Proverbs · chapter 5 · verse 6
Proverbs 5:6 in Hindi
इसलिये उसे जीवन का समथर पथ नहीं मिल पाता; उसके चालचलन में चंचलता है, परन्तु उसे वह आप नहीं जानती।।
Isaliye use jeevan kaa samathar path naheem mil paataa; usake chaalachalan mem chanchalataa hai, parantu use vah aap naheem jaanatee..
Proverbs 5:6 in English
- King James Version (KJV)
- Lest thou shouldest ponder the path of life, her ways are moveable, [that] thou canst not know [them].
- World English Bible (WEB)
- She gives no thought to the way of life. Her ways are crooked, and she doesn’t know it.
- American Standard Version (ASV)
- So that she findeth not the level path of life: Her ways are unstable, [and] she knoweth [it] not.
- Bible in Basic English (BBE)
- She never keeps her mind on the road of life; her ways are uncertain, she has no knowledge.
- Darby Translation (DBY)
- Lest she should ponder the path of life, her ways wander, she knoweth not [whither].
- Webster's Bible (WBS)
- Lest thou shouldst ponder the path of life, her ways are movable, [that] thou canst not know [them] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- The path of life — lest thou ponder, Moved have her paths — thou knowest not.
Read in context
- 4परन्तु इसका परिणाम नागदौना सा कडुवा और दोधारी तलवार सा पैना होता है।
- 5उसके पांव मृत्यु की ओर बढ़ते हैं; और उसके पग अधोलोक तक पहुंचते हैं।।
- 6इसलिये उसे जीवन का समथर पथ नहीं मिल पाता; उसके चालचलन में चंचलता है, परन्तु उसे वह आप नहीं जानती।।
- 7इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों से मुंह न मोड़ो।
- 8ऐसी स्त्री से दूर ही रह, और उसकी डेवढ़ी के पास भी न जाना;
Cross references
- Proverbs 4:26 नीतिवचन 4:26अपने पांव धरने के लिये मार्ग को समथर कर, और तेरे सब मार्ग ठीक रहें।
- Proverbs 5:21 नीतिवचन 5:21क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है।
- Psalm 16:11 भजन संहिता 16:11तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।।
- Proverbs 30:20 नीतिवचन 30:20व्यभिचारिणी की चाल भी वैसी ही है; वह भोजन करके मुंह पोंछती, और कहती है, मैं ने कोई अनर्थ काम नहीं किया।।
- Proverbs 6:12–13 नीतिवचन 6:12–13ओछे और अनर्थकारी को देखो, वह टेढ़ी टेढ़ी बातें बकता फिरता है, वह नैन से सैन और पांव से इशारा, और अपनी अगुंलियों से सकेंत करता है,
- Psalm 119:59 भजन संहिता 119:59मैं ने अपनी चालचलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया।
- Proverbs 7:10–21 नीतिवचन 7:10–21और उस से एक स्त्री मिली, जिस का भेष वेश्या का सा था, और वह बड़ी धूर्त थी। वह शान्तिरहित और चंचल थी, और अपने घर में न ठहरती थी; कभी वह सड़क में, कभी चौक में पाई जाती थी, और एक एक कोने पर वह बाट जोहती थी। तब उस ने उस जवान को पकड़कर चूमा, और निर्लज्जता की चेष्टा करके उस से कहा, मुझे मेलबलि चढ़ाने थे, और मैं ने अपनी मन्नते आज ही पूरी की हैं; इसी कारण मैं तुझ से भेंट करने को निकली, मैं तेरे दर्शन की खोजी थी, सो अभी पाया है। मैं ने अपने पलंग के बिछौने पर मि के बेलबूटेवाले कपड़े बिछाए हैं; मैं ने अपने बिछौने पर गन्घरस, अगर और दालचीनी छिड़की है। इसलिये अब चल हम प्रेम से भोर तक जी बहलाते रहें; हम परस्पर की प्रीति से आनन्दित रहें। क्योंकि मेरा पति घर में नहीं है; वह दूर देश को चला गया है; वह चान्दी की थैली ले गया है; और पूर्णमासी को लौट आएगा।। ऐसी ही बातें कह कहकर, उस ने उसको अपनी प्रबल माया में फंसा लिया; और अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से उसको अपने वश में कर लिया।
- Proverbs 11:19 नीतिवचन 11:19जो धर्म में दृढ़ रहता, वह जीवन पाता है, परन्तु जो बुराई का पीछा करता, वह मृत्यु का कौर हो जाता है।
- 2 Thessalonians 2:9–10 2 थिस्सलुनीकियों 2:9–10उस अधर्मी का आना शैतान के कारर्य के अनुसार सब प्रकार की झूठी सामर्थ, और चिन्ह, और अद्भुत काम के साथ। और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता।