Psalms · chapter 137 · verse 5
Psalm 137:5 in Hindi
हे यरूशलेम, यदि मैं तुझे भूल जाऊं, तो मेरा दहिना हाथ झूठा हो जाए!
He yarooshalem, yadi maim tujhe bhool jaaoom, to meraa dahinaa haath jhoothaa ho jaae!
Psalm 137:5 in English
- King James Version (KJV)
- If I forget thee, O Jerusalem, let my right hand forget [her cunning].
- World English Bible (WEB)
- If I forget you, Jerusalem, let my right hand forget its skill.
- American Standard Version (ASV)
- If I forget thee, O Jerusalem, Let my right hand forget [her skill].
- Bible in Basic English (BBE)
- If I keep not your memory, O Jerusalem, let not my right hand keep the memory of its art.
- Darby Translation (DBY)
- If I forget thee, Jerusalem, let my right hand forget [its skill];
- Webster's Bible (WBS)
- If I forget thee, O Jerusalem, let my right hand forget [her skill] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- If I forget thee, O Jerusalem, my right hand forgetteth!
Read in context
- 3क्योंकि जो हम को बन्धुए करके ले गए थे, उन्हों ने वहां हम से गीत गवाना चाहा, और हमारे रूलानेवलों ने हम से आनन्द चाहकर कहा, सिरयोन के गीतों में से हमारे लिये कोई गीत गाओ!
- 4हम यहोवा के गीत को, पराए देश में क्योंकर गाएं?
- 5हे यरूशलेम, यदि मैं तुझे भूल जाऊं, तो मेरा दहिना हाथ झूठा हो जाए!
- 6यदि मैं तुझे स्मरण न रखूं, यदि मैं यरूशलेम को अपने सब आनन्द से श्रेष्ठ न जानूं, तो मेरी जीभ तालू से चिपट जाए!
- 7हे यहोवा, यरूशलेम के दिन को एदोमियों के विरूद्ध स्मरण कर, कि वे क्योंकर कहते थे, ढाओ! उसको नेव से ढा दो।
Cross references
- Jeremiah 51:50 यिर्मयाह 51:50हे तलवार से बचे हुओ, भगो, खड़े मत रहो! यहोवा को दूर से स्मरण करो, और यरूशलेम की भी सुधि लोे
- Daniel 6:10–11 दानिय्येल 6:10–11जब दानिरयेल को मालूम हुआ कि उस पत्रा पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेककर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा। तब उन पुरूषों ने उतावली से आकर दानिरयेल को अपने परमेश्वर के सामने बिनती करते और गिड़गिड़ाते हुए पाया।
- Psalm 84:10 भजन संहिता 84:10क्योंकि तेरे आंगनों में का एक दिन और कहीं के हजार दिन से उत्तम है। दुष्टों के डेरों में वास करने से अपने परमेश्वर के भवन की डेवढ़ी पर खड़ा रहना ही मुझे अधिक भावता है।
- Isaiah 62:1 यशायाह 62:1सिरयोन के निमित्त मैं चुप न रहूंगा, और यरूशलेम के निमित्त मैं चैन न लूंगा, जब तक कि उसकी धार्मिकता प्रकाश की नाईं और उसका उद्धार जलते हुए पलीते के समान दिखाई न दे।
- Zechariah 11:17 जकर्याह 11:17हाय उस निकम्मे चरवाहे पर जो भेड़- बकरियों को छोड़ जाता है! उसकी बांह, और दहिनी आंख दोनों पर तलवार लगेगी, तब उसकी बांह सूख जाएगी और उसकी दहिनी आंख फूट जाएगी।।
- Psalm 122:5–9 भजन संहिता 122:5–9वहां तो न्याय के सिंहासन, दाऊद के घराने के लिये धरे हुए हैं।। यरूशलेम की शान्ति का वरदान मांगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें! तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे! अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूंगा कि तुझ में शान्ति होवे! अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूंगा।।
- Isaiah 62:6–7 यशायाह 62:6–7हे यरूशलेम, मैं ने तेरी शहरपनाह पर पहरूए बैठाए हैं; वे दिन- रात कभी चुप न रहेंगे। हे यहोवा को स्मरण करनेवालो, चुप न रहो, और, जब तक वह यरूशलेम को स्थिर करके उसकी प्रशंसा पृथ्वी पर न फैला दे, तब तक उसे भी चैन न लेने दो।
- Psalm 84:1–2 भजन संहिता 84:1–2हे सेनाओं के यहोवा, तेरे निवास क्या ही प्रिय हैं! मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्र्छित हो चला; मेरा तन मन दोंनो जीवते ईश्वर को पुकार रहे।।
- Nehemiah 1:2–4 नहेमायाह 1:2–4तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरूष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा। उन्हों ने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं। ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्थना करता रहा।
- Nehemiah 2:2–3 नहेमायाह 2:2–3तब राजा ने मुझ से पूछा, तू तो रेगी नहीं है, फिर तेरा मुंह क्यों उतरा है? यह तो मन ही की उदासी होगी। तब मैं अत्यन्त डर गया। और राजा से कहा, राजा सदा जीवित रहे! जब वह नगर जिस में मेरे पुरखाओं की कबरें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुंह क्यों न उतरे?
- Psalm 102:13–14 भजन संहिता 102:13–14तू उठकर सिरयोन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुअ समय आ पहुंचा है। क्योंकि तेरे दास उसके पत्थरों को चाहते हैं, और उसकी धूलि पर तरस खाते हैं।