Proverbs · chapter 30 · verse 32
Proverbs 30:32 in Hindi
यदि तू ने अपनी बढ़ाई करने की मूढ़ता की, वा कोई बुरी युक्ति बान्धी हो, तो अपने मुंह पर हाथ धर।
Yadi too ne apanee badhaaee karane kee moodhataa kee, vaa koee buree yukti baandhee ho, to apane munh par haath dhar.
Proverbs 30:32 in English
- King James Version (KJV)
- If thou hast done foolishly in lifting up thyself, or if thou hast thought evil, [lay] thine hand upon thy mouth.
- World English Bible (WEB)
- “If you have done foolishly in lifting up yourself, or if you have thought evil, put your hand over your mouth.
- American Standard Version (ASV)
- If thou hast done foolishly in lifting up thyself, Or if thou hast thought evil, [Lay] thy hand upon thy mouth.
- Bible in Basic English (BBE)
- If you have done foolishly in lifting yourself up, or if you have had evil designs, put your hand over your mouth.
- Darby Translation (DBY)
- If thou hast done foolishly in lifting up thyself, or if thou hast thought evil, [lay] the hand upon thy mouth.
- Webster's Bible (WBS)
- If thou hast done foolishly in lifting up thyself, or if thou hast thought evil, [lay] thy hand upon thy mouth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- If thou hast been foolish in lifting up thyself, And if thou hast devised evil — hand to mouth!
Read in context
- 30सिंह जो सब पशुओं में पराक्रमी हैं, और किसी के डर से नहीं हटता;
- 31शिकारी कुत्ता और बकरा, और अपनी सेना समेत राजा।
- 32यदि तू ने अपनी बढ़ाई करने की मूढ़ता की, वा कोई बुरी युक्ति बान्धी हो, तो अपने मुंह पर हाथ धर।
- 33क्योंकि जैसे दूध के मथने से मक्खन और नाक के मरोड़ने से लोहू निकलता है, वैसे ही क्रोध के भड़काने से झगड़ा उत्पन्न होता है।।
Cross references
- Job 21:5 अय्यूब 21:5मेरी ओर चित्त लगाकर चकित हो, और अपनी अपनी उंगली दांत तले दबाओ।
- Job 40:4 अय्यूब 40:4देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ।
- Romans 3:19 रोमियों 3:19हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
- Micah 7:16–17 मीका 7:16–17अन्यजातियां देखकर अपने सारे पराक्रम के विषय में लजाएंगी; वे अपने मुंह को हाथ से छिपाएंगी, और उनके कान बहिरे हो जाएंगे। वे सर्प की नाईं मिट्टी चाटेंगी, और भूमि पर रेंगनेवाले जन्तुओं की भांति अपने बिलों में से कांपती हुई निकलेंगी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा के पास थरथराती हुई आएंगी, और वे तुझ से डरेंगी।।
- Proverbs 26:12 नीतिवचन 26:12यदि तू ऐसा मनुष्य देखे जो अपनी दृष्टि में बुद्धिमान बनता हो, तो उस से अधिक आशा मूर्ख ही से है।
- Ecclesiastes 8:3–4 सभोपदेशक 8:3–4राजा के साम्हने से उतावली के साथ न लौटना और न बुरी बात पर हठ करना, क्योंकि वह जो कुछ चाहता है करता है। क्योंकि राजा के वचन में तो सामर्थ्य रहती है, और कौन उस से कह सकता है कि तू क्या करता है?
- Proverbs 17:28 नीतिवचन 17:28मूढ़ भी जब चुप रहता है, तब बुद्धिमान गिना जाता है; और जो अपना मुंह बन्द रखता वह समझवाला गिना जाता है।।