि कि युक्ति कर रहा है; इसलिये उस ने एब्यातार याजक से कहा, एपोद को निकट ले आ।
- Job 15:35 अय्यूब 15:35उनके उपद्रव का पेट रहता, और अनर्थ उत्पन्न होता हैे और वे अपने अन्तेकरण में छल की बातें गढ़ते हैं।
- Matthew 26:3–4 मत्ती 26:3–4तब महायाजक और प्रजा के पुरनिए काइफा नाम महायाजक के आंगन में इकट्ठे हुए। और आपस में विचार करने लगे कि यीशु को छत से पकड़कर मार डालें।
- Micah 7:3 मीका 7:3वे अपने दोनों हाथों से मन लगाकर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिलकर जालसाजी करते हैं।
- Acts 13:10 प्रेरितों के काम 13:10हे सारे कपट और सब चतुराई से भरे हुए शैतान की सन्तान, सकल धर्म के बैरी, क्या तू प्रभु के सीधे मार्गों को टेढ़ा करना न छोड़ेगा?
- Esther 3:6–7 एस्तेर 3:6–7उस ने केवल मोर्दकै पर हाथ चलाना अपनी मर्यादा के नीचे जाना। क्योंकि उन्हों ने हामान को यह बता दिया था, कि मोर्दकै किस जाति का है, इसलिये हामान ने क्षयर्ष के साम्राज्य में रहनेवाले सारे यहूदियों को भी मोर्दकै की जाति जानकर, विनाश कर डालने की युक्ति निकाली। राजा क्षयर्ष के बारहवें वर्ष के नीसान नाम पहिले महीने में, हामान ने अदार नाम बारहवें महीने तक के एक एक दिन और एक एक महीने के लिये "पूर" अर्थात् चिट्ठी अपने साम्हने डलवाई।
- Proverbs 6:14 नीतिवचन 6:14उसके मन में उलट फेर की बातें रहतीं, वह लगातार बुराई गढ़ता है और झगड़ा रगड़ा उत्पन्न करता है।
- Psalm 36:4 भजन संहिता 36:4वह अपने बिछौने पर पड़े पड़े अनर्थ की कल्पना करता है; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।।