Psalms · chapter 136 · verse 15
Psalm 136:15 in Hindi
और फिरौन को सेना समेत लाल समुद्र में डाल दिया, उसकी करूणा सदा की है।
Aur phiraun ko senaa samet laal samudr mem daal diyaa, usakee karoonaa sadaa kee hai.
Psalm 136:15 in English
- King James Version (KJV)
- But overthrew Pharaoh and his host in the Red sea: for his mercy [endureth] for ever.
- World English Bible (WEB)
- but overthrew Pharaoh and his army in the Red Sea, for his loving kindness endures forever;
- American Standard Version (ASV)
- But overthrew Pharaoh and his host in the Red Sea; For his lovingkindness [endureth] for ever:
- Bible in Basic English (BBE)
- By him Pharaoh and his army were overturned in the Red Sea: for his mercy is unchanging for ever.
- Darby Translation (DBY)
- And overturned Pharaoh and his host in the Red sea, for his loving-kindness [endureth] for ever;
- Webster's Bible (WBS)
- But overthrew Pharaoh and his army in the Red sea: for his mercy [endureth] for ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And shook out Pharaoh and his force in the sea of Suph, For to the age [is] His kindness.
Read in context
- 13उस ने लाल समुद्र को खण्ड खण्ड कर दिया, उसकी करूणा सदा की है।
- 14और इस्राएल को उसके बीच से पार कर दिया, उसकी करूणा सदा की है।
- 15और फिरौन को सेना समेत लाल समुद्र में डाल दिया, उसकी करूणा सदा की है।
- 16वह अपनी प्रजा को जंगल में ले चला, उसकी करूणा सदा की है।
- 17उस ने बड़े बड़े राजा मारे, उसकी करूणा सदा की है।
Cross references
- Psalm 78:53 भजन संहिता 78:53तब वे उसके चलाने से बेखटके चले और उनको कुछ भय न हुआ, परन्तु उनके शत्रु समुद्र में डूब गए।
- Nehemiah 9:10–11 नहेमायाह 9:10–11और फ़िरौन और उसके सब कर्मचारी वरन उसके देश के सब लोगों को दणड देने के लिये चिन्ह और चमत्कार दिखाए; क्योंकि तू जानता था कि वे उन से अभिमान करते हैं; और तू ने अपना ऐसा बड़ा नाम किया, जैसा आज तक वर्तमान है। और तू ने उनके आगे समुद्र को ऐसा दो भाग किया, कि वे समुद्र के बीच स्थल ही स्थल चलकर पार हो गए; और जो उनके पीछे पड़े थे, उनको तू ने गहिरे स्थानों में ऐसा डाल दिया, जैसा पत्थ्र महाजलराशि में डाला जाए।
- Psalm 135:9 भजन संहिता 135:9हे मि, उस ने तेरे बीच में फिरौन और उसके सब कर्मचारियों के बीच चिन्ह और चमत्कार किए।
- Exodus 14:27–28 निर्गमन 14:27–28तब मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया, और भोर होते होते क्या हुआ, कि समुद्र फिर ज्यों का त्यों अपने बल पर आ गया; और मिद्दी उलटे भागने लगे, परन्तु यहोवा ने उनको समुद्र के बीच ही में झटक दिया। और जल के पलटने से, जितने रथ और सवार इस्राएलियों के पीछे समुद्र में आए थे, सो सब वरन फिरौन की सारी सेना उस में डूब गई, और उस में से एक भी न बचा।
- Psalm 79:6–9 भजन संहिता 79:6–9जो जातियां तुझ को नहीं जानती, और जिन राज्यों के लोग तुझ से प्रार्थना नहीं करते, उन्ही पर अपनी सब जलजलाहट भड़का! क्योंकि उन्हों ने याकूब को निगल लिया, और उसके वासस्थान को उजाड़ दिया है। हमारी हानि के लिये हमारे पुरखाओं के अधर्म के कामों को स्मरण न कर; तेरी दया हम पर शीघ्र हो, क्योंकि हम बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं। हे हमारे उठ्ठारकर्त्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित हमारी सहायता कर; और अपने नाम के निमित हम को छुड़ाकर हमारे पापों को ढांप दे।
- Psalm 65:5 भजन संहिता 65:5हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, हे पृथ्वी के सब दूर दूर देशों के और दूर के समुद्र पर के रहनेवालों के आधार, तू धर्म से किए हुए भयानक कामों के द्वारा हमारा मुंह मांगा वर देगा;
- Luke 1:71–74 लूका 1:71–74अर्थात् हमारे शत्रुओं से, और हमारे सब बैरियों के हाथ से हमारा उद्धार किया है। कि हमारे बाप- दादों पर दया करके अपनी पवित्रा वाचा का स्मरण करे। और वह शपथ जो उस ने हमारे पिता इब्राहीम से खाई थी। कि वह हमें यह देगा, कि हम अपने शत्रुओं के हाथ से छुटकर।
- Exodus 15:4–5 निर्गमन 15:4–5फिरौन के रथों और सेना को उस ने समुद्र में डाल दिया; और उसके उत्तम से उत्तम रथी लाल समुद्र में डूब गए।। गहिरे जल ने उन्हें ढांप लिया; वे पत्थर की नाईं गहिरे स्थानों में डूब गए।।
- Psalm 143:12 भजन संहिता 143:12और करूणा करके मेरे शत्रुओं को सत्यानाश कर, और मेरे सब सतानेवालों का नाश कर डाल, क्योंकि मैं तेरा दास हूं।।
- Exodus 15:10–13 निर्गमन 15:10–13तू ने अपने श्वास का पवन चलाया, तब समुद्र ने उनको ढांप लिया; वे महाजलराशि में सीसे की नाई डूब गए।। हे यहोवा, देवताओं में तेरे तुल्य कौन है? तू तो पवित्राता के कारण महाप्रतापी, और अपनी स्तुति करने वालों के भय के योग्य, और आश्चर्य कर्म का कर्त्ता है।। तू ने अपना दहिना हाथ बढ़ाया, और पृथ्वी ने उनको निगल लिया है।। अपनी करूणा से तू ने अपनी छुड़ाई हुई प्रजा की अगुवाई की है, अपने बल से तू उसे अपने पवित्रा निवासस्थान को ले चला है।।