Job · chapter 9 · verse 2
Job 9:2 in Hindi
मैं निश्चय जानता हूं, कि बात ऐसी ही है; परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धम ठहर सकता है?
Maim nishchay jaanataa hoom, ki baat aisee hee hai; parantu manushy eeshvar kee drushti mem kyonkar dham thahar sakataa hai?
Job 9:2 in English
- King James Version (KJV)
- I know [it is] so of a truth: but how should man be just with God?
- World English Bible (WEB)
- “Truly I know that it is so, but how can man be just with God?
- American Standard Version (ASV)
- Of a truth I know that it is so: But how can man be just with God?
- Bible in Basic English (BBE)
- Truly, I see that it is so: and how is it possible for a man to get his right before God?
- Darby Translation (DBY)
- Of a truth I know it is so; but how can man be just with God?
- Webster's Bible (WBS)
- I know [it to be] so of a truth: but how should man be just with God?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Truly I have known that [it is] so, And what — is man righteous with God?
Read in context
- 1तब अरयूब ने कहा,
- 2मैं निश्चय जानता हूं, कि बात ऐसी ही है; परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धम ठहर सकता है?
- 3चाहे वह उस से मुक़ मा लड़ना भी चाहे तौभी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
- 4वह बुध्दिमान और अति सामथ हैे उसके विरोध में हठ करके कौन कभी प्रबल हुआ है?
Cross references
- Job 4:17 अय्यूब 4:17क्या नाशमान मनुष्य ईश्वर से अधिक न्यायी होगा? क्या मनुष्य अपने सृजनहार से अधिक पवित्रा हो सकता है?
- Psalm 143:2 भजन संहिता 143:2और अपने दास से मुक मा न चला! क्योंकि कोई प्राणी तेरी दृष्टि में निर्दोष नहीं ठहर सकता।।
- Job 25:4 अय्यूब 25:4फिर मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में धम क्योंकर ठहर सकता है? और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ है वह क्योंकर निर्मल हो सकता है?
- Romans 3:20 रोमियों 3:20क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
- Psalm 130:3 भजन संहिता 130:3हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा?
- 1 Kings 8:46 1 राजा 8:46निष्पाप तो कोई मनुष्य नहीं है: यदि ये भी तेरे विरूद्ध पाप करें, और तू उन पर कोप करके उन्हें श.ाुओं के हाथ कर दे, और वे उनको बन्धुआ करके अपने देश को चाहे वह दूर हो, चाहे निकट ले जवएं,
- Job 32:2 अय्यूब 32:2और बूजी बारकेल का पुत्रा एलीहू जो राम के कुल का था, उसका क्रोध भड़क उठा। अरयूब पर उसका क्रोध इसलिये भड़क उठा, कि उस ने परमेश्वर को नहीं, अपने ही को निदष ठहराया।
- Job 33:9 अय्यूब 33:9मैं तो पवित्रा और निरपराध और निष्कलंक हूँ; और मुझ में अर्ध्म नहीं है।
- Job 34:5 अय्यूब 34:5क्योंकि अरयूब ने कहा है, कि मैं निदष हूँ, और ईश्वर ने मेरा हक़ मार दिया है।
- Job 14:3–4 अय्यूब 14:3–4फिर क्या तू ऐसे पर दृष्टि लगाता है? क्या तू मुझे अपने साथ कचहरी में घसीटता है? अशुठ्ठ वस्तु से शुठ्ठ वस्तु को कौन निकाल सकता है? कोई नहीं।