Psalms · chapter 120 · verse 2
Psalm 120:2 in Hindi
हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।।
He yahovaa, jhooth bolanevaale munh se aur chhalee jeebh se meree rakshaa kar..
Psalm 120:2 in English
- King James Version (KJV)
- Deliver my soul, O LORD, from lying lips, [and] from a deceitful tongue.
- World English Bible (WEB)
- Deliver my soul, LORD, from lying lips, from a deceitful tongue.
- American Standard Version (ASV)
- Deliver my soul, O Jehovah, from lying lips, [And] from a deceitful tongue.
- Bible in Basic English (BBE)
- O Lord, be the saviour of my soul from false lips, and from the tongue of deceit.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah, deliver my soul from the lying lip, from the deceitful tongue.
- Webster's Bible (WBS)
- Deliver my soul, O LORD, from lying lips, [and] from a deceitful tongue.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O Jehovah, deliver my soul from a lying lip, From a deceitful tongue!
Read in context
- 1संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उस ने मेरी सुन ली।
- 2हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।।
- 3हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
- 4वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
Cross references
- Psalm 140:1–3 भजन संहिता 140:1–3हे यहोवा, मुझ को बुरे मनुष्य से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर, क्योंकि उन्हों ने मन में बुरी कल्पनाएं की हैं; वे लगातार लड़ाइयां मचाते हैं। उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।।
- Proverbs 12:22 नीतिवचन 12:22झूठों से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विश्वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है।
- Psalm 52:2–4 भजन संहिता 52:2–4तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है। तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है। हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- Psalm 109:1–2 भजन संहिता 109:1–2हे परमेश्वर तू जिसकी मैं स्तुति करता हूं, चुप न रह। क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरूद्ध मुंह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं।
- Matthew 26:59–62 मत्ती 26:59–62महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई। अन्त में दो जनों ने आकर कहा, कि उस ने कहा है; कि मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं। तब महायाजक ने खड़े होकर उस से कहा, क्या तू कोई उत्तर नहीं देता? ये लोग तेरे विरोध में क्या गवाही देते हैं? परन्तु यीशु चुप रहा: महायाजक ने उस से कहा।
- Psalm 35:11 भजन संहिता 35:11झूठे साक्षी खड़े होते हैं; और जो बात मैं नहीं जानता, वही मुझ से पूछते हैं।