Psalms · chapter 120 · verse 4
Psalm 120:4 in Hindi
वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
Veer ke nokeele teer aur jhaaoo ke angaare!
Psalm 120:4 in English
- King James Version (KJV)
- Sharp arrows of the mighty, with coals of juniper.
- World English Bible (WEB)
- Sharp arrows of the mighty, with coals of juniper.
- American Standard Version (ASV)
- Sharp arrows of the mighty, With coals of juniper.
- Bible in Basic English (BBE)
- Sharp arrows of the strong, and burning fire.
- Darby Translation (DBY)
- Sharp arrows of a mighty one, with burning coals of broom-wood.
- Webster's Bible (WBS)
- Sharp arrows of the mighty, with coals of juniper.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Sharp arrows of a mighty one, with broom-coals.
Read in context
- 2हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।।
- 3हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
- 4वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
- 5हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
- 6बहुत काल से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
Cross references
- James 3:5–8 याकूब 3:5–8वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है। जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
- Proverbs 18:21 नीतिवचन 18:21जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- Proverbs 19:9 नीतिवचन 19:9झूठा साक्षी निर्दोष नहीं ठहरता, और जो झूठ बोला करता है, वह नाश होता है।
- Proverbs 16:27 नीतिवचन 16:27अधर्मी मनुष्य बुराई की युक्ति निकालता है, और उसके वचनों से आग लगा जाती है।
- Proverbs 12:22 नीतिवचन 12:22झूठों से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विश्वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है।
- Psalm 45:5 भजन संहिता 45:5तेरे तीर तो तेज हैं, तेरे साम्हने देश देश के लोग गिरेंगे; राजा के शत्रुओं के हृदय उन से छिदेंगे।।
- Proverbs 19:5 नीतिवचन 19:5झूठा साक्षी निर्दोष नहीं ठहरता, और जो झूठ बोला करता है, वह न बचेगा।
- Psalm 59:7 भजन संहिता 59:7उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है?
- Deuteronomy 32:23–24 व्यवस्थाविवरण 32:23–24मैं उन पर विपत्ति पर विपत्ति भेजूंगा; और उन पर मैं अपने सब तीरों को छोडूंगा।। वे भूख से दुबले हो जाएंगे, और अंगारों से और कठिन महारोगों से ग्रसित हो जाएंगे; और मैं उन पर पशुओं के दांत लगवाऊंगा, और धूलि पर रेंगनेवाले सर्पों का विष छोड़ दूंगा।।
- Revelation 21:8 प्रकाशितवाक्य 21:8पर डरपोकों, और अविश्वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों, और व्यभिचारियों, और टोन्हों, और मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा, जो आग और गन्धक से जलती रहती है: यह दूसरी मृत्यु है।।
- Psalm 140:9–11 भजन संहिता 140:9–11मेरे घेरनेवालों के सिर पर उन्हीं का विचारा हुआ उत्पात पड़े! उन पर अंगारे डाले जाएं! वे आग में गिरा दिए जाएं! और ऐसे गड़हों में गिरें, कि वे फिर उठ न सकें! बकवादी पृथ्वी पर स्थिर नहीं होने का; उपद्रवी पुरूष को गिराने के लिये बुराई उसका पीछा करेगी।।
- Psalm 52:5 भजन संहिता 52:5हे ईश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवतों के लोक में तुझे उखाड़ डालेगा।