Psalms · chapter 108 · verse 12
Psalm 108:12 in Hindi
द्रोहियों के विरूद्ध हमारी सहायता कर, क्योंकि मनुष्य का किया हुआ छुटकारा व्यर्थ है!
Drohiyom ke virooddh hamaaree sahaayataa kar, kyonki manushy kaa kiyaa huaa chhutakaaraa vyarth hai!
Psalm 108:12 in English
- King James Version (KJV)
- Give us help from trouble: for vain [is] the help of man.
- World English Bible (WEB)
- Give us help against the enemy, for the help of man is vain.
- American Standard Version (ASV)
- Give us help against the adversary; For vain is the help of man.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give us help in our trouble; for there is no help in man.
- Darby Translation (DBY)
- Give us help from trouble; for vain is man's deliverance.
- Webster's Bible (WBS)
- Give us help from trouble: for vain [is] the help of man.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Give to us help from adversity, And vain is the salvation of man.
Read in context
- 10मुझे गढ़वाले नगर में कौन पहुंचाएगा? ऐदोम तक मेरी अगुवाई किस ने की हैं?
- 11हे परमेश्वर, क्या तू ने हम को नहीं त्याग दिया, और हे परमेश्वर, तू हमारी सेना के साथ पयान नहीं करता।
- 12द्रोहियों के विरूद्ध हमारी सहायता कर, क्योंकि मनुष्य का किया हुआ छुटकारा व्यर्थ है!
- 13परमेश्वर की सहायता से हम वीरता दिखाएंगे, हमारे द्रोहियों को वही रौंदेगा।।
Cross references
- Jeremiah 17:5–8 यिर्मयाह 17:5–8यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह पुरूष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है। वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा। धन्य है वह पुरूष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
- Psalm 146:3–5 भजन संहिता 146:3–5तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।। क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
- Isaiah 31:3 यशायाह 31:3मिद्दी लोग ईश्वर नहीं, मनुष्य ही हैं; और उनके घोड़े आत्मा नहीं, मांस ही हैं। जब यहोवा हाथ बढ़ाएगा, तब सहायता करनेवाले और सहायतक चाहनेवाले दोनों ठोकर खाकर गिरेंगे, और वे सब के सब एक संग नष्ट हो जाएंगे।
- Lamentations 4:17 विलापगीत 4:17हमारी आंखें व्यर्थ ही सहायता की बाट जोहते जोहते रह गई हैं, हम लगातार एक ऐसी जाति की ओर ताकते रहे जो बचा नहीं सकी।
- Isaiah 2:22 यशायाह 2:22सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
- Isaiah 30:3–5 यशायाह 30:3–5इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा। उसके हाकिम सोअन में आए तो हैं और उसके दूत अब हानेस में पहुंचे हैं। वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।।
- Psalm 20:1–9 भजन संहिता 20:1–9संकट के दिन यहोवा तेरी सुन ले! याकूब के परमेश्वर का नाम तुझे ऊंचे स्थान पर नियुक्त करे! वह पवित्रास्थान से तेरी सहायता करे, और सिरयोन से तुझे सम्भाल ले! वह तेरे सब अन्नबलियों को स्मरण करे, और तेरे होमबलि को ग्रहण करे। वह तेरे मन की इच्छा को पूरी करे, और तेरी सारी युक्ति को सुफल करे! तब हम तेरे उद्धार के कारण ऊंचे स्वर से हर्षित होकर गाएंगे, और अपने परमेश्वर के नाम से झण्डे खड़े करेंगे। यहोवा तुझे मुंह मांगा बरदान दे् अब मैं जान गया कि यहोवा अपने अभिषिक्त का उद्धार करता है; वह अपने दहिने हाथ के उद्धार करनेवाले पराक्रम से अपने पवित्रा स्वर्ग पर से सुनकर उसे उत्तर देगा। किसी को रथों को, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे। वे तो झुक गए और गिर पड़े परन्तु हम उठे और सीधे खड़े हैं।। हे यहोवा, बचा ले; जिस दिन हम पुकारें तो महाराजा हमें उत्तर दे।।
- Job 16:2 अय्यूब 16:2ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो।
- Job 9:13 अय्यूब 9:13ईश्वर अपना क्रोध ठंडा नहीं करता। अभिमानी के सहायकों को उसके पांव तले झुकना पड़ता है।