Psalms · chapter 135 · verse 14
Psalm 135:14 in Hindi
यहोवा तो अपनी प्रजा का न्याय चुकाएगा, और अपने दासों की दुर्दशा देखकर तरस खाएगा।
Yahovaa to apanee prajaa kaa nyaay chukaaegaa, aur apane daasom kee durdashaa dekhakar taras khaaegaa.
Psalm 135:14 in English
- King James Version (KJV)
- For the LORD will judge his people, and he will repent himself concerning his servants.
- World English Bible (WEB)
- For the LORD will judge his people and have compassion on his servants.
- American Standard Version (ASV)
- For Jehovah will judge his people, And repent himself concerning his servants.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the Lord will be judge of his people's cause; his feelings will be changed to his servants.
- Darby Translation (DBY)
- For Jehovah will judge his people, and will repent in favour of his servants.
- Webster's Bible (WBS)
- For the LORD will judge his people, and he will repent concerning his servants.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For Jehovah doth judge His people, And for His servants comforteth Himself.
Read in context
- 12और उनके देश को बांटकर, अपनी प्रजा इस्राएल के भाग होने के लिये दे दिया।।
- 13हे यहोवा, तेरा नाम सदा स्थिर है, हे यहोवा जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी- पीढ़ी बना रहेगा।
- 14यहोवा तो अपनी प्रजा का न्याय चुकाएगा, और अपने दासों की दुर्दशा देखकर तरस खाएगा।
- 15अन्यजातियों की मूरतें सोना- चान्दी ही हैं, वे मनुष्यों की बनाई हुई हैं।
- 16उनके मुंह तो रहता है, परन्तु वे बोल नहीं सकतीं, उनके आंखें तो रहती हैं, परन्तु वे देख नहीं सकतीं,
Cross references
- Deuteronomy 32:36 व्यवस्थाविवरण 32:36क्योंकि जब यहोवा देखेगा कि मेरी प्रजा की शक्ति जाती रही, और क्या बन्धुआ और क्या स्वाधीन, उन में कोई बचा नहीं रहा, तब यहोवा अपने लोगों का न्याय करेगा, और अपने दासों के विषय में तरस खाएगा।।
- Jonah 4:2 योना 4:2और उस ने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलम्ब से कोप करनेवाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता।
- Psalm 7:8 भजन संहिता 7:8यहोवा समाज समाज का न्याय करता है; यहोवा मेरे धर्म और खराई के अनुसार मेरा न्याय चुका दे।।
- Psalm 50:4 भजन संहिता 50:4वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर से आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा:
- Judges 10:16 न्यायियों 10:16तब वे पराए देवताओं को अपने मध्य में से दूर करके यहोवा की उपासना करने लगे; और वह इस्राएलियों के कष्ट के कारण खेदित हुआ।।
- Amos 7:3 आमोस 7:3इसके विषय में यहोवा पछताया, और उस से कहा, ऐसी बात अब न होगी।।
- Hosea 11:8–9 होशे 11:8–9हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकि छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा की नाई छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है। मैं अपने क्रोध को भड़कने न दूंगा, और न मैं फिर एप्रैम को नाश करूंगा; क्योंकि मैं मनुष्य नहीं परमेश्वर हूं, मैं तेरे बीच में रहनेवाला पवित्रा हूं; मैं क्रोध करके न आऊंगा।।
- 1 Chronicles 21:15 1 इतिहास 21:15फिर परमेश्वर ने एक दूत यरूशलेम को भी उसे नाश करने को भेजा; और वह नाश करने ही पर था, कि यहोवा दु:ख देने से खेदित हुआ, और नाश करनेवाले दूत से कहा, बस कर; अब अपना हाथ खींच ले। और यहोवा का दूत यबूसी ओर्नान के खलिहान के पास खड़ा था।
- Amos 7:6 आमोस 7:6इसके विषय में भी यहोवा पछताया; और परमेश्वर यहोवा ने कहा, ऐसी बात फिर न होगी।।
- Psalm 90:13 भजन संहिता 90:13हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
- Psalm 96:13 भजन संहिता 96:13यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आनेवाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।।