Proverbs · chapter 24 · verse 7
Proverbs 24:7 in Hindi
बुद्धि इतने ऊंचे पर है कि मूढ़ उसे पा नहीं सकता; वह सभा में अपना मुंह खोल नहीं सकता।।
Buddhi itane oonche par hai ki moodh use paa naheem sakataa; vah sabhaa mem apanaa munh khol naheem sakataa..
Proverbs 24:7 in English
- King James Version (KJV)
- Wisdom [is] too high for a fool: he openeth not his mouth in the gate.
- World English Bible (WEB)
- Wisdom is too high for a fool. He doesn’t open his mouth in the gate.
- American Standard Version (ASV)
- Wisdom is too high for a fool: He openeth not his mouth in the gate.
- Bible in Basic English (BBE)
- Wisdom is outside the power of the foolish: he keeps his mouth shut in the public place.
- Darby Translation (DBY)
- Wisdom is too high for a fool: he will not open his mouth in the gate.
- Webster's Bible (WBS)
- Wisdom [is] too high for a fool: he openeth not his mouth in the gate.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Wisdom [is] high for a fool, In the gate he openeth not his mouth.
Read in context
- 5बुद्धिमान पुरूष बलवान् भी होता है, और ज्ञानी जन अधिक शक्तिमान् होता है।
- 6इसलिये जब तू युद्ध करे, तब युक्ति के साथ करना, विजय बहुत से मन्त्रियों के द्वारा प्राप्त होती है।
- 7बुद्धि इतने ऊंचे पर है कि मूढ़ उसे पा नहीं सकता; वह सभा में अपना मुंह खोल नहीं सकता।।
- 8जो सोच विचार के बुराई करता है, उसको लोग दुष्ट कहते हैं।
- 9मूर्खता का विचार भी पाप है, और ठट्ठा करनेवाले से मनुष्य घृणा करते हैं।।
Cross references
- Proverbs 14:6 नीतिवचन 14:6ठट्ठा करनेवाला बुद्धि को ढूंढ़ता, परन्तु नहीं पाता, परन्तु समझवाले को ज्ञान सहज से मिलता है।
- 1 Corinthians 2:14 1 कुरिन्थियों 2:14परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है।
- Psalm 10:5 भजन संहिता 10:5वह अपने मार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; तेरे न्याय के विचार ऐसे ऊंचे पर होते हैं, कि उसकी दृष्टि वहां तक नहीं पहुंचती; जितने उसके विरोधी हैं उन पर वह फुंकारता है।
- Psalm 92:5–6 भजन संहिता 92:5–6हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े है! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर है! पशु समान मनुष्य इसको नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता:
- Amos 5:12 आमोस 5:12क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम्हारे पाप भारी हैं। तुम धर्मी को सताते और घूस लेते, और फाटक में दरिद्रों का न्याय बिगाड़ते हो।
- Job 5:4 अय्यूब 5:4उसके लड़केबाले उठ्ठार से दूर हैं, और वे फाटक में पीसे जाते हैं, और कोई नहीं है जो उन्हें छुड़ाए।
- Proverbs 17:24 नीतिवचन 17:24बुद्धि समझनेवाले के साम्हने ही रहती है, परन्तु मूर्ख की आंखे पृथ्वी के दूर दूर देशों में लगी रहती है।
- Job 29:7–25 अय्यूब 29:7–25जब जब मैं नगर के फाटक की ओर चलकर खुले स्थान में अपने बैठने का स्थान तैयार करता था, तब तब जवान मुझे देखकर छिप जाते, और पुरनिये उठकर खड़े हो जाते थे। हाकिम लोग भी बोलने से रूक जाते, और हाथ से मुंह मूंदे रहते थे। प्रधान लोग चुप रहते थे और उनकी जीभ तालू से सट जाती थी। क्योंकि जब कोई मेरा समाचार सुनता, तब वह मुझे धन्य कहता था, और जब कोई मुझे देखता, तब मेरे विषय साक्षी देता था; क्योंकि मैं दोहाई देनेवाले दीन जन को, और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था। जो नाश होने पर था मुझे आशीर्वाद देता था, और मेरे कारण विधवा आनन्द के मारे गाती थी। मैं धर्म को पहिने रहा, और वह मुझे ढांके रहा; मेरा न्याय का काम मेरे लिये बागे और सुन्दर पगड़ी का काम देता था। मैं अन्धों के लिये आंखें, और लंगड़ों के लिये पांव ठहरता था। दरिद्र लोगों का मैं पिता ठहरता था, और जो मेरी पहिचान का न था उसके मुक़ मे का हाल मैं पूछताछ करके जान लेता था। मैं कुटिल मनुष्यों की डाढ़ें तोड़ डालता, और उनका शिकार उनके मुंह से छीनकर बचा लेता था। तब मैं सोचता था, कि मेरे दिन बालू के किनकों के समान अनगिनत होंगे, और अपने ही बसेरे में मेरा प्राण छूटेगा। मेरी जड़ जल की ओर फैली, और मेरी डाली पर ओस रात भर पड़ी, मेरी महिमा ज्यों की त्यों बनी रहेगी, और मेरा धनुष मेरे हाथ में सदा नया होता जाएगा। लोग मेरी ही ओर कान लगाकर ठहरे रहते थे और मेरी सम्मति सुनकर चुप रहते थे। जब मैं बोल चुकता था, तब वे और कुछ न बोलते थे, मेरी बातें उन पर मेंह की ताई बरसा करती थीं। जैसे लोग बरसात की वैसे ही मेरी भी बाट देखते थे; और जैसे बरसात के अन्त की वर्षा के लिये वैसे ही वे मुंह पसारे रहते थे। जब उनको कुछ आशा न रहती थी तब मैं हंसकर उनको प्रसन्न करता था; और कोई मेरे मुंह को बिगाड़ न सकता था। मैं उनका मार्ग चुन लेता, और उन में मुख्य ठहरकर बैठा करता था, और जैसा सेना में राजा वा विलाप करनेवालों के बीच शान्तिदाता, वैसा ही मैं रहता था।
- Amos 5:10 आमोस 5:10जो सभा से उलाहना देता है उस से वे बैर रखते हैं, और खरी बात बोलनेवाले से घृणा करते हैं।
- Proverbs 15:24 नीतिवचन 15:24बुद्धिमान के लिये जीवन का मार्ग ऊपर की ओर जाता है, इस रीति से वह अधोलोक में पड़ने से बच जाता है।
- Amos 5:15 आमोस 5:15बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाटक में न्याय को स्थिर करो; क्या जाने सेनाओं का परमेश्वर यहोवा यूसुफ से बचे हुओं पर अनुग्रह करे।।
- Job 31:21 अय्यूब 31:21वा यदि मैं ने फाटक में अपने सहायक देखकर अनाथों के मारने को अपना हाथ उठाया हो,