Psalms · chapter 119 · verse 174
Psalm 119:174 in Hindi
हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूं, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूं।
He yahovaa, maim tujh se uddhaar paane kee abhilaashaa karataa hoom, maim teree vyavasthaa se sukhee hoon.
Psalm 119:174 in English
- King James Version (KJV)
- I have longed for thy salvation, O LORD; and thy law [is] my delight.
- World English Bible (WEB)
- I have longed for your salvation, LORD. Your law is my delight.
- American Standard Version (ASV)
- I have longed for thy salvation, O Jehovah; And thy law is my delight.
- Bible in Basic English (BBE)
- All my desire has been for your salvation, O Lord; and your law is my delight.
- Darby Translation (DBY)
- I have longed for thy salvation, O Jehovah, and thy law is my delight.
- Webster's Bible (WBS)
- I have longed for thy salvation, O LORD; and thy law [is] my delight.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have longed for Thy salvation, O Jehovah, And Thy law [is] my delight.
Read in context
- 172मैं तेरे वचन का गीत गाऊंगा, क्योंकि तेरी सब आज्ञाएं धर्ममय हैं।
- 173तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों को अपनाया है।
- 174हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूं, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूं।
- 175मुझे जिला, और मैं तेरी स्तुति करूंगा, तेरे नियमों से मेरी सहायता हो।
- 176मैं खोई हुई भेड़ की नाईं भटका हूं; तू अपने दास को ढूंढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया।।
Cross references
- Psalm 119:166–167 भजन संहिता 119:166–167हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूं; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूं। मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूं, और उन से बहुत प्रीति रखता आया हूं।
- Psalm 119:16 भजन संहिता 119:16मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।।
- Psalm 119:111 भजन संहिता 119:111मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।
- Psalm 119:47 भजन संहिता 119:47क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं।
- Psalm 1:2 भजन संहिता 1:2परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है।
- Psalm 119:162 भजन संहिता 119:162जैसे कोई बड़ी लूट पाकर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं।
- Romans 8:23–25 रोमियों 8:23–25और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कहरते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात् अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं। आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा? परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जाहते भी हैं।।
- Romans 7:22–25 रोमियों 7:22–25क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं। परन्तु मुझे अपने अंगो में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है। मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा? मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं: निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूं।।
- Philippians 1:23 फिलिप्पियों 1:23क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच करके मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
- Psalm 119:24 भजन संहिता 119:24तेरी चितौनियां मेरा सुखमूल और मेरे मन्त्री हैं।।
- Proverbs 13:12 नीतिवचन 13:12जब आशा पूरी होने से विलम्ब होता है, तो मन शिथिल होता है, परन्तु जब लालसा पूरी होती है, तब जीवन का वृक्ष लगता है।
- Psalm 119:77 भजन संहिता 119:77तेरी दया मुझ पर हो, तब मैं जीवित रहूंगा; क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूं।