Isaiah · chapter 2 · verse 22
Isaiah 2:22 in Hindi
सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
So tum manushy se pare raho jisakee shvaas usake nathanom mem hai, kyonki usakaa mooly hai hee kyaa?
Isaiah 2:22 in English
- King James Version (KJV)
- Cease ye from man, whose breath [is] in his nostrils: for wherein is he to be accounted of?
- World English Bible (WEB)
- Stop trusting in man, whose breath is in his nostrils; for of what account is he?
- American Standard Version (ASV)
- Cease ye from man, whose breath is in his nostrils; for wherein is he to be accounted of?
- Bible in Basic English (BBE)
- Have no more to do with man, whose life is only a breath, for he is of no value.
- Darby Translation (DBY)
- Cease ye from man, whose breath is in his nostrils; for what account is to be made of him?
- Webster's Bible (WBS)
- Cease ye from man, whose breath [is] in his nostrils: for wherein is he to be accounted of?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Cease for you from man, Whose breath [is] in his nostrils, For — in what is he esteemed?
Read in context
- 20उस दिन लोग अपनी चान्दी- सोने की मूरतों को जिन्हें उन्हों ने दण्डवत् करने के लिये बनाया था, छछून्दरों और चमगीदड़ों के आगे फेंकेंगे,
- 21और जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा तब वे उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टानों की दरारों ओर पहाड़ियों के छेदों में घुसेंगे।
- 22सो तुम मनुष्य से परे रहो जिसकी श्वास उसके नथनों में है, क्योंकि उसका मूल्य है ही क्या?
Cross references
- Jeremiah 17:5 यिर्मयाह 17:5यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह पुरूष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है।
- Psalm 146:3 भजन संहिता 146:3तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
- James 4:14 याकूब 4:14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- Psalm 144:3–4 भजन संहिता 144:3–4हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, या आदमी क्या है, कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है? मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
- Psalm 8:4 भजन संहिता 8:4तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- Psalm 62:9 भजन संहिता 62:9सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
- Isaiah 40:15 यशायाह 40:15देखो, जातियां तो डोल की एक बून्द वा पलड़ों पर की धूलि के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूलि के किनकों सरीखे उठाता है।
- Genesis 7:22 उत्पत्ति 7:22जो जो स्थल पर थे उन में से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे।
- Job 27:3 अय्यूब 27:3क्योंकि अब तक मेरी सांस बराबर आती है, और ईश्वर का आत्मा मेरे नथुनों में बना है।
- Job 7:15–21 अय्यूब 7:15–21यहां तक कि मेरा जी फांसी को, और जीवन से मृत्यु को अधिक चाहता है। मुझे अपने जीवन से घृणा आती है; मैं सर्वदा जीवित रहना नहीं चाहता। मेरा जीवनकाल सांस सा है, इसलिये मुझे छोड़ दे। मनुष्य क्या है, कि तू उसे महत्व दे, और अपना मन उस पर लगाए, और प्रति भोर को उसकी सुधि ले, और प्रति क्षण उसे जांचता रहे? तू कब तक मेरी ओर आंख लगाए रहेगा, और इतनी देर के लिये भी मुझे न छोड़ेगा कि मैं अपना थूक निगल लूं? हे मनुष्यों के ताकनेवाले, मैं ने पाप तो किया होगा, तो मैं ने तेरा क्या बिगाड़ा? तू ने क्यों मुझ को अपना निशाना बना लिया है, यहां तक कि मैं अपने ऊपर आपही बोझ हुआ हूँ? और तू क्यों मेरा अपराध क्षमा नहीं करता? और मेरा अधर्म क्यों दूर नहीं करता? अब तो मैं मिट्टी में सो जाऊंगा, और तू मुझे यत्न से ढूंढ़ेगा पर मेरा पता नहीं मिलेगा।