Proverbs · chapter 24 · verse 31
Proverbs 24:31 in Hindi
तो क्या देखा, कि वहां सब कहीं कटीले पेड़ भर गए हैं; और वह बिच्छू पेड़ों से ढंप गई है, और उसके पत्थर का बाड़ा गिर गया है।
To kyaa dekhaa, ki vahaam sab kaheem kateele ped bhar gae haim; aur vah bichchhoo pedom se dhamp gaee hai, aur usake patthar kaa baadaa gir gayaa hai.
Proverbs 24:31 in English
- King James Version (KJV)
- And, lo, it was all grown over with thorns, [and] nettles had covered the face thereof, and the stone wall thereof was broken down.
- World English Bible (WEB)
- Behold, it was all grown over with thorns. Its surface was covered with nettles, and its stone wall was broken down.
- American Standard Version (ASV)
- And, lo, it was all grown over with thorns, The face thereof was covered with nettles, And the stone wall thereof was broken down.
- Bible in Basic English (BBE)
- And it was all full of thorns, and covered with waste plants, and its stone wall was broken down.
- Darby Translation (DBY)
- and lo, it was all grown over with thistles, and nettles had covered the face thereof, and its stone wall was broken down.
- Webster's Bible (WBS)
- And lo, it was all grown over with thorns, [and] nettles had covered the face of it, and its stone wall was broken down.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And lo, it hath gone up — all of it — thorns! Covered its face have nettles, And its stone wall hath been broken down.
Read in context
- 29मत कह, कि जैसा उस ने मेरे साथ किया वैसा ही मैं भी उसके साथ करूंगा; और उसको उसके काम के अनुसा पलटा दूंगा।।
- 30मैं आलसी के खेत के पास से और निर्बुद्धि मनुष्य की दाख की बारी के पास होकर जाता था,
- 31तो क्या देखा, कि वहां सब कहीं कटीले पेड़ भर गए हैं; और वह बिच्छू पेड़ों से ढंप गई है, और उसके पत्थर का बाड़ा गिर गया है।
- 32तब मैं ने देखा और उस पर ध्यानपूर्वक विचार किया; हां मैं ने देखकर शिक्षा प्राप्त की।
- 33छोटी सी नींद, एक और झपकी, थोड़ी देर हाथ पर हाथ रख के और लेटे रहना,
Cross references
- Isaiah 5:5 यशायाह 5:5अब मैं तुम को जताता हूं कि अपनी दाख की बारी से क्या करूंगा। मैं उसके कांटेवाले बाड़े को उखाड़ दूंगा कि वह चट की जाए, और उसकी भीत को ढा दूंगा कि वह रौंदी जाए।
- Ecclesiastes 10:18 सभोपदेशक 10:18आलस्य के कारण छत की कड़ियां दब जाती हैं, और हाथों की सुस्ती से घर चूता है।
- Genesis 3:17–19 उत्पत्ति 3:17–19और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा: और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा; और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
- Matthew 13:22 मत्ती 13:22जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
- Jeremiah 4:3 यिर्मयाह 4:3क्योंकि यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यहोवा ने यों कहा है, अपनी पड़ती भूमि को जोतो, और कटीले झाड़ों में बीज मत बोओ।
- Proverbs 22:13 नीतिवचन 22:13आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।
- Proverbs 23:21 नीतिवचन 23:21क्योंकि पियक्कड़ और खाऊ अपना भाग खोते हैं, और पीनकवाले को चिथड़े पहिनने पड़ते हैं।
- Proverbs 20:4 नीतिवचन 20:4आलसी मनुष्य शीत के कारण हल नहीं जोतता; इसलिये कटनी के समय वह भीष मांगता, और कुछ नहीं पाता।
- Proverbs 19:23 नीतिवचन 19:23यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय माननेवाला ठिकाना पाकर सुखी रहता है; उस पर विपत्ती नहीं पड़ने की।
- Hebrews 6:8 इब्रानियों 6:8पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Matthew 13:7 मत्ती 13:7कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।
- Job 31:40 अय्यूब 31:40तो गेहूं के बदले झड़बेड़ी, और जव के बदले जंगली घास उगें! अरयूब के वचन पूरे हुए हैं।