Job · chapter 16 · verse 2
Job 16:2 in Hindi
ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो।
Aisee bahut see baatem maim sun chukaa hoon, tum sab ke sab nikamme shaantidaataa ho.
Job 16:2 in English
- King James Version (KJV)
- I have heard many such things: miserable comforters [are] ye all.
- World English Bible (WEB)
- “I have heard many such things. You are all miserable comforters!
- American Standard Version (ASV)
- I have heard many such things: Miserable comforters are ye all.
- Bible in Basic English (BBE)
- Such things have frequently come to my ears: you are comforters who only give trouble.
- Darby Translation (DBY)
- I have heard many such things: grievous comforters are ye all.
- Webster's Bible (WBS)
- I have heard many such things: miserable comforters [are] ye all.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have heard many such things, Miserable comforters [are] ye all.
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा,
- 2ऐसी बहुत सी बातें मैं सुन चुका हूँ, तुम सब के सब निकम्मे शान्तिदाता हो।
- 3क्या व्यर्थ बातों का अन्त कभी होगा? तू कौन सी बात से झिड़ककर उत्तर देता।
- 4जो तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरूद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरूद्ध सिर हिला सकता।
Cross references
- Job 13:4–5 अय्यूब 13:4–5परन्तु तुम लोग झूठी बात के गढ़नेवाले हो; तुम सबके सब निकम्मे वैद्य हो। भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
- Job 26:2–3 अय्यूब 26:2–3निर्बल जन की तू ने क्या ही बड़ी सहायता की, और जिसकी बांह में सामर्थ्य नहीं, उसको तू ने कैसे सम्भाला है? निर्बुध्दि मनुष्य को तू ने क्या ही अच्छी सम्मति दी, और अपनी खरी बुध्दि कैसी भली भांति प्रगट की है?
- Job 19:2–3 अय्यूब 19:2–3तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे? इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो?
- Psalm 69:26 भजन संहिता 69:26क्योंकि जिसको तू ने मारा, वे उसके पीछे पड़े हैं, और जिनको तू ने घायल किया, वे उनकी पीड़ा की चर्चा करते हैं।
- James 1:19 याकूब 1:19हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
- Philippians 1:16 फिलिप्पियों 1:16कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
- Job 11:2–3 अय्यूब 11:2–3बहुत सी बातें जो कही गई हैं, क्या उनका उत्तर देना न चाहिये? क्या बकवादी मनुष्य धम ठहराया जाए? क्या तेरे बड़े बोल के कारण लोग चुप रहें? और जब तू ठट्ठा करता है, तो क्या कोई तुझे लज्जित न करे?
- Job 6:6 अय्यूब 6:6जो फीका है वह क्या बिना नमक खाया जाता है? क्या अणडे की सफेदी में भी कुछ स्वाद होता है?
- Job 6:25 अय्यूब 6:25सच्चाई के वचनों में कितना प्रभाव होता है, परन्तु तुम्हारे विवाद से क्या लाभ होता है?