Proverbs · chapter 25 · verse 16
Proverbs 25:16 in Hindi
क्या तू ने मधु पाया? तो जितना तेरे लिये ठीक हो उतना ही खाना, ऐसा न हो कि अधिक खाकर उसे उगल दे।
Kyaa too ne madhu paayaa? To jitanaa tere liye theek ho utanaa hee khaanaa, aisaa na ho ki adhik khaakar use ugal de.
Proverbs 25:16 in English
- King James Version (KJV)
- Hast thou found honey? eat so much as is sufficient for thee, lest thou be filled therewith, and vomit it.
- World English Bible (WEB)
- Have you found honey? Eat as much as is sufficient for you, lest you eat too much, and vomit it.
- American Standard Version (ASV)
- Hast thou found honey? eat so much as is sufficient for thee, Lest thou be filled therewith, and vomit it.
- Bible in Basic English (BBE)
- If you have honey, take only as much as is enough for you; for fear that, being full of it, you may not be able to keep it down.
- Darby Translation (DBY)
- Hast thou found honey? Eat so much as is sufficient for thee, lest thou be surfeited therewith, and vomit it.
- Webster's Bible (WBS)
- Hast thou found honey? eat so much as is sufficient for thee, lest thou be filled with it, and vomit it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Honey thou hast found — eat thy sufficiency, Lest thou be satiated [with] it, and hast vomited it.
Read in context
- 14जैसे बादल और पवन बिना दृष्टि निर्लाभ होते हैं, वैसे ही झूठ- मूठ दान देनेवाले का बड़ाई मारना होता है।।
- 15धीरज धरने से न्यायी मनाया जाता है, और कोमल वचन हड्डी को भी तोड़ डालता है।
- 16क्या तू ने मधु पाया? तो जितना तेरे लिये ठीक हो उतना ही खाना, ऐसा न हो कि अधिक खाकर उसे उगल दे।
- 17अपने पड़ोसी के घर में बारम्बार जाने से अपने पांव हो रोक ऐसा न हो कि वह खिन्न होकर घृणा करने लगे।
- 18जो किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी देता है, वह मानो हथौड़ा और तलवार और पैना तीर है।
Cross references
- Proverbs 25:27 नीतिवचन 25:27बहुत मधु खाना अच्छा नहीं, परन्तु कठिन बातों की पूछताछ महिमा का कारण होता है।
- Ephesians 5:18 इफिसियों 5:18और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।
- Proverbs 24:13–14 नीतिवचन 24:13–14हे मेरे पुत्रा तू मधु खा, क्योंकि वह अच्छा है, और मधु का छत्ता भी, क्योंकि वह तेरे मुंह में मीठा लगेगा। इसी रीति बुद्धि भी तुझे वैसी ही मीठी लगेगी; यदि तू उसे पा जाए तो अन्त में उसका फल भी मिलेगा, और तेरी आशा न टूटेगी।।
- Isaiah 7:15 यशायाह 7:15और जब तक वह बुरे को त्यागना और भले को ग्रहण करना न जाने तब तक वह मक्खन और मधु खाएगा।
- Luke 21:34 लूका 21:34इसलिये सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन खुमार और मतवालेपन, और इस जीवन की चिन्ताओं से सुस्त हो जाएं, और वह दिन तुम पर फन्दे की नाई अचानक आ पड़े।
- 1 Samuel 14:25–27 1 शमूएल 14:25–27और सब लोग किसी वन में पहुंचे, जहां भूमि पर मधु पड़ा हुआ था। जब लोग वन में आए तब क्या देखा, कि मधु टपक रहा है, तौभी शपथ के डर के मारे कोई अपना हाथ अपने मुंह तक न ले गया। परन्तु योनातान ने अपने पिता को लोगों को शपथ धराते न सुना था, इसलिये उस ने अपने हाथ की छड़ी की नोक बढ़ाकर मधु के छत्ते में डुबाया, और अपना हाथों अपने मुंह तक लगाया; तब उसकी आंखों में ज्योति आई।
- Judges 14:8–9 न्यायियों 14:8–9कुछ दिनों के बीतने पर वह उसे लाने को लौट चला; और उस सिंह की लोथ देखने के लिये मार्ग से मुड़ गया? तो क्या देखा कि सिंह की लोथ में मधुमक्खियों का एक झुण्ड और मधु भी है। तब वह उस में से कुछ हाथ में लेकर खाते खाते अपने माता पिता के पास गया, और उनको यह बिना बताए, कि मैं ने इसको सिंह की लोथ में से निकाला है, कुछ दिया, और उन्हों ने भी उसे खाया।