Psalms · chapter 107 · verse 38
Psalm 107:38 in Hindi
और वह उनको ऐसी आशीष देता है कि वे बहुत बढ़ जाते हैं, और उनके पशुओं को भी वह घटने नहीं देता।।
Aur vah unako aisee aasheesh detaa hai ki ve bahut badh jaate haim, aur unake pashuom ko bhee vah ghatane naheem detaa..
Psalm 107:38 in English
- King James Version (KJV)
- He blesseth them also, so that they are multiplied greatly; and suffereth not their cattle to decrease.
- World English Bible (WEB)
- He blesses them also, so that they are multiplied greatly. He doesn’t allow their livestock to decrease.
- American Standard Version (ASV)
- He blesseth them also, so that they are multiplied greatly; And he suffereth not their cattle to decrease.
- Bible in Basic English (BBE)
- He gives them his blessing so that they are increased greatly, and their cattle do not become less.
- Darby Translation (DBY)
- And he blesseth them, so that they are multiplied greatly; and he suffereth not their cattle to decrease.
- Webster's Bible (WBS)
- He blesseth them also, so that they are multiplied greatly; and suffereth not their cattle to decrease.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He blesseth them, and they multiply exceedingly, And their cattle He doth not diminish.
Read in context
- 36और वहां वह भूखों को बसाता है, कि वे बसने के लिये नगर तैयार करें;
- 37और खेती करें, और दाख की बारियां लगाएं, और भांति भांति के फल उपजा लें।
- 38और वह उनको ऐसी आशीष देता है कि वे बहुत बढ़ जाते हैं, और उनके पशुओं को भी वह घटने नहीं देता।।
- 39फिर अन्धेर, विपत्ति और शोक के कारण, वे घटते और दब जाते हैं।
- 40और वह हाकिमों को अपमान से लादकर मार्ग रहित जंगल में भटकाता है;
Cross references
- Exodus 1:7 निर्गमन 1:7और इस्राएल की सन्तान फूलने फलने लगी; और वे अत्यन्त सामर्थी बनते चले गए; और इतना बढ़ गए कि कुल देश उन से भर गया।।
- Genesis 12:2 उत्पत्ति 12:2और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा।
- Genesis 17:20 उत्पत्ति 17:20और इश्माएल के विषय में भी मै ने तेरी सुनी है: मैं उसको भी आशीष दूंगा, और उसे फुलाऊं फलाऊंगा और अत्यन्त ही बढ़ा दूंगा; उस से बारह प्रधान उत्पन्न होंगे, और मैं उस से एक बड़ी जाति बनाऊंगा।
- Deuteronomy 7:14 व्यवस्थाविवरण 7:14तू सब देशों के लोगों से अधिक धन्य होगा; तेरे बीच में न पुरूष न स्त्री निर्वंश होगी, और तेरे पशुओं में भी ऐसा कोई न होगा।
- Psalm 128:1–6 भजन संहिता 128:1–6क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है! तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा; तू धन्य होगा, और तेरा भला ही होगा।। तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज के चारों ओर तेरे बालक जलपाई के पौधे से होंगे। सुन, जो पुरूष यहोवा का भय मानता हो, वह ऐसी ही आशीष पाएगा।। यहोवा तुझे सिरयोन से आशीष देवे, और तू जीवन भर यरूशलेम का कुशल देखता रहे! वरन तू अपने नाती- पोतों को भी देखने पाए! इस्राएल को शान्ति मिले!
- Deuteronomy 30:9 व्यवस्थाविवरण 30:9और यहोवा तेरी भलाई के लिये तेरे सब कामों में, और तेरी सन्तान, और पशुओं के बच्चों, और भूमि की उपज में तेरी बढ़ती करेगा; क्योंकि यहोवा फिर तेरे ऊपर भलाई के लिये वैसा ही आनन्द करेगा, जैसा उस ने तेरे पूर्वजों के ऊपर किया था;
- Psalm 144:13–14 भजन संहिता 144:13–14जब हमारे खत्ते भरे रहें, और उन में भांति भांति का अन्न धरा जाए, और हमारी भेड़- बकरियों हमारे मैदानों में हजारों हजार बच्चे जनें; जब हमारे बैल खूब लदे हुए हों; जब हमें न विध्न हो और न हमारा कहीं जाना हो, और न हमारे चौकों में रोना- पीटना हो,
- Deuteronomy 28:11 व्यवस्थाविवरण 28:11और जिस देश के विषय यहोवा ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर तुझे देने को कहा, था उस में वह तेरी सन्तान की, और भूमि की उपज की, और पशुओं की बढ़ती करके तेरी भलाई करेगा।
- Genesis 17:16 उत्पत्ति 17:16और मैं उसको आशीष दूंगा, और तुझ को उसके द्वारा एक पुत्रा दूंगा; और मैं उसको ऐसी आशीष दूंगा, कि वह जाति जाति की मूलमाता हो जाएगी; और उसके वंश में राज्य राज्य के राजा उत्पन्न होंगे।
- Genesis 30:43 उत्पत्ति 30:43सो वह पुरूष अत्यन्त धनाढय हो गया, और उसके बहुत सी भेड़- बकरियां, और लौंडियां और दास और ऊंट और गदहे हो गए।।
- Genesis 1:28 उत्पत्ति 1:28और परमेश्वर ने उनको आशीष दी: और उन से कहा, फूलो- फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो।
- Deuteronomy 28:4 व्यवस्थाविवरण 28:4धन्य हो तेरी सन्तान, और तेरी भूमि की उपज, और गाय और भेड़- बकरी आदि पशुओं के बच्चे।