Psalms · chapter 102 · verse 11
Psalm 102:11 in Hindi
मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।।
Meree aayu dhalatee huee chhaayaa ke samaan hai; aur maim aap ghaas kee naaeem sookh chalaa hoon..
Psalm 102:11 in English
- King James Version (KJV)
- My days [are] like a shadow that declineth; and I am withered like grass.
- World English Bible (WEB)
- My days are like a long shadow. I have withered like grass.
- American Standard Version (ASV)
- My days are like a shadow that declineth; And I am withered like grass.
- Bible in Basic English (BBE)
- My days are like a shade which is stretched out; I am dry like the grass.
- Darby Translation (DBY)
- My days are like a lengthened-out shadow, and I, I am withered like grass.
- Webster's Bible (WBS)
- My days [are] like a shadow that declineth; and I am withered like grass.
- Young's Literal Translation (YLT)
- My days as a shadow [are] stretched out, And I — as the herb I am withered.
Read in context
- 9क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाईं और आंसू मिलाकर पानी पीता हूं।
- 10यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
- 11मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।।
- 12परन्तु हे यहोवा, तू सदैव विराजमान रहेगा; और जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहेगा।
- 13तू उठकर सिरयोन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुअ समय आ पहुंचा है।
Cross references
- Job 14:2 अय्यूब 14:2वह फूल की नाई खिलता, फिर तोड़ा जाता हे; वह छाया की रीति पर ढल जाता, और कहीं ठहरता नहीं।
- Psalm 109:23 भजन संहिता 109:23मैं ढलती हुई छाया की नाई जाता रहा हूं; मैं टिड्डी के समान उड़ा दिया गया हूं।
- Psalm 144:4 भजन संहिता 144:4मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
- 1 Peter 1:24 1 पतरस 1:24क्योंकि हर एक प्राणी घास की नाईं है, और उस की सारी शोभा घास के फूल की नाईं है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
- Isaiah 40:6–8 यशायाह 40:6–8बोलनेवाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।।
- James 1:10 याकूब 1:10और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाई जाता रहेगा।
- James 4:14 याकूब 4:14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- Psalm 39:5–6 भजन संहिता 39:5–6देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
- Ecclesiastes 6:12 सभोपदेशक 6:12क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई की नाई बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद दुनिया में क्या होगा?
- Psalm 102:3–4 भजन संहिता 102:3–4क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं। मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।